भोरे में आयोजित गोंड आदिवासी सम्मेलन में राजा शंकर शाह और कुंवर रघुनाथ शाह को श्रद्धांजलि दी गई। सम्मेलन में 5% आरक्षण, जनजातीय आवासीय विद्यालय और प्रतिनिधित्व समेत कई मांगें उठीं
भोरे/गोपालगंज न्यूज़: भोरे के लव-कुश मैरेज हॉल में रविवार को अनुसूचित जनजाति मोर्चा (भाजपा) और अखिल भारतीय गोंड आदिवासी संघ, गोपालगंज के संयुक्त तत्वावधान में एक दिवसीय गोंड आदिवासी सम्मेलन सह अमर बलिदानी राजा शंकर शाह एवं कुंवर रघुनाथ शाह शहादत दिवस समारोह आयोजित किया गया। सम्मेलन में गोंड आदिवासी समाज के अधिकार, शिक्षा, प्रतिनिधित्व और सामाजिक विकास से जुड़े कई मुद्दे उठाए गए।
कार्यक्रम की अध्यक्षता मधुसूदन जी ने की, जबकि मंच संचालन रिंकू शाह और बिंदेश्वरी शाह ने संयुक्त रूप से किया। कार्यक्रम की शुरुआत राजा शंकर शाह और कुंवर रघुनाथ शाह के तैलचित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर की गई।
सम्मेलन में वक्ताओं ने राजा शंकर शाह और उनके पुत्र कुंवर रघुनाथ शाह के स्वतंत्रता संग्राम में योगदान को याद किया। दोनों का नाम 1857 के विद्रोह से जुड़े जनजातीय इतिहास में प्रमुख रूप से लिया जाता है। 18 सितंबर को उनके बलिदान दिवस के अवसर पर मध्य प्रदेश समेत कई स्थानों पर श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। सम्मेलन में वक्ताओं ने समाज के लोगों से उनके संघर्ष और आदर्शों को याद करते हुए सामाजिक एकजुटता तथा शिक्षा पर जोर देने की अपील की।
सम्मेलन के दौरान गोंड आदिवासी समाज से जुड़े कई मुद्दों पर प्रस्ताव रखे गए। आयोजकों के अनुसार, प्रमुख मांगों में भोरे प्रखंड में जनजातीय आवासीय विद्यालय का निर्माण कराना शामिल है। इसके अलावा बिहार में आदिवासी समुदाय के लिए 5 प्रतिशत आरक्षण की व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग भी उठाई गई। सम्मेलन में बिहार विधानमंडल में गोंड आदिवासी समुदाय के पात्र सदस्यों को प्रतिनिधित्व देने की मांग रखी गई।
वहीं, बिहार अनुसूचित जनजाति आयोग के सदस्य राजू खरवार के जाति प्रमाण पत्र की निष्पक्ष जांच कराने और जांच के आधार पर उचित कार्रवाई की मांग भी प्रस्ताव में शामिल की गई। गोपालगंज में राजा शंकर शाह और कुंवर रघुनाथ शाह की आदमकद प्रतिमा स्थापित कर उसका अनावरण कराने की मांग भी सम्मेलन में रखी गई।
कार्यक्रम के दौरान समाज सेवा और शिक्षा के क्षेत्र में योगदान देने वाले कई लोगों को सम्मानित किया गया। सम्मानित होने वालों में अनिरुद्ध गोंड, गुलाब गोंड, अवधेश गोंड, ललन गोंड, मोहन गोंड, बहादुर गोंड, बबूना बिहारी गोंड, अंगद गोंड, सुरेश गोंड, श्याम बिहारी गोंड, सनोज गोंड और सुभाष गोंड सहित अन्य लोग शामिल रहे। मंच पर पूर्व विधायक आचार्य विश्वनाथ नाथ बैठा, चुन्नू खां, राजू सिंह, रत्नेश राय, डॉ. मंकेश्वर दत्त राय, अनिरुद्ध कुमार, अरविंद सिंह, धर्मेंद्र कुमार, शत्रुघ्न गुप्ता और राजीव रंजन तिवारी समेत कई लोग मौजूद रहे।

भोरे में आयोजित इस सम्मेलन में शिक्षा, आरक्षण, राजनीतिक प्रतिनिधित्व और ऐतिहासिक जननायकों की स्मृति से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया गया। अब इन प्रस्तावों पर संबंधित स्तर पर क्या कार्रवाई होती है, इस पर लोगों की नजर रहेगी।
FAQ
Q1. भोरे में गोंड आदिवासी सम्मेलन कहां आयोजित हुआ?
भोरे के लव-कुश मैरेज हॉल में सम्मेलन आयोजित हुआ।
Q2. सम्मेलन में किन महापुरुषों को श्रद्धांजलि दी गई?
राजा शंकर शाह और कुंवर रघुनाथ शाह को श्रद्धांजलि दी गई।
Q3. सम्मेलन में 5% आरक्षण की मांग क्यों उठाई गई?
आयोजकों ने बिहार में आदिवासी समुदाय के लिए 5% आरक्षण की व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग रखी।
Q4. गोपालगंज में कौन-सी प्रमुख मांग रखी गई?
राजा शंकर शाह और कुंवर रघुनाथ शाह की आदमकद प्रतिमा स्थापित करने की मांग रखी गई।
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