गोपालगंज (बिहार) न्यूज़: गोपालगंज जिले के सासामुसा पेट्रोल पंप के समीप एक दर्दनाक सड़क हादसा सामने आया है। टीकाकरण कार्य के बाद अपने बेटे के साथ बाइक से लौट रहीं 51 वर्षीय आशा कर्मी टुनी देवी की सड़क हादसे में गंभीर रूप से घायल होने के बाद मौत हो गई है। इस घटना से मृतका के परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।
कैसे हुआ हादसा? जानकारी के अनुसार, टुनी देवी गोपालपुर थाना क्षेत्र के बंजरिया गांव, वार्ड संख्या 14 निवासी मनोज कुमार मिश्रा की पत्नी थीं। वह गांव में आशा कर्मी के तौर पर कार्यरत थीं और स्वास्थ्य विभाग से जुड़कर अपनी सेवाएं दे रही थीं। टीकाकरण कार्य के सिलसिले में वह बंजरिया गांव गई थीं। वहां से वह अपने बेटे हर्षित मिश्रा के साथ बाइक से गोपालगंज लौट रही थीं। इसी दौरान सासामुसा पेट्रोल पंप के पास अचानक उनका संतुलन बिगड़ा और वह बाइक से गिर गईं। हादसे में उन्हें गंभीर चोटें आईं।
घटना के बाद आसपास के लोगों की मदद से घायल टुनी देवी को तुरंत इलाज के लिए सदर अस्पताल पहुंचाया गया। वहां चिकित्सकों ने उनका इलाज शुरू किया, लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका और उनकी मौत हो गई। उनकी मौत की खबर मिलते ही परिजनों में मातम छा गया। पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम की प्रक्रिया शुरू कर दी।
मुआवजा और सरकारी सहायता (उच्च सीपीसी विषय) आशा कर्मियों की ड्यूटी के दौरान मौत होने पर सरकार द्वारा आर्थिक सहायता का प्रावधान है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के तहत कार्यरत आशा कर्मियों की मौत पर उनके परिवारों को 4 लाख रुपये की अनुग्रह राशि दी जाती है। इसके अलावा, कई मामलों में परिजन सरकारी नौकरी और बीमा लाभ की भी मांग करते हैं। टुनी देवी के परिवार को भी नियमानुसार सरकारी सहायता मिलने की उम्मीद है।
FAQs
प्रश्न 1: गोपालगंज में आशा कर्मी टुनी देवी की मौत कैसे हुई? उत्तर: टुनी देवी टीकाकरण कार्य के बाद अपने बेटे के साथ बाइक से लौट रही थीं, तभी सासामुसा पेट्रोल पंप के पास अचानक बाइक से गिर गईं। गंभीर चोटें आने के बाद सदर अस्पताल में इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
प्रश्न 2: टुनी देवी कहां की रहने वाली थीं और क्या काम करती थीं? उत्तर: वह गोपालपुर थाना क्षेत्र के बंजरिया गांव, वार्ड संख्या 14 की रहने वाली थीं और गांव में आशा कर्मी के रूप में कार्यरत थीं।
प्रश्न 3: आशा कर्मी की ड्यूटी के दौरान मौत पर कितना मुआवजा मिलता है? उत्तर: बिहार सरकार के नियमानुसार, ड्यूटी के दौरान आशा कर्मी की मौत होने पर परिवार को लगभग 4 लाख रुपये की अनुग्रह राशि दी जाती है। साथ ही बीमा कंपनियों और अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ भी मिल सकता है।
प्रश्न 4: हादसे के बाद पुलिस ने क्या कार्रवाई की है?
उत्तर: पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है। बाइक से गिरने की असली वजह का पता लगाया जा रहा है।





