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भोरे में भगत सिंह जयंती पर इंकलाब मार्च, चुनाव आयोग की जवाबदेही और मतदाता सूची में पारदर्शिता की मांग

On: September 28, 2026 8:16 PM
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Bhore News
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गोपालगंज के भोरे में भगत सिंह जयंती पर आइसा-आरवाईए ने इंकलाब मार्च निकाला। मतदाता सूची, SIR में पारदर्शिता और चुनाव आयोग की जवाबदेही की मांग उठी

गोपालगंज/भोरे न्यूज़: शहीद-ए-आजम भगत सिंह की जयंती के अवसर पर गोपालगंज जिले के भोरे प्रखंड में आइसा-आरवाईए के बैनर तले इंकलाब मार्च निकाला गया। मार्च के दौरान आयोजकों और कार्यकर्ताओं ने चुनाव आयोग की जवाबदेही, मतदाता सूची में पारदर्शिता और चुनावी प्रक्रिया से जुड़े सवालों पर स्पष्ट जानकारी सार्वजनिक करने की मांग उठाई। कार्यक्रम में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग भी की गई।

आयोजकों के अनुसार, मार्च माले कार्यालय से शुरू होकर भोरे बाजार की प्रमुख सड़कों से गुजरते हुए भोरे चारमुहानी पहुंचा। यहां मार्च सभा में बदल गया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने लोकतंत्र, मतदाता अधिकार और जवाबदेही से जुड़े नारे लगाए।

मतदाता सूची और SIR को लेकर उठाए सवाल – सभा में वक्ताओं ने कहा कि चुनाव आयोग लोकतांत्रिक व्यवस्था की महत्वपूर्ण संवैधानिक संस्था है। इसलिए मतदाता सूची, स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) और चुनावी प्रक्रिया से संबंधित सवालों का जवाब पारदर्शी एवं तथ्यात्मक तरीके से जनता के सामने आना चाहिए।

यह मुद्दा हाल के दिनों में राष्ट्रीय स्तर पर भी चर्चा में रहा है। द इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने Form-6 में किए गए कुछ बदलावों पर आपत्ति दर्ज की थी। रिपोर्ट में दोनों अधिकारियों की आपत्तियों में बदलाव को “illegal” और “unauthorised” बताया गया था। हालांकि, यह अधिकारियों द्वारा रिकॉर्ड पर दर्ज आपत्ति है, किसी न्यायिक फैसले का निष्कर्ष नहीं।

Form-6 नए मतदाताओं के पंजीकरण से संबंधित वैधानिक फॉर्म है। रिपोर्ट के मुताबिक, ऑनलाइन प्रक्रिया में SIR से संबंधित एक अतिरिक्त घोषणा को लेकर सवाल उठे थे।

वहीं, चुनाव आयोग ने बाद में SIR और Form-6 से जुड़े मामलों पर अपना पक्ष रखा। 26 सितंबर की रिपोर्ट के अनुसार आयोग ने कहा कि SIR के दौरान इस्तेमाल होने वाली घोषणा व्यवस्था पर सुप्रीम कोर्ट के आदेश का संदर्भ है और SIR के बाहर सामान्य प्रक्रिया में Registration of Electors Rules, 1960 के तहत निर्धारित फॉर्म का इस्तेमाल किया जाएगा। आयोग ने ECINET की कानूनी और नियमों के अनुरूप कार्यप्रणाली की समीक्षा के लिए विशेषज्ञों वाली समिति बनाने की भी जानकारी दी।

सुभाष पटेल ने क्या कहा? खेग्रामस के जिला सचिव सुभाष पटेल ने कहा कि लोकतंत्र केवल चुनाव कराने तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रत्येक योग्य नागरिक के मताधिकार की सुरक्षा और चुनावी प्रक्रिया में जनता का विश्वास बनाए रखना भी जरूरी है। उन्होंने मतदाता सूची और SIR से जुड़े सवालों की निष्पक्ष जांच तथा पारदर्शी जानकारी सार्वजनिक करने की मांग रखी।

धर्मेंद्र चौहान ने मतदाता अधिकार की बात कही भोरे जिला पार्षद प्रतिनिधि धर्मेंद्र चौहान ने कहा कि गांव और गरीब तबके के नागरिक के लिए मतदान लोकतांत्रिक भागीदारी का महत्वपूर्ण माध्यम है। उनके अनुसार मतदाता सूची में किसी भी बदलाव की प्रक्रिया ऐसी होनी चाहिए, जिससे किसी योग्य मतदाता का अधिकार प्रभावित न हो।

भगत सिंह की विचारधारा का दिया हवाला आइसा नेता प्रभात सिंह कुशवाहा ने कहा कि भगत सिंह की विरासत लोगों को सवाल पूछने और जनता के अधिकारों के लिए आवाज उठाने की प्रेरणा देती है। उन्होंने चुनावी प्रक्रिया से जुड़े सवालों का समाधान पारदर्शिता और जवाबदेही के माध्यम से किए जाने की बात कही।

डोमनपुर के मुखिया कमलेश प्रसाद ने कहा कि ग्रामीण मतदाताओं के लिए मतदाता सूची में नाम होना बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने SIR या किसी भी पुनरीक्षण प्रक्रिया में लोगों को पर्याप्त जानकारी, सुनवाई और आपत्ति दर्ज कराने का अवसर दिए जाने की मांग की।

आरवाईए नेता अर्जुन सिंह ने कहा कि मार्च का उद्देश्य चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग उठाना है। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग को जनता के सामने उठ रहे सवालों का तथ्यात्मक जवाब देना चाहिए।

कार्यक्रम के दौरान आइसा-आरवाईए की ओर से मतदाता अधिकारों की सुरक्षा, चुनावी पारदर्शिता और संवैधानिक संस्थाओं की जवाबदेही सुनिश्चित करने की मांग दोहराई गई। मौके पर सुभाष पटेल, प्रमोद कुशवाहा, शिवजी बिन, सुरेंद्र कुशवाहा, धर्मेंद्र चौहान, कमलेश प्रसाद, प्रभात सिंह कुशवाहा, प्रभावती यादव, सुरेश भगत, बजरंगबली सिंह, विश्वनाथ गुप्ता, रामनाथ पाल, जयराम पंडित, अवधलाल राम, दिनेश यादव समेत बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और नेता मौजूद रहे।

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“भोरे में इंकलाब मार्च”
“मतदाता सूची पर उठे सवाल” – Img

नोट: चुनाव आयोग और SIR से जुड़े राष्ट्रीय स्तर के विवादों पर अलग-अलग पक्षों के बयान सामने आए हैं। इसलिए स्थानीय कार्यक्रम में लगाए गए आरोपों और मांगों को संबंधित वक्ताओं/आयोजकों के बयान के रूप में समझना चाहिए।

FAQs

1. भोरे में इंकलाब मार्च क्यों निकाला गया?
भगत सिंह की जयंती पर आइसा-आरवाईए ने चुनाव आयोग की जवाबदेही, मतदाता सूची में पारदर्शिता और चुनावी प्रक्रिया से जुड़े सवालों को लेकर मार्च निकाला।

2. मार्च कहां से शुरू हुआ था?
आयोजकों के अनुसार मार्च माले कार्यालय से शुरू होकर भोरे बाजार की प्रमुख सड़कों से होते हुए भोरे चारमुहानी पहुंचा।

3. SIR क्या है?
SIR यानी Special Intensive Revision मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण की प्रक्रिया है।

4. Form-6 किस काम आता है?
Form-6 नए पात्र मतदाताओं के मतदाता पंजीकरण के लिए इस्तेमाल किया जाता है। चुनाव आयोग के नागरिक सेवा पोर्टल पर नए मतदाता पंजीकरण के लिए Form-6 उपलब्ध है।

5. कार्यक्रम में किन मांगों को उठाया गया?
कार्यक्रम में मतदाता सूची में पारदर्शिता, चुनावी प्रक्रिया में जवाबदेही, मतदाता अधिकारों की सुरक्षा और SIR से जुड़े सवालों पर स्पष्ट जानकारी की मांग उठाई गई।

6. क्या Form-6 विवाद पर चुनाव आयोग ने अपना पक्ष रखा है?
हां। चुनाव आयोग ने SIR और Form-6 से जुड़े मुद्दों पर स्पष्टीकरण दिया है तथा ECINET की अनुपालन व्यवस्था की समीक्षा के लिए विशेषज्ञ समिति बनाने की जानकारी दी है।

Pratibha Kumari

प्रतिभा कुमारी – 12वीं की छात्रा और वायरल न्यूज़ व देश-दुनिया श्रेणी की कंटेंट राइटर, जो पाठकों को सरल, रोचक और भरोसेमंद खबरें उपलब्ध कराने के लिए जानी जाती हैं। Pratibha Kumari

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