सदर अस्पताल में बेटी के जन्म पर जश्न, गुब्बारों से सजी कार से घर ले गए नवजात
Gopalganj Breaking News: सदर अस्पताल में रविवार को बेटी के जन्म की खुशी का अनोखा नजारा देखने को मिला। सदर प्रखंड के मशानथाना गांव निवासी गुलशन कुमार और उनकी पत्नी उर्मिला देवी के घर शनिवार रात पहली संतान के रूप में बेटी ने जन्म लिया। रविवार को नवजात बच्ची को अस्पताल से घर ले जाते समय परिवार ने कार को रंग-बिरंगे गुब्बारों से सजाया। अस्पताल से बाहर निकलते ही गुब्बारों से सजी कार लोगों के आकर्षण का केंद्र बन गई। परिवार के सदस्यों के चेहरे पर बेटी के जन्म की खुशी साफ दिखाई दे रही थी।
परिजनों ने बताया कि उनके घर पहली बार बेटी के रूप में लक्ष्मी का आगमन हुआ है। इसी खुशी में उन्होंने नवजात बच्ची के स्वागत को यादगार बनाने का फैसला किया। परिवार का कहना है कि बेटी उनके लिए किसी अनमोल उपहार से कम नहीं है। बेटी को अस्पताल से घर ले जाने के लिए कार को खास तरीके से सजाया गया। परिवार की यह पहल आसपास के लोगों के बीच भी चर्चा का विषय बन गई।
सदर अस्पताल के सिविल सर्जन डॉ. मोहम्मद इजराइल ने कहा कि समाज में बेटा और बेटी के बीच किसी तरह का भेदभाव नहीं होना चाहिए। बेटियों को भी समान अधिकार, शिक्षा और सम्मान मिलना जरूरी है। उन्होंने कहा कि पुरानी सोच से ऊपर उठकर बेटियों के जन्म को खुशी के रूप में स्वीकार करना चाहिए। इस तरह से बेटी के जन्म पर खुशी मनाने से समाज में सकारात्मक संदेश जाता है।
सिविल सर्जन ने कहा कि सरकारी अस्पतालों के प्रति लोगों का भरोसा लगातार बढ़ रहा है। अस्पताल से सुरक्षित रूप से नवजात बच्ची को घर ले जाते समय परिवार द्वारा खुशी जाहिर करना एक सकारात्मक सामाजिक संदेश देता है। परिवार की यह तस्वीर और बेटी के स्वागत का अंदाज लोगों को यह संदेश देता है कि बेटियां परिवार की खुशियों और भविष्य का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं।
FAQ
1. सदर अस्पताल में बेटी का जन्म किसके घर हुआ?
सदर प्रखंड के मशानथाना गांव निवासी गुलशन कुमार और उर्मिला देवी के घर बेटी का जन्म हुआ।
2. परिवार ने बेटी के स्वागत के लिए क्या किया?
परिवार ने नवजात बच्ची को घर ले जाने वाली कार को रंग-बिरंगे गुब्बारों से सजाया।
3. बच्ची का जन्म कब हुआ?
परिजनों के अनुसार बच्ची का जन्म शनिवार रात हुआ।
4. बेटी के जन्म पर सिविल सर्जन ने क्या कहा?
सिविल सर्जन डॉ. मोहम्मद इजराइल ने बेटा-बेटी में भेदभाव नहीं करने और बेटियों को समान अधिकार व सम्मान देने की बात कही।
5. बेटी के जन्म पर खुशी मनाने का क्या संदेश है?
बेटी के जन्म पर खुशी मनाने से समाज में बेटियों के प्रति सकारात्मक सोच और समानता का संदेश जाता है।








