थावे में RSS का रक्षाबंधन उत्सव, सामाजिक समरसता और राष्ट्रभाव का दिया संदेश
थावे/गोपालगंज न्यूज़। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की ओर से शनिवार को गोपालगंज जिले के थावे में रक्षाबंधन उत्सव का आयोजन उत्साह और उल्लास के साथ किया गया। कार्यक्रम में संघ के स्वयंसेवकों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े लोगों ने भाग लिया। उत्सव के दौरान स्वयंसेवकों ने एक-दूसरे को रक्षा सूत्र बांधकर सामाजिक समरसता, भाईचारा, समाज की एकता और राष्ट्र के प्रति समर्पण का संकल्प लिया।
कार्यक्रम में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सह प्रान्त प्रचारक, उत्तर बिहार प्रवीर जी मुख्य वक्ता एवं बौद्धिककर्ता के रूप में शामिल हुए। उन्होंने रक्षाबंधन पर्व के सामाजिक और राष्ट्रीय महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला।
रक्षाबंधन केवल भाई-बहन के प्रेम का पर्व नहीं: प्रवीर जी-प्रवीर जी ने कहा कि रक्षाबंधन भारतीय संस्कृति और परंपरा में केवल भाई-बहन के प्रेम का पर्व नहीं है, बल्कि यह परस्पर विश्वास, सहयोग, सुरक्षा और आत्मीयता को मजबूत करने वाला पर्व है। रक्षा सूत्र एक-दूसरे के प्रति जिम्मेदारी और कर्तव्य का बोध कराता है। उन्होंने कहा कि भारतीय समाज की शक्ति उसकी सामाजिक एकता और विविधता में निहित है। समाज के प्रत्येक वर्ग को साथ लेकर चलने तथा आपसी भेदभाव को समाप्त करने की आवश्यकता है। जब समाज एकजुट और संगठित रहेगा, तभी राष्ट्र भी मजबूत बनेगा।
समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचने का आह्वान-मुख्य वक्ता ने स्वयंसेवकों से समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचकर सेवा, सहयोग और सामाजिक समरसता के भाव को मजबूत करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि मौजूदा समय में समाज के सामने कई तरह की चुनौतियां हैं। इनका सामना व्यक्तिगत स्तर के बजाय सामूहिक शक्ति और संगठन के माध्यम से किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति में पर्व-त्योहारों का उद्देश्य केवल उत्सव मनाना नहीं रहा है। इनके माध्यम से समाज को जोड़ने और जीवन-मूल्यों को मजबूत करने की परंपरा रही है। रक्षाबंधन भी सामाजिक एकात्मता और परस्पर दायित्व की भावना को जागृत करने वाला पर्व है।
Rss राष्ट्र, समाज और संस्कृति की रक्षा का संदेश-प्रवीर जी ने कहा कि रक्षा का भाव व्यापक है। राष्ट्र, समाज, संस्कृति, पर्यावरण तथा कमजोर और जरूरतमंद लोगों की रक्षा करना भी प्रत्येक नागरिक का दायित्व है। समाज में एक-दूसरे के प्रति आत्मीयता और विश्वास बढ़ने से सामाजिक भेदभाव और दूरियां कम होंगी। उन्होंने स्वयंसेवकों से राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखते हुए समाज में सकारात्मक वातावरण बनाने के लिए लगातार कार्य करने की अपील की।
स्वयंसेवकों (rss) ने लिया एकता और अखंडता का संकल्प-कार्यक्रम के दौरान स्वयंसेवकों ने एक-दूसरे को रक्षा सूत्र बांधा। इस दौरान उपस्थित लोगों ने सामाजिक समरसता, भाईचारा, राष्ट्र की एकता एवं अखंडता और समाज के प्रति अपने दायित्वों के निर्वहन का संकल्प लिया। उत्सव के दौरान संघ के कार्यकर्ताओं में विशेष उत्साह देखने को मिला। कार्यक्रम में अशोक जी, सह जिला संघचालक, गोपालगंज; हेमंत जी, जिला कार्यवाह, गोपालगंज; जितेश कुमार, जिला प्रचारक, गोपालगंज; मुन्ना तिवारी, खंड कार्यवाह, थावे; आनंद मोहन पांडेय, कार्यालय प्रमुख; संदीप गिरी, जिला अध्यक्ष भाजपा; भानु श्रीवास्तव, मनीष गुप्ता, सानू सिंह और राकेश कुमार सहित संघ के सैकड़ों स्वयंसेवक एवं सामाजिक कार्यकर्ता मौजूद रहे।
FAQ: थावे RSS रक्षाबंधन उत्सव
Q1. थावे में रक्षाबंधन उत्सव किसने आयोजित किया?
थावे में रक्षाबंधन उत्सव का आयोजन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की ओर से किया गया।
Q2. कार्यक्रम के मुख्य वक्ता कौन थे?
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता एवं बौद्धिककर्ता RSS के उत्तर बिहार सह प्रान्त प्रचारक प्रवीर जी थे।
Q3. रक्षाबंधन उत्सव में क्या संकल्प लिया गया?
स्वयंसेवकों ने सामाजिक समरसता, भाईचारा, राष्ट्र की एकता-अखंडता और समाज के प्रति दायित्व निभाने का संकल्प लिया।
Q4. रक्षाबंधन का सामाजिक महत्व क्या बताया गया?
कार्यक्रम में रक्षाबंधन को आपसी विश्वास, सहयोग, सुरक्षा, आत्मीयता और सामाजिक एकता मजबूत करने वाला पर्व बताया गया।
Q5. कार्यक्रम में कौन-कौन शामिल हुए?
कार्यक्रम में संघ के पदाधिकारियों, स्वयंसेवकों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और अन्य लोगों सहित सैकड़ों लोगों ने भाग लिया।










