भोरे/गोपालगंज न्यूज़: गोपालगंज के भोरे मे मतदाता सूची में कथित गड़बड़ी, SIR के दौरान पात्र मतदाताओं के नाम हटाए जाने तथा चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली के विरोध में बुधवार को महागठबंधन के आह्वान पर भोरे में ‘ज्ञानेश कुमार हटाओ–लोकतंत्र बचाओ’ मार्च निकाला गया। मार्च भाकपा-माले कार्यालय, भोरे से शुरू होकर चारमोहानी होते हुए ब्लॉक गेट के समीप मुख्य सड़क पर पहुंचा, जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का पुतला दहन किया गया। इसके बाद मार्च जनसभा में तब्दील हो गया।
सभा को संबोधित करते हुए भाकपा-माले के प्रखंड सचिव सुभाष पटेल ने कहा कि SIR के नाम पर मतदाता सूची से पात्र लोगों के नाम हटाना लोकतांत्रिक अधिकारों पर हमला है। उन्होंने SIR को तत्काल निलंबित करने और हटाए गए सभी पात्र मतदाताओं के नाम बहाल करने की मांग की।
महागठबंधन नेताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने, चुनाव आयोग की स्वतंत्र एवं लोकतांत्रिक कार्यप्रणाली बहाल करने तथा चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति की वर्तमान व्यवस्था में बदलाव की मांग की। नेताओं ने नियुक्ति समिति में सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश को शामिल करने की भी मांग उठाई।
वक्ताओं ने कहा कि चुनाव आयोग जैसी संवैधानिक संस्था की निष्पक्षता पर सवाल उठना लोकतंत्र के लिए गंभीर चिंता का विषय है। उन्होंने SIR के बाद हुए बिहार विधानसभा चुनाव को रद्द करने की भी मांग की। नेताओं ने कहा कि मतदाता अधिकार और लोकतंत्र की रक्षा के लिए महागठबंधन का संघर्ष सड़क से लेकर सदन तक जारी रहेगा।
मार्च का नेतृत्व भाकपा-माले के प्रखंड सचिव सुभाष पटेल, जिला कमिटी सदस्य सह डोमनपुर पंचायत के मुखिया कमलेश प्रसाद, आइसा-आरवाईए प्रभारी धर्मेंद्र चौहान, जिला आइसा अध्यक्ष प्रभात कुमार सिंह, राजद प्रखंड अध्यक्ष ऋषि कुमार यादव, शत्रुघ्न यादव, पूर्व राजद प्रखंड अध्यक्ष रवींद्र राम, राजेश यादव, राम अवधेश यादव, कांग्रेस के जिला नेता हरिनारायण सिंह कुशवाहा और अनूप कुमार सिंह ने किया। कार्यक्रम में महागठबंधन के कार्यकर्ता एवं समर्थक बड़ी संख्या में मौजूद रहे।








