गोपालगंज में SIR के विरोध में महागठबंधन ने आक्रोश मार्च निकाला। मौनिया चौक पर CEC के इस्तीफे की मांग को लेकर पुतला फूंका गया
गोपालगंज न्यूज़: SIR के विरोध में गुरुवार को गोपालगंज में महागठबंधन के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने बड़ा आक्रोश मार्च निकाला। निष्पक्ष और पारदर्शी चुनावी प्रक्रिया सुनिश्चित करने, संविधान की रक्षा और मुख्य निर्वाचन आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर सैकड़ों कार्यकर्ता सड़क पर उतरे। इस दौरान शहर में ‘वोट बचाओ-देश बचाओ’, ‘लोकतंत्र बचाओ’ और ‘संविधान बचाओ’ जैसे नारे लगाए गए।
महागठबंधन का यह आक्रोश मार्च गोपालगंज शहर के विभिन्न मार्गों से होते हुए मौनिया चौक पहुंचा। यहां पहुंचने के बाद विरोध प्रदर्शन पुतला दहन में बदल गया। प्रदर्शनकारियों ने चुनावी प्रक्रिया और SIR को लेकर अपनी आपत्ति जताते हुए सरकार और निर्वाचन व्यवस्था के खिलाफ नारेबाजी की।
गोपालगंज में निकाले गए आक्रोश मार्च में महागठबंधन के विभिन्न घटक दलों के नेता और कार्यकर्ता शामिल हुए। मौनिया चौक पर प्रदर्शनकारियों ने पुतला फूंका और अपनी मांगों को लेकर आवाज बुलंद की। कार्यक्रम में कांग्रेस जिलाध्यक्ष ओम प्रकाश गर्ग, राजद जिलाध्यक्ष दिलीप सिंह और माले नेता सुभाष सिंह समेत कई नेता मौजूद रहे। नेताओं ने कहा कि लोकतंत्र में चुनाव जनता के विश्वास का आधार है और चुनावी प्रक्रिया का निष्पक्ष, पारदर्शी तथा विश्वसनीय होना जरूरी है।
आक्रोश मार्च के दौरान कार्यकर्ताओं ने ‘वोट बचाओ-देश बचाओ’, ‘लोकतंत्र बचाओ’ और ‘संविधान बचाओ’ के नारे लगाए। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि मताधिकार की रक्षा लोकतंत्र को मजबूत करने के लिए बेहद जरूरी है। महागठबंधन नेताओं ने कहा कि SIR और चुनावी प्रक्रिया को लेकर जो सवाल उठाए जा रहे हैं, उनका संतोषजनक समाधान होना चाहिए। उन्होंने कहा कि जनता के बीच चुनाव प्रक्रिया को लेकर विश्वास कायम रहना लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए आवश्यक है।
कांग्रेस जिलाध्यक्ष ओम प्रकाश गर्ग और राजद जिलाध्यक्ष दिलीप सिंह ने कहा कि लोकतंत्र की मजबूती के लिए चुनाव प्रक्रिया निष्पक्ष और पारदर्शी होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक नागरिक के मताधिकार की रक्षा करना सभी की जिम्मेदारी है। नेताओं के अनुसार, ‘वोट बचाओ-देश बचाओ’ अभियान का उद्देश्य लोगों को लोकतंत्र और संविधान के प्रति जागरूक करना है। उन्होंने कहा कि जब तक चुनावी प्रक्रिया से जुड़े सवालों का संतोषजनक समाधान नहीं होता, तब तक लोकतांत्रिक तरीके से विरोध दर्ज कराया जाता रहेगा।
महागठबंधन के नेताओं ने कहा कि लोकतांत्रिक मूल्यों, संविधान और जनता के मताधिकार की रक्षा के लिए उनकी आवाज आगे भी उठती रहेगी। गोपालगंज में हुआ यह प्रदर्शन इसी अभियान का हिस्सा बताया गया। विरोध प्रदर्शन के दौरान किसी अप्रिय घटना की जानकारी सामने नहीं आई। कार्यक्रम में महागठबंधन के विभिन्न दलों के स्थानीय नेता और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे।
FAQ
Q1. गोपालगंज में महागठबंधन ने आक्रोश मार्च क्यों निकाला?
गोपालगंज में महागठबंधन ने SIR के विरोध और चुनावी प्रक्रिया को निष्पक्ष एवं पारदर्शी बनाने की मांग को लेकर आक्रोश मार्च निकाला।
Q2. गोपालगंज में महागठबंधन का मार्च कहां पहुंचा?
आक्रोश मार्च शहर के विभिन्न मार्गों से होते हुए मौनिया चौक पहुंचा, जहां पुतला दहन किया गया।
Q3. प्रदर्शन में कौन-कौन से नारे लगाए गए?
प्रदर्शन के दौरान ‘वोट बचाओ-देश बचाओ’, ‘लोकतंत्र बचाओ’ और ‘संविधान बचाओ’ जैसे नारे लगाए गए।
Q4. महागठबंधन ने किसके इस्तीफे की मांग की?
प्रदर्शन के दौरान महागठबंधन नेताओं और कार्यकर्ताओं ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की।
Q5. प्रदर्शन में कौन-कौन से नेता शामिल हुए?
कार्यक्रम में कांग्रेस जिलाध्यक्ष ओम प्रकाश गर्ग, राजद जिलाध्यक्ष दिलीप सिंह, माले नेता सुभाष सिंह समेत महागठबंधन के विभिन्न घटक दलों के नेता और कार्यकर्ता शामिल हुए।








