विश्व स्तनपान सप्ताह पर गोपालगंज में गोदभराई और अन्नप्राशन कार्यक्रम, नवजात को एक घंटे में स्तनपान कराने पर जोर
गोपालगंज: विश्व स्तनपान सप्ताह के अवसर पर सोमवार को गोपालगंज जिले के बनकटामल आंगनबाड़ी केंद्र संख्या-57 पर गोदभराई एवं अन्नप्राशन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य गर्भवती महिलाओं, धात्री माताओं और उनके परिवार के सदस्यों को स्तनपान के महत्व, नवजात शिशुओं के बेहतर पोषण और कुपोषण से बचाव के प्रति जागरूक करना था।
कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (डीपीओ) रंजना कुमारी तथा बाल विकास परियोजना पदाधिकारी (सीडीपीओ) किरण कुमारी ने की। महिला पर्यवेक्षिका लक्ष्मी देवी, प्रखंड समन्वयक सीता सिंह एवं आंगनबाड़ी सेविका मीना देवी की देखरेख में आयोजित इस कार्यक्रम में भोरे प्रखंड के सेक्टर-3 की सभी आंगनबाड़ी सेविकाओं ने सक्रिय भागीदारी निभाई।
जन्म के एक घंटे के भीतर स्तनपान शुरू करने की अपील
अधिकारियों ने बताया कि इस वर्ष विश्व स्तनपान सप्ताह की थीम “जीवन की सतत और स्वस्थ शुरुआत के लिए स्तनपान : प्रभावी प्रयासों को और मजबूत बनाएं” रखी गई है। इस अभियान का उद्देश्य अधिक से अधिक माताओं को स्तनपान के प्रति जागरूक करना और नवजात शिशुओं के बेहतर स्वास्थ्य को सुनिश्चित करना है।
कार्यक्रम में उपस्थित महिलाओं को बताया गया कि नवजात शिशु को जन्म के एक घंटे के भीतर मां का दूध अवश्य पिलाना चाहिए। जन्म के बाद पहले छह माह तक केवल मां का दूध ही बच्चे के लिए संपूर्ण और सर्वोत्तम आहार माना जाता है। इसके बाद बच्चे को पूरक आहार के साथ दो वर्ष या उससे अधिक समय तक स्तनपान जारी रखने की सलाह दी गई।
जिलेभर में चलेंगे जागरूकता कार्यक्रम
डीपीओ रंजना कुमारी ने बताया कि 1 से 7 अगस्त तक विश्व स्तनपान सप्ताह के तहत जिले के विभिन्न आंगनबाड़ी केंद्रों पर गोदभराई, अन्नप्राशन, शपथ ग्रहण, पोषण जागरूकता अभियान और स्वास्थ्य संबंधी कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इन कार्यक्रमों का उद्देश्य माताओं और परिवारों को सही जानकारी उपलब्ध कराना तथा कुपोषण को कम करना है।
कुपोषण मुक्त समाज बनाने का संदेश
कार्यक्रम के दौरान सभी उपस्थित लोगों ने संकल्प लिया कि प्रत्येक नवजात शिशु को समय पर स्तनपान शुरू कराया जाएगा और परिवारों को इसके लिए लगातार जागरूक किया जाएगा। साथ ही माताओं का सम्मान करने, बच्चों के बेहतर पोषण को बढ़ावा देने और कुपोषण मुक्त समाज के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने की शपथ भी दिलाई गई। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार स्तनपान से बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत होती है, संक्रमण का खतरा कम होता है और उनका मानसिक एवं शारीरिक विकास बेहतर होता है। वहीं माताओं के स्वास्थ्य पर भी इसके सकारात्मक प्रभाव पड़ते हैं।
सरकार और महिला एवं बाल विकास विभाग लगातार विभिन्न योजनाओं और जागरूकता अभियानों के माध्यम से मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य को बेहतर बनाने की दिशा में कार्य कर रहे हैं। विश्व स्तनपान सप्ताह इसी प्रयास का महत्वपूर्ण हिस्सा है, जिससे अधिक से अधिक परिवारों तक सही जानकारी पहुंचाई जा सके और स्वस्थ समाज के निर्माण की दिशा में प्रभावी कदम उठाए जा सकें।

FAQ
Q1. विश्व स्तनपान सप्ताह कब मनाया जाता है?
Ans: हर वर्ष 1 अगस्त से 7 अगस्त तक।
Q2. गोपालगंज में कार्यक्रम कहां आयोजित हुआ?
Ans: बनकटामल आंगनबाड़ी केंद्र संख्या-57 में।
Q3. नवजात को स्तनपान कब शुरू कराना चाहिए?
Ans: जन्म के एक घंटे के भीतर।
Q4. पहले छह माह तक बच्चे को क्या देना चाहिए?
Ans: केवल मां का दूध।
Q5. इस वर्ष विश्व स्तनपान सप्ताह की थीम क्या है?
Ans: “जीवन की सतत और स्वस्थ शुरुआत के लिए स्तनपान : प्रभावी प्रयासों को और मजबूत बनाएं।”







