अनुदान की मांग को लेकर शिक्षक-कर्मियों का धरना, 14 सितंबर तक भुगतान नहीं तो आमरण अनशन
छपरा/सारण न्यूज़: जय प्रकाश विश्वविद्यालय (JPU) से संबद्ध डिग्री महाविद्यालयों के शिक्षक एवं शिक्षकेतर कर्मचारियों ने अपनी नौ सूत्री मांगों को लेकर बुधवार को विश्वविद्यालय परिसर में एक दिवसीय धरना दिया। आंदोलनकारियों ने विश्वविद्यालय प्रशासन से लंबित अनुदान समेत अन्य मांगों पर जल्द निर्णय लेने की मांग की है।
धरने के दौरान शिक्षक एवं शिक्षकेतर कर्मचारियों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ाया जाएगा। महासंघ की ओर से स्पष्ट किया गया कि 14 सितंबर तक अनुदान का वितरण नहीं होने पर आमरण अनशन शुरू किया जाएगा।
नौ सूत्री मांगों को लेकर JPU परिसर में धरना, JPU Teacher Staff Protest – यह धरना बिहार राज्य संबद्ध डिग्री महाविद्यालय शिक्षक शिक्षकेतर कर्मचारी महासंघ (फैक्टनेब) के आह्वान पर आयोजित किया गया। धरने की अध्यक्षता प्रो. जयकिशोर सिंह ने की, जबकि संचालन संयोजक प्रो. पाठक अरुण कुमार सुमन ने किया। धरने में शामिल कर्मचारियों ने कहा कि संबद्ध डिग्री महाविद्यालयों के शिक्षकों और कर्मचारियों की विभिन्न मांगें लंबे समय से लंबित हैं। ऐसे में विश्वविद्यालय प्रशासन को इन मामलों में जल्द पहल करनी चाहिए।
JPU Teacher Staff Protest 2011 का अनुदान अब तक लंबित-धरने को संबोधित करते हुए शिक्षक नेता प्रो. जयराम यादव ने कहा कि जय प्रकाश विश्वविद्यालय में वर्ष 2011 का अनुदान अब तक लंबित है। उन्होंने दावा किया कि कई अन्य विश्वविद्यालयों में वर्ष 2018 तक का अनुदान वितरित किया जा चुका है।उन्होंने कहा कि संबद्ध महाविद्यालयों के शिक्षक एवं शिक्षकेतर कर्मचारियों को अपने लंबित अनुदान के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। महासंघ की ओर से लंबित अनुदान के भुगतान को लेकर चरणबद्ध आंदोलन की तैयारी का आह्वान किया गया।
JPU Teacher Staff Protest News सत्र 2008-11 के अनुदान के भुगतान की मांग- महासंघ ने सत्र 2008-11 के लंबित अनुदान को सभी संबद्ध महाविद्यालयों को जल्द जारी करने की मांग की। इसके अलावा सभी लंबित अनुदानों का एकमुश्त भुगतान करने की मांग भी उठाई गई। कर्मचारियों ने बकाया अनुदान का भुगतान महंगाई दर के अनुरूप करने, वेतन और पेंशन भुगतान सुनिश्चित करने तथा सीनेट सदस्यों के चयन की प्रक्रिया पूरी करने की मांग रखी।
JPU Teacher Staff Protest विश्वविद्यालय अधिनियम 2026 रद्द करने की मांग- धरने के दौरान प्रदर्शनकारियों ने विश्वविद्यालय अधिनियम 2026 को रद्द करने की मांग भी उठाई। इसके साथ ही न्यायालय के न्यायिक निर्णयों को जल्द लागू करने और सभी संबद्ध महाविद्यालयों में शासी निकाय का विधिवत गठन करने की मांग की गई। आंदोलनकारियों का कहना है कि उनकी मांगों पर विश्वविद्यालय प्रशासन और संबंधित स्तर पर गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए।
JPU Teacher Staff Protest update 14 सितंबर के बाद आमरण अनशन की चेतावनी-धरने को संबोधित करते हुए संयोजक प्रो. पाठक अरुण कुमार सुमन ने कहा कि यदि 14 सितंबर तक अनुदान का वितरण नहीं किया गया, तो आमरण अनशन शुरू किया जाएगा। फैक्टनेब के राज्य प्रतिनिधि प्रो. प्रह्लाद सिंह और मीडिया प्रभारी प्रो. भूपेश भीम ने भी इस घोषणा का समर्थन किया। इससे संकेत मिलता है कि मांगों पर जल्द निर्णय नहीं होने की स्थिति में आंदोलन और व्यापक हो सकता है।
JPU Teacher Staff Protest new update आंदोलन तेज करने का आह्वान-धरने में प्रो. राजकिशोर सिंह, प्राचार्य निरंजन कुमार, प्रो. राजेंद्र राय, प्रो. जयबीर ओझा, प्रो. नवीन ओझा, प्रो. राकेश रंजन, प्रो. अखिलेश सिंह, प्रो. डॉ. मोहन कुमार सिंह और प्रो. मनोरमा कुमारी समेत अन्य वक्ताओं ने संबोधित किया। वक्ताओं ने कहा कि यदि शिक्षक एवं शिक्षकेतर कर्मचारियों की मांगों पर जल्द निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। उन्होंने सभी संबद्ध महाविद्यालयों के शिक्षक एवं कर्मचारियों से आगे के संघर्ष के लिए तैयार रहने की अपील की।

JPU Teacher Staff Protest 2026 क्या है पूरा मामला? JPU से संबद्ध डिग्री महाविद्यालयों के शिक्षक एवं शिक्षकेतर कर्मचारी लंबे समय से लंबित अनुदान समेत कई मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। बुधवार को विश्वविद्यालय परिसर में एक दिवसीय धरने के बाद महासंघ ने चरणबद्ध आंदोलन की चेतावनी दी है। अब सभी की नजर 14 सितंबर की समयसीमा पर है। यदि तब तक अनुदान वितरण नहीं होता है, तो महासंघ की घोषणा के अनुसार आमरण अनशन शुरू किया जा सकता है।
FAQ – JPU Teacher Staff Protest 2026
1. JPU Teacher-Staff Protest क्यों हुआ?
जय प्रकाश विश्वविद्यालय से संबद्ध डिग्री महाविद्यालयों के शिक्षक एवं शिक्षकेतर कर्मचारियों ने नौ सूत्री मांगों को लेकर धरना दिया।
2. JPU के शिक्षक-कर्मचारियों की मुख्य मांग क्या है?
मुख्य मांगों में लंबित अनुदान का भुगतान, वेतन-पेंशन सुनिश्चित करना और अन्य प्रशासनिक मांगें शामिल हैं।
3. JPU का कौन-सा अनुदान लंबित है?
प्रदर्शनकारियों ने सत्र 2008-11 और वर्ष 2011 से संबंधित लंबित अनुदान के भुगतान की मांग उठाई है।
4. 14 सितंबर को क्या होगा?
महासंघ के अनुसार, यदि 14 सितंबर तक अनुदान का वितरण नहीं हुआ तो आमरण अनशन शुरू करने की घोषणा की गई है।
5. क्या JPU में आंदोलन आगे भी जारी रहेगा?
हां। महासंघ ने मांगें पूरी नहीं होने पर चरणबद्ध आंदोलन को आगे बढ़ाने की चेतावनी दी है।
6. JPU से संबद्ध कॉलेजों के कर्मचारियों की कितनी मांगें हैं?
महासंघ ने कुल नौ सूत्री मांगें रखी हैं।
7. क्या विश्वविद्यालय अधिनियम 2026 को लेकर भी विरोध है?
हां। धरने के दौरान प्रदर्शनकारियों ने विश्वविद्यालय अधिनियम 2026 को रद्द करने की मांग भी उठाई।










