गोपालगंज: बिहार के गोपालगंज जिले के कटेया थाना क्षेत्र के डुमरौना गांव से एक बेहद दर्दनाक घटना सामने आई है। खेत में सोहनी (निराई-गुड़ाई) कर रही 15 वर्षीय छात्रा की नंगे बिजली के तार की चपेट में आने से मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद पूरे गांव में मातम का माहौल है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए गोपालगंज सदर अस्पताल भेज दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है।
मृतका की पहचान रागिनी कुमारी (15 वर्ष) के रूप में हुई है। वह कमलेश यादव की बेटी थी और गांव के एक विद्यालय में नौवीं कक्षा की छात्रा थी। बताया जा रहा है कि करीब चार महीने पहले ही उसकी मां का निधन हुआ था। अब इस हादसे ने परिवार पर दुखों का पहाड़ तोड़ दिया है।
खेत में काम के दौरान हुआ हादसा
परिजनों के अनुसार, रागिनी रोज की तरह अपने खेत में कृषि कार्य और सोहनी करने गई थी। इसी दौरान पास के एक केले के खेत की सुरक्षा के लिए लगाए गए लोहे के तार में प्रवाहित बिजली के संपर्क में वह आ गई। छात्रा को इस बात की जानकारी नहीं थी कि तार में बिजली छोड़ी गई है। जैसे ही उसका हाथ तार से टकराया, उसे जोरदार करंट लगा और वह मौके पर ही गिर पड़ी। आसपास मौजूद लोगों ने उसे बचाने की कोशिश की, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी।
अवैध बिजली तार लगाने का आरोप
घटना के बाद परिजनों ने गांव के कुछ खेत मालिकों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि फसल को जानवरों से बचाने के लिए अवैध रूप से बिजली का करंट तारों में प्रवाहित किया गया था। मौके पर किसी प्रकार का चेतावनी बोर्ड या सुरक्षा व्यवस्था भी नहीं थी। परिजनों का आरोप है कि यही लापरवाही छात्रा की मौत का कारण बनी।
पुलिस ने शुरू की जांच
घटना की सूचना मिलते ही कटेया थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और आसपास के लोगों से पूछताछ भी की।

कटेया थानाध्यक्ष ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। परिजनों की शिकायत और लगाए गए आरोपों के आधार पर पूरे मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है। बताया जा रहा है कि आरोपित परिवार घटना के बाद से घर छोड़कर फरार है।
रागिनी की असमय मौत से पूरे डुमरौना गांव में शोक का माहौल है। ग्रामीणों ने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। स्थानीय लोगों का कहना है कि खेतों की सुरक्षा के नाम पर बिजली प्रवाहित तार लगाना बेहद खतरनाक और जानलेवा है। प्रशासन को ऐसे मामलों पर कड़ी निगरानी रखनी चाहिए ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
फिलहाल पुलिस मामले की हर पहलू से जांच कर रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।






