बेटी हुई है. पापा ने बैलून से सजाई कार और बरसाए गुलाब
गोपालगंज/कटेया न्यूज़: बेटी के जन्म को लेकर समाज में सकारात्मक सोच बढ़ाने की जरूरत के बीच गोपालगंज जिले के कटेया से एक प्रेरणादायक तस्वीर सामने आई है। कटेया थाना क्षेत्र के धरहरा मेला गांव निवासी रामप्रकाश कुशवाहा ने अपनी नवजात बेटी के जन्म की खुशी अनोखे अंदाज में मनाई। उन्होंने पत्नी और नवजात बेटी को अस्पताल से घर ले जाने के लिए कार को रंग-बिरंगे फूलों से सजवाया। इसके बाद अस्पताल कर्मियों के बीच लड्डू बांटकर अपनी खुशी साझा की।
जानकारी के अनुसार, रामप्रकाश कुशवाहा की पत्नी प्रेमशीला ने कटेया रेफरल अस्पताल/प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) में अपनी पहली संतान के रूप में एक स्वस्थ बेटी को जन्म दिया। 30 अगस्त को सुबह 11:59 बजे बेटी के जन्म की सूचना मिलते ही परिवार में खुशी का माहौल बन गया।
नवजात बच्ची का वजन करीब 2.500 किलोग्राम बताया गया है। पहली संतान के रूप में बेटी के जन्म से रामप्रकाश बेहद खुश नजर आए। उन्होंने बेटी के स्वागत को यादगार बनाने का फैसला किया। रविवार को अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद रामप्रकाश ने अपनी पत्नी और नवजात बेटी को घर ले जाने के लिए एक कार किराये पर ली। कार को रंग-बिरंगे फूलों से आकर्षक तरीके से सजाया गया।
जब प्रेमशीला अपनी नवजात बेटी को गोद में लेकर अस्पताल से बाहर निकलीं तो रामप्रकाश ने दोनों का गुलाब की पंखुड़ियों से स्वागत किया। इस दौरान अस्पताल परिसर में मौजूद लोगों की नजर भी इस खास पल पर टिक गई। कई लोगों ने परिवार को बेटी के जन्म की बधाई दी।

बेटी के जन्म की खुशी सिर्फ परिवार तक सीमित नहीं रही। रामप्रकाश ने कटेया रेफरल अस्पताल में तैनात सफाईकर्मियों, स्वास्थ्यकर्मियों और अन्य कर्मचारियों के बीच लड्डू बांटकर खुशी साझा की। उनका कहना है कि बेटी का जन्म उनके लिए किसी सौभाग्य से कम नहीं है। समाज में बेटियों को भी बेटों के समान सम्मान और अवसर मिलना चाहिए।
रामप्रकाश कुशवाहा ने लोगों से अपील करते हुए कहा कि बेटी के जन्म को बोझ नहीं, बल्कि खुशी और सौभाग्य के रूप में देखना चाहिए। उन्होंने कहा कि बेटियों को अच्छी शिक्षा, सम्मान और आगे बढ़ने का पूरा अवसर मिलना चाहिए।
रामप्रकाश कुशवाहा (Ramprakash Kushwaha) का संदेश: “बेटी परिवार के लिए खुशी और सौभाग्य लेकर आती है। हमें बेटियों और बेटों में किसी तरह का भेदभाव नहीं करना चाहिए। हर बेटी को अच्छी शिक्षा, सम्मान और अपने सपनों को पूरा करने का अवसर मिलना चाहिए। बेटी के जन्म पर खुशियां मनाइए और समाज में बेटियों के सम्मान का संदेश दीजिए।”

रामप्रकाश कुशवाहा की इस पहल की कटेया अस्पताल परिसर में खूब चर्चा रही। लोगों ने कहा कि बेटी के जन्म पर इस तरह खुशी मनाना समाज के लिए सकारात्मक संदेश है। ऐसी पहल से बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ, बालिका शिक्षा और महिला सशक्तिकरण जैसे संदेशों को मजबूती मिल सकती है।परिवार ने जिस तरह नवजात बेटी का स्वागत किया, वह न केवल खुशी का पल रहा, बल्कि बेटियों के प्रति सम्मान और समानता का भी संदेश देता नजर आया।
FAQ
Q1. रामप्रकाश कुशवाहा कहां के रहने वाले हैं?
रामप्रकाश कुशवाहा गोपालगंज जिले के कटेया थाना क्षेत्र के धरहरा मेला गांव के निवासी हैं।
Q2. रामप्रकाश ने बेटी के जन्म पर क्या किया?
उन्होंने बेटी और पत्नी को अस्पताल से घर ले जाने के लिए कार को फूलों से सजाया और गुलाब की पंखुड़ियों से उनका स्वागत किया।
Q3. बेटी का जन्म कब हुआ?
दी गई जानकारी के अनुसार नवजात बेटी का जन्म 30 अगस्त की सुबह 11:59 बजे हुआ।
Q4. बच्ची का वजन कितना था?
बच्ची का वजन करीब 2.500 किलोग्राम बताया गया है।
Q5. रामप्रकाश ने अस्पताल कर्मियों के लिए क्या किया?
उन्होंने सफाईकर्मियों, स्वास्थ्यकर्मियों और अन्य अस्पताल कर्मचारियों के बीच लड्डू बांटे।
Q6. रामप्रकाश ने लोगों को क्या संदेश दिया?
उन्होंने बेटी और बेटे में भेदभाव नहीं करने तथा बेटियों को शिक्षा, सम्मान और आगे बढ़ने का समान अवसर देने की अपील की।







