Gopalganj News: कुचायकोट के बनकटा स्कूल का रास्ता बंद, 2 घंटे धूप में इंतजार करते रहे बच्चे, प्रशासन ने शुरू की जांच
गोपालगंज न्यूज़। गोपालगंज जिले के कुचायकोट प्रखंड स्थित प्राथमिक विद्यालय बनकटा दुसाध टोली में शुक्रवार को उस समय हंगामा मच गया, जब विद्यालय जाने वाला रास्ता स्थानीय ग्रामीणों द्वारा बंद कर दिया गया। रास्ता अवरुद्ध होने के कारण शिक्षक और छोटे-छोटे बच्चे करीब दो घंटे तक भीषण धूप में पेड़ के नीचे इंतजार करने को मजबूर हो गए। बाद में सूचना मिलने पर गोपालपुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और ग्रामीणों को समझाकर रास्ता खुलवाया। इसके बाद विद्यालय में पठन-पाठन शुरू हो सका।
जानकारी के अनुसार शुक्रवार सुबह शिक्षक और छात्र विद्यालय पहुंचे तो देखा कि स्कूल जाने वाला मुख्य रास्ता बंद कर दिया गया है। रास्ता बंद होने से कोई भी विद्यालय परिसर तक नहीं पहुंच सका। देखते ही देखते मौके पर लोगों की भीड़ जुट गई और माहौल तनावपूर्ण हो गया। भीषण गर्मी और तेज धूप के बीच छोटे-छोटे बच्चों को करीब दो घंटे तक पेड़ के नीचे बैठकर इंतजार करना पड़ा, जिससे उन्हें काफी परेशानी हुई।
घटना की जानकारी मिलने के बाद अंचलाधिकारी मनोरंजन शुक्ला के निर्देश पर गोपालपुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने ग्रामीणों से बातचीत कर उन्हें समझाया और बच्चों की पढ़ाई प्रभावित नहीं करने की अपील की। काफी मशक्कत के बाद रास्ता खुलवाया गया, जिसके बाद शिक्षक और बच्चे विद्यालय पहुंचे तथा पढ़ाई शुरू कराई गई।
अंचल प्रशासन ने पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि विद्यालय आने-जाने के रास्ते से जुड़ी समस्या का स्थायी समाधान किया जाएगा, ताकि भविष्य में बच्चों और शिक्षकों को इस तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।
स्थानीय लोगों में नाराजगी
घटना के बाद क्षेत्र के कई लोगों ने जनप्रतिनिधियों के कार्यों पर सवाल उठाए। स्थानीय लोगों का कहना है कि कुचायकोट से कई वर्षों से विधायक पप्पू पांडेय हैं, लेकिन विद्यालय तक जाने जैसी बुनियादी सुविधा की समस्या अब भी बनी हुई है। लोगों का यह भी कहना है कि मंदिर में लाखों रुपये का मुकुट चढ़ाया गया, भरत तिवारी के परिवार को 11 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी गई, लेकिन स्कूल के रास्ते जैसी समस्या का समाधान नहीं हो सका।
कुछ लोगों ने यह भी आरोप लगाया कि क्षेत्र की बंद पड़ी चीनी मिल अब तक चालू नहीं हो सकी है, जिससे स्थानीय लोगों में निराशा है। ग्रामीणों का कहना है कि विकास कार्यों की घोषणाएं तो होती हैं, लेकिन जमीन पर बुनियादी सुविधाओं की स्थिति अब भी चिंताजनक बनी हुई है।
हालांकि, इन आरोपों पर विधायक पप्पू पांडेय या संबंधित पक्ष की ओर से खबर लिखे जाने तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।विद्यालय तक पहुंचने के रास्ते को लेकर हुई इस घटना ने एक बार फिर ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा व्यवस्था और बुनियादी सुविधाओं पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब लोगों की नजर प्रशासन की जांच और स्थायी समाधान पर टिकी हुई है।
FAQ
Q1. गोपालगंज में किस स्कूल का रास्ता बंद किया गया?
कुचायकोट प्रखंड के प्राथमिक विद्यालय बनकटा दुसाध टोली का रास्ता बंद किया गया था।
Q2. बच्चे कितनी देर तक धूप में इंतजार करते रहे?
करीब दो घंटे तक बच्चे और शिक्षक पेड़ के नीचे इंतजार करते रहे।
Q3. रास्ता किसने खुलवाया?
गोपालपुर थाना पुलिस ने ग्रामीणों को समझाकर रास्ता खुलवाया।
Q4. प्रशासन ने क्या कार्रवाई की?
अंचल प्रशासन ने पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है और स्थायी समाधान का आश्वासन दिया है।
Q5. क्या विद्यालय में पढ़ाई शुरू हो गई?
हाँ, रास्ता खुलने के बाद विद्यालय में नियमित पठन-पाठन शुरू हो गया।








