गोपालगंज न्यूज़: बिहार के गोपालगंज जिले में एक दर्दनाक घटना सामने आई है। नगर थाना क्षेत्र के हरखुआ गांव में सोमवार की देर रात पति-पत्नी के बीच हुए तीखे विवाद के बाद 30 वर्षीय युवक ने संदिग्ध परिस्थितियों में फांसी लगाकर अपनी जान दे दी।
मृतक की पहचान थावे थाना क्षेत्र के अमेठी कला गांव निवासी आगम मांझी के पुत्र मुकेश मांझी (30) के रूप में हुई है। सूचना मिलते ही नगर थाना पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए मॉडल सदर अस्पताल भेज दिया। पुलिस ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए मृतक की पत्नी ममता देवी को पूछताछ के लिए हिरासत में ले लिया है। जानकारी के अनुसार, मुकेश मांझी पिछले करीब छह से सात सालों से अपने ससुर ईश्वर मांझी के हरखुआ स्थित घर में ही रह रहा था। वह पेशे से राजमिस्त्री था और मजदूरी करके अपनी पत्नी और तीन बच्चों का भरण-पोषण करता था।
मृतक की मां निर्मला देवी ने बताया कि मुकेश चार भाइयों में सबसे बड़ा था। उन्होंने आशंका जताई कि उनकी बहू ने कर्ज (लोन) लिया था, और उसे चुकाने को लेकर पति-पत्नी के बीच अक्सर विवाद होता था। बीती रात भी किसी बात को लेकर दोनों के बीच विवाद इतना बढ़ गया कि मुकेश ने आवेश में आकर फांसी लगा ली। हालांकि, मां ने हत्या की भी आशंका जताई है, लेकिन पुलिस ने अभी इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।
फिलहाल पुलिस सभी पहलुओं पर गहनता से जांच कर रही है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने और परिजनों के बयानों के आधार पर मौत के असली कारणों का खुलासा हो सकेगा। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि विवाद की असल वजह क्या थी। इस घटना के बाद से मृतक के तीन बच्चों और परिवार के अन्य सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल है। एक मजदूर परिवार की इस त्रासदी ने पूरे इलाके को शोक में डुबो दिया है।
FAQ – TdsVirals
Q1. गोपालगंज में आत्महत्या करने वाले युवक का नाम क्या है?
मृतक का नाम मुकेश मांझी (30) है, जो थावे थाना क्षेत्र के अमेठी कला गांव के रहने वाले थे।
Q2. पुलिस ने इस मामले में किसे हिरासत में लिया है?
पुलिस ने पूछताछ के लिए मृतक की पत्नी ममता देवी को हिरासत में लिया है।
Q3. पति-पत्नी के बीच विवाद का कारण क्या बताया जा रहा है?
मृतक की मां के अनुसार, पत्नी द्वारा लिए गए लोन को चुकाने को लेकर दोनों के बीच अक्सर विवाद होता था।
Q4. मुकेश मांझी कहां रहते थे और क्या काम करते थे?
वह पिछले करीब 6-7 साल से अपने ससुराल हरखुआ गांव में रह रहे थे और राजमिस्त्री का काम करते थे।






