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Gopalganj ADM Raid: 2.50 करोड़ की संपत्ति का खुलासा – पढ़े पूरी खबर

On: October 10, 2026 1:03 AM
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गोपालगंज की ADM राजेश्वरी पांडेय के चार ठिकानों पर SVU की छापेमारी। बैंक खातों, 12 अचल संपत्तियों, जेवर और निवेश से जुड़े दस्तावेजों की जांच जारी

गोपालगंज/बिहार न्यूज़: बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई के तहत विशेष निगरानी इकाई (SVU) ने गोपालगंज की अपर जिला दंडाधिकारी (ADM) राजेश्वरी पांडेय से जुड़े चार ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की। आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के आरोपों की जांच के दौरान बैंक खातों, अचल संपत्तियों, जेवर और विभिन्न निवेशों से जुड़े दस्तावेज सामने आए हैं। जांच एजेंसी के मुताबिक, प्रारंभिक आकलन में कथित आय से अधिक संपत्ति का मूल्य 2.50 करोड़ रुपये से ज्यादा बताया गया है।

एसवीयू के अनुसार, संबंधित संपत्ति अधिकारी की ज्ञात आय के स्रोतों से 135.23 प्रतिशत अधिक होने का आरोप है। हालांकि, यह जांच का प्रारंभिक निष्कर्ष है। मामले में संपत्तियों के वास्तविक मूल्य, आय के स्रोत और वित्तीय लेनदेन का सत्यापन किया जाना बाकी है।

चार ठिकानों पर एक साथ हुई छापेमारी

विशेष निगरानी इकाई की टीम ने शुक्रवार को पटना, गोपालगंज और रोहतास जिले में तलाशी अभियान चलाया। कार्रवाई के दौरान अधिकारी से जुड़े चार ठिकानों की जांच की गई। इनमें पटना स्थित आवास, गोपालगंज समाहरणालय स्थित कार्यालय, गोपालगंज का सरकारी आवास और रोहतास जिले के करगहर थाना क्षेत्र के ठोरसन गांव स्थित पैतृक तथा निर्मित मकान शामिल हैं।

पटना में रूपसपुर थाना क्षेत्र के आरपीएस स्कूल के पास भवानी सिटी अपार्टमेंट के फ्लैट नंबर 206 में भी तलाशी ली गई। यहां से नकदी, जेवर और महंगी वस्तुओं की खरीद से संबंधित बिल-वाउचर मिलने की जानकारी सामने आई है। अन्य ठिकानों पर मिले कागजात और वित्तीय रिकॉर्ड की भी जांच की जा रही है।

35 बैंक खातों में करीब 1.49 करोड़ रुपये

जांच एजेंसी के अनुसार, चार अलग-अलग बैंकों में कुल 35 बैंक खातों का पता चला है। इन खातों में 1,49,17,400 रुपये जमा होने की जानकारी दी गई है। एसवीयू अब खातों में जमा रकम, लेनदेन और धन के स्रोत का सत्यापन कर रही है।

जांच का मुख्य बिंदु यह पता लगाना है कि बैंक खातों में जमा राशि संबंधित आय और वैध वित्तीय स्रोतों से मेल खाती है या नहीं। इसके लिए बैंक रिकॉर्ड और अन्य दस्तावेजों का मिलान किया जा रहा है।

32 लाख के जेवर और नकदी की जानकारी

तलाशी के दौरान पटना स्थित आवास से लगभग 1.85 लाख रुपये नकद और करीब 32 लाख रुपये मूल्य के जेवर मिलने की जानकारी दी गई है। इसके अतिरिक्त 8.50 लाख रुपये के फिक्स्ड डिपॉजिट से संबंधित दस्तावेज भी सामने आए हैं।

एसवीयू को महंगी वस्तुओं की खरीद के बिल और वाउचर भी मिले हैं। इन दस्तावेजों के आधार पर खरीद की तारीख, भुगतान के तरीके और इस्तेमाल की गई रकम के स्रोत की जांच की जा रही है।

परिवार के नाम पर 12 अचल संपत्तियों का पता

एसवीयू के मुताबिक, राजेश्वरी पांडेय, उनकी पत्नी और पुत्र के नाम पर कुल 12 अचल संपत्तियों से जुड़े दस्तावेज मिले हैं। इनमें विभिन्न स्थानों पर खरीदे गए भूखंड और फ्लैट शामिल बताए गए हैं। इनका अनुमानित मूल्य करीब 1.32 करोड़ रुपये बताया गया है।

जांच एजेंसी अब यह पता लगाने में जुटी है कि इन संपत्तियों को कब खरीदा गया, उनके लिए भुगतान कहां से किया गया और संपत्ति खरीदने के समय संबंधित आय के स्रोत क्या थे। दस्तावेजों के सत्यापन के बाद ही इन संपत्तियों के मूल्य और कानूनी स्थिति को लेकर स्पष्ट निष्कर्ष निकाला जा सकेगा।

LIC, शेयर और म्यूचुअल फंड में निवेश की जांच

तलाशी के दौरान एलआईसी, एनएसएस, एसबीआई लाइफ इंश्योरेंस और विभिन्न कंपनियों में निवेश से संबंधित दस्तावेज मिलने की जानकारी दी गई है। इनमें अडाणी पावर, हबटाउन और हिंदुस्तान लीवर सहित अन्य कंपनियों के शेयर तथा म्यूचुअल फंड में निवेश से जुड़े रिकॉर्ड शामिल बताए गए हैं।

एसवीयू इन निवेशों की राशि, बैंक खातों से हुए भुगतान और निवेश के समय उपलब्ध आय के विवरण का मिलान करेगी। जांच का उद्देश्य यह पता लगाना है कि संपत्ति और निवेश में इस्तेमाल की गई रकम के स्रोत क्या थे।

गुरुवार को दर्ज हुआ था मामला

एसवीयू के अपर पुलिस महानिदेशक सुधांशु कुमार के अनुसार, सूचना का सत्यापन कराने के बाद राजेश्वरी पांडेय के खिलाफ गुरुवार को एसवीयू थाने में मामला दर्ज किया गया था। इसमें भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम सहित संबंधित कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई की गई।

इसके बाद निगरानी न्यायालय से तलाशी वारंट प्राप्त किया गया। सीनियर डीएसपी लव कुमार के नेतृत्व में टीमों ने शुक्रवार को अलग-अलग ठिकानों पर तलाशी अभियान चलाया। बरामद दस्तावेजों और वित्तीय रिकॉर्ड की जांच जारी है।

वर्ष 2010 में सरकारी सेवा में हुई थी नियुक्ति

एसवीयू से मिली जानकारी के अनुसार, राजेश्वरी पांडेय ने वर्ष 2010 में सरकारी सेवा में योगदान दिया था। उन्हें बीपीएससी की 47वीं बैच की अधिकारी बताया गया है। वह अपने सेवाकाल में पूर्णिया में सीनियर डिप्टी कलेक्टर, योजना एवं विकास विभाग में ओएसडी और धमदाहा में एसडीओ सहित विभिन्न पदों पर कार्य कर चुकी हैं।

अब आगे क्या होगी कार्रवाई?

फिलहाल एसवीयू बैंक खातों, अचल संपत्तियों, निवेश और अन्य वित्तीय दस्तावेजों की जांच कर रही है। शुरुआती आकलन में सामने आई रकम और संपत्तियों के मूल्य का आपस में मिलान किया जाएगा। जांच के निष्कर्ष और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई तय होगी।

महत्वपूर्ण: छापेमारी और आय से अधिक संपत्ति से जुड़े आरोप जांच का हिस्सा हैं। मामले में अंतिम निष्कर्ष संबंधित साक्ष्यों और कानूनी प्रक्रिया के बाद ही स्पष्ट होगा। गोपालगंज और बिहार की ताजा खबरों के लिए TdsVirals.in से जुड़े रहें।

Tuntun Singh

मैं टीडीएस वायरलस का संस्थापक हूँ, जो एक गतिशील समाचार मंच है जो खेल, शिक्षा, मनोरंजन, गोपालगंज और अन्य क्षेत्रों की ताज़ा खबरें प्रदान करता है। मैंने टीडीएस वायरलस को विविध पाठकों के लिए एक विश्वसनीय समाचार और सूचना स्रोत के रूप में स्थापित किया है।

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