हथुआ (बिहार) न्यूज़: विश्वविद्यालय में व्याप्त शैक्षणिक अनियमितताओं, परीक्षा परिणामों में गड़बड़ी, कथित धांधली और छात्रों की मूलभूत समस्याओं के विरोध में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद यानी अभाविप हथुआ इकाई ने गोपेश्वर महाविद्यालय, हथुआ में धरना-प्रदर्शन किया। इस दौरान छात्रहित से जुड़े कई गंभीर मुद्दों को प्रमुखता से उठाया गया और विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ आक्रोश व्यक्त किया गया।
धरना-प्रदर्शन में शामिल कार्यकर्ताओं ने कहा कि विश्वविद्यालय की शैक्षणिक व्यवस्था में लगातार सामने आ रही समस्याओं के कारण विद्यार्थियों को मानसिक, आर्थिक और शैक्षणिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। छात्रों ने आरोप लगाया कि सत्र 2025-2029 के विद्यार्थियों का अंकपत्र अब तक उपलब्ध नहीं कराया गया है। वहीं, जिन विद्यार्थियों को अंकपत्र मिला है, उनमें त्रुटियां होने की शिकायतें भी सामने आ रही हैं। इससे छात्रों में असंतोष व्याप्त है।
अभाविप कार्यकर्ताओं ने यह भी आरोप लगाया कि सत्र 2024-2028 के परीक्षा परिणामों में भी गड़बड़ियों की शिकायतें मिल रही हैं। परीक्षा परिणामों में त्रुटियों के कारण कई विद्यार्थियों को बार-बार विश्वविद्यालय का चक्कर लगाना पड़ रहा है। कुछ छात्रों को अनुपस्थित दर्शाने या प्रमोटेड किए जाने से संबंधित शिकायतों ने उनकी परेशानी और बढ़ा दी है। छात्रों का कहना है कि परीक्षा परिणाम और अंकपत्र से जुड़ी लापरवाही सीधे उनके करियर और भविष्य को प्रभावित कर रही है।

धरना-प्रदर्शन के दौरान अभाविप ने विश्वविद्यालय प्रशासन से मांग की कि परीक्षा परिणामों में पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए। अंकपत्रों में सुधार किया जाए, लंबित अंकपत्रों का वितरण जल्द से जल्द किया जाए और छात्रों की अन्य शैक्षणिक समस्याओं का त्वरित निस्तारण किया जाए। संगठन ने कहा कि सभी मामलों की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और दोषियों के विरुद्ध जवाबदेही तय कर कार्रवाई की जानी चाहिए।
अभाविप कार्यकर्ताओं ने स्पष्ट किया कि विद्यार्थियों के भविष्य के साथ किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि परीक्षा नियंत्रक और कुलपति सहित संबंधित पदाधिकारियों को छात्रहित के इन गंभीर मुद्दों पर संज्ञान लेना चाहिए और समयबद्ध तरीके से समाधान सुनिश्चित करना चाहिए। छात्रों की जायज समस्याओं का समाधान नहीं होने तक आंदोलन जारी रखने की बात भी कही गई।
संगठन ने दोहराया कि छात्रों के अधिकार, सम्मान और उज्ज्वल भविष्य की रक्षा के लिए अभाविप लगातार संघर्ष करती रहेगी। विश्वविद्यालय प्रशासन को छात्रहित से जुड़े मामलों में जवाबदेही सुनिश्चित करनी होगी। धरना-प्रदर्शन में दीपक रॉय, छात्रावास कल्याण प्रमुख उत्तर बिहार; नवीन सोलंकी, विभाग संयोजक; प्रतीक मिश्रा, जिला सहसंयोजक; अभिनंदन कुमार, कॉलेज अध्यक्ष; अमित कुमार, कार्यकारिणी; यश कुमार, कॉलेज उपाध्यक्ष; सूरज कुमार, सोशल मीडिया; प्रमेन्द्र कुमार, कार्यकर्ता; तनु कुमारी, निर्जला कुमारी सहित सैकड़ों छात्र उपस्थित रहे।
यह मामला शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता, परीक्षा परिणामों की सटीकता और छात्र अधिकारों से जुड़ा है। विश्वविद्यालय प्रशासन पर छात्रों की मांगों का शीघ्र समाधान करने और शैक्षणिक प्रक्रिया में जवाबदेही सुनिश्चित करने का दबाव बढ़ गया है।
1. हथुआ में अभाविप ने धरना क्यों दिया?
विश्वविद्यालय में शैक्षणिक अनियमितता, परीक्षा परिणामों में गड़बड़ी, अंकपत्र में त्रुटि और छात्रों की लंबित समस्याओं के विरोध में।
2. किन सत्रों के अंकपत्रों की समस्या उठी?
सत्र 2025-2029 के अंकपत्र अब तक न मिलने और 2024-2028 के परीक्षा परिणामों में त्रुटि की शिकायतें उठाई गईं।
3. अभाविप की मुख्य मांगें क्या हैं?
परीक्षा परिणामों में पारदर्शिता, अंकपत्रों में सुधार, लंबित अंकपत्रों का वितरण, निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कार्रवाई।
4. विश्वविद्यालय प्रशासन से क्या अपेक्षा की गई?
परीक्षा नियंत्रक और कुलपति सहित संबंधित अधिकारी छात्रहित के मुद्दों पर संज्ञान लें और समयबद्ध समाधान करें।
5. क्या आंदोलन जारी रहेगा?
अभाविप ने कहा है कि छात्रों की जायज समस्याओं का समाधान होने तक आंदोलन जारी रखा जाएगा।
6. धरना में कौन-कौन उपस्थित थे?
दीपक रॉय, नवीन सोलंकी, प्रतीक मिश्रा, अभिनंदन कुमार, अमित कुमार, यश कुमार, सूरज कुमार, प्रमेन्द्र कुमार, तनु कुमारी, निर्जला कुमारी सहित सैकड़ों छात्र उपस्थित थे।






