गोपालगंज/बिहार। शिक्षा विभाग ने शिक्षकों और शिक्षकेतर कर्मियों के बकाया अंतर वेतन (Dues Salary Payment) के भुगतान को लेकर सख्ती शुरू कर दी है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि अब अधूरे दस्तावेजों या बिना ठोस जांच के किसी भी दावे को भुगतान के लिए आगे नहीं भेजा जाएगा। जिन शिक्षकों और शिक्षकेतर कर्मियों का अंतर वेतन अभी तक बकाया है, उन्हें 27 अगस्त 2026 तक अपने विद्यालय के प्रधानाध्यापक या प्रधान शिक्षक के पास दावा-पत्र और जरूरी कागजात जमा करने होंगे।
स्थापना डीपीओ विनय कुमार सुमन ने अधिकारियों और कर्मियों को निर्देश दिया है कि बकाया अंतर वेतन से जुड़े सभी मामलों की जांच निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार की जाए। समय-सीमा में प्रक्रिया पूरी नहीं होने पर संबंधित अधिकारी और कर्मी स्वयं जिम्मेदार होंगे।
शिक्षा विभाग के अनुसार, बकाया अंतर वेतन वाले शिक्षकों और शिक्षकेतर कर्मियों से पहले ही विपत्र और जरूरी कागजात मांगे गए थे। इसके बावजूद कई प्रखंडों से अब तक आवश्यक विपत्र नहीं भेजे गए हैं। वहीं, कुछ जगहों से भेजे गए दस्तावेज अधूरे पाए गए हैं। अधूरे कागजात के कारण वेतन भुगतान प्रक्रिया में देरी हो रही है। विभाग अब किसी भी दावे को बिना जांच और दस्तावेजों के आगे नहीं बढ़ाना चाहता है।
जिन शिक्षकों और शिक्षकेतर कर्मियों का अंतर वेतन किसी कारण से लंबित है, उन्हें 27 अगस्त तक अपने विद्यालय के एचएम या प्रधान शिक्षक के पास दावा-पत्र जमा करना होगा। दावा-पत्र के साथ निम्न दस्तावेज देने होंगे:
- वेतन निर्धारण प्रपत्र
- सेवा-पुस्तिका की छायाप्रति
- संबंधित आवेदन
- पूर्व में राशि नहीं मिलने का स्वघोषणा प्रमाण-पत्र
- एचआरएमएस खाते से संबंधित वित्तीय वर्ष की सालाना बिल रिपोर्ट की प्रति
एचआरएमएस से डाउनलोड की गई सालाना बिल रिपोर्ट के आधार पर भी यह जांच की जाएगी कि संबंधित अवधि की राशि का भुगतान पहले हुआ है या नहीं। विद्यालय के प्रधानाध्यापक या प्रधान शिक्षक को प्राप्त सभी दावों और दस्तावेजों की बारीकी से जांच करनी होगी। अंतर वेतन की वास्तविक देयता की पुष्टि होने के बाद प्रमाण-पत्र के साथ शिक्षक कोटिवार अलग-अलग सूची तैयार करनी होगी।
यह सूची 31 अगस्त 2026 तक संबंधित प्रखंड शिक्षा कार्यालय में जमा करनी होगी। इसके बाद प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी यानी बीईओ सभी दावों की दोबारा जांच करेंगे। प्राथमिक और माध्यमिक विद्यालयों के शिक्षकों एवं कर्मियों का अलग-अलग विवरण तैयार कर क्रमवार विपत्रों के साथ 7 सितंबर 2026 तक जिला शिक्षा कार्यालय भेजना होगा।
शिक्षा विभाग ने नियुक्ति और प्रमाणपत्रों की वैधता को लेकर भी स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं। संबंधित शिक्षक या कर्मी की नियुक्ति स्वीकृत एवं सृजित पद के विरुद्ध और निर्धारित नियमों के अनुसार हुई है या नहीं, इसकी जांच अनिवार्य होगी। विवादित नियुक्ति, स्वीकृत पद से अलग नियुक्ति, गलत या अमान्य प्रमाणपत्र अथवा संदिग्ध दस्तावेज के आधार पर तैयार अंतर वेतन के विपत्र को भुगतान के लिए आगे नहीं भेजा जाएगा।
ऐसे मामलों की अलग रिपोर्ट स्थापना कार्यालय को भेजनी होगी। इसका मतलब है कि केवल दावा-पत्र जमा कर देने से भुगतान सुनिश्चित नहीं होगा। पहले नियुक्ति, सेवा रिकॉर्ड, वेतन निर्धारण और भुगतान से जुड़े दस्तावेजों की जांच की जाएगी।
शिक्षकों के लिए जरूरी तारीखें
| प्रक्रिया | अंतिम तारीख |
|---|---|
| शिक्षक/कर्मी द्वारा दावा-पत्र जमा | 27 अगस्त 2026 |
| एचएम द्वारा सूची प्रखंड कार्यालय भेजना | 31 अगस्त 2026 |
| बीईओ द्वारा जिला शिक्षा कार्यालय को विपत्र भेजना | 7 सितंबर 2026 |
अब बिना दस्तावेज नहीं मिलेगा बकाया वेतन-शिक्षा विभाग की सख्ती से स्पष्ट है कि बकाया वेतन भुगतान की प्रक्रिया अब दस्तावेजों और जांच के आधार पर ही आगे बढ़ेगी। शिक्षकों और शिक्षकेतर कर्मियों को सलाह है कि वे निर्धारित समय सीमा के भीतर दावा-पत्र और सभी जरूरी कागजात अपने विद्यालय के प्रधान के पास जमा करें, ताकि उनका दावा समय पर जांच प्रक्रिया में शामिल किया जा सके।
FAQ
Q1. शिक्षकों को बकाया अंतर वेतन का दावा कब तक जमा करना है?
27 अगस्त 2026 तक दावा-पत्र और जरूरी दस्तावेज विद्यालय के प्रधानाध्यापक या प्रधान शिक्षक के पास जमा करने हैं।
Q2. दावा-पत्र के साथ कौन-कौन से दस्तावेज देने होंगे?
वेतन निर्धारण प्रपत्र, सेवा-पुस्तिका की छायाप्रति, आवेदन, स्वघोषणा प्रमाण-पत्र और संबंधित वित्तीय वर्ष की एचआरएमएस सालाना बिल रिपोर्ट देनी होगी।
Q3. एचएम को दावा कब तक प्रखंड शिक्षा कार्यालय भेजना है?
एचएम या प्रधान शिक्षक को जांच के बाद सूची 31 अगस्त 2026 तक प्रखंड शिक्षा कार्यालय में जमा करनी है।
Q4. बीईओ को दस्तावेज कब तक जिला शिक्षा कार्यालय भेजने हैं?
बीईओ को जांच के बाद संबंधित विपत्र 7 सितंबर 2026 तक जिला शिक्षा कार्यालय भेजने हैं।
Q5. क्या विवादित नियुक्ति पर अंतर वेतन मिलेगा?
नहीं। विवादित नियुक्ति, स्वीकृत पद से अलग नियुक्ति या गलत, अमान्य अथवा संदिग्ध प्रमाणपत्र वाले मामलों को भुगतान के लिए आगे नहीं भेजा जाएगा।
Q6. क्या केवल दावा-पत्र जमा करने से भुगतान हो जाएगा?
नहीं। भुगतान से पहले दस्तावेज, नियुक्ति, वेतन निर्धारण और पूर्व भुगतान की जांच की जाएगी।








