Horizontal Scroll Menu - TdsVirals
Home Gopalganj World Entertainment Education Virals Sports Business Lifestyle

Bihar University Act 2026: बिहार यूनिवर्सिटी एक्ट 2026 के विरोध में शिक्षक-कर्मी सामूहिक अवकाश पर

On: August 11, 2026 4:21 AM
Follow Us:
---Advertisement---

गोपालगंज ब्रेकिंग न्यूज़ : बिहार यूनिवर्सिटी एक्ट 2026 के विरोध में शिक्षक-कर्मी सामूहिक अवकाश पर

 

गोपालगंज न्यूज़ : प्रस्तावित बिहार राज्य विश्वविद्यालय अधिनियम 2026 के विरोध में सोमवार को पारंपरिक विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों के शिक्षक एवं शिक्षकेत्तर कर्मचारी सामूहिक अवकाश पर रहे। जयप्रकाश विश्वविद्यालय शिक्षक संघ और बिहार राज्य विश्वविद्यालय कर्मचारी संघ के आह्वान पर जेपीयू मुख्यालय, छपरा में सारण, सीवान और गोपालगंज के विभिन्न कॉलेजों से पहुंचे शिक्षक-कर्मचारियों ने धरना-प्रदर्शन किया। गोपालगंज के कमला राय महाविद्यालय समेत जिले के अन्य कॉलेजों में भी शिक्षकों और कर्मचारियों ने विरोध दर्ज कराया।

विश्वविद्यालय अधिनियम 2026 के खिलाफ शिक्षकों का विरोध धरना-प्रदर्शन में शिक्षकों ने प्रस्तावित बिहार राज्य विश्वविद्यालय अधिनियम 2026 को विश्वविद्यालयों की स्वायत्तता, अकादमिक स्वतंत्रता और प्रशासनिक व्यवस्था के लिए चुनौती बताया। शिक्षक संगठनों ने सरकार से प्रस्तावित कानून को लागू करने से पहले शिक्षक संगठनों, शिक्षाविदों, विद्यार्थियों और अन्य संबंधित पक्षों के साथ व्यापक विचार-विमर्श करने की मांग की।

शिक्षकों का कहना है कि विश्वविद्यालय ज्ञान, शोध और लोकतांत्रिक विमर्श के स्वतंत्र केंद्र हैं। ऐसे में उच्च शिक्षा व्यवस्था से जुड़े किसी भी बड़े कानून को लागू करने से पहले इसके प्रभावों पर व्यापक शैक्षणिक चर्चा जरूरी है।

गोपेश्वर कॉलेज हथुआ के शिक्षक भी आंदोलन में शामिल – जेपीयू मुख्यालय पर आयोजित धरना-प्रदर्शन में गोपेश्वर महाविद्यालय, हथुआ के शिक्षकों ने भी सक्रिय भागीदारी की। डॉ. विवेकानंद तिवारी ने कहा कि विश्वविद्यालयों की स्वायत्तता उच्च शिक्षा की गुणवत्ता के लिए जरूरी है। उन्होंने आशंका जताई कि विश्वविद्यालयों पर अत्यधिक प्रशासनिक नियंत्रण बढ़ने से अकादमिक स्वतंत्रता, शोध कार्य और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रभावित हो सकती है।

उन्होंने सरकार से कानून लागू करने से पहले शिक्षक संगठनों और सभी हितधारकों के साथ व्यापक चर्चा की मांग की। विधान परिषद सदस्य प्रो. वीरेंद्र नारायण यादव ने भी विश्वविद्यालयों की अकादमिक और प्रशासनिक स्वायत्तता से जुड़े प्रावधानों पर व्यापक विमर्श की आवश्यकता बताई। प्रो. लाल बाबू यादव ने शिक्षक संगठनों के साथ तत्काल संवाद की मांग की।

कमला राय कॉलेज में भी सामूहिक अवकाश गोपालगंज के कमला राय महाविद्यालय में शिक्षक एवं शिक्षकेत्तर कर्मियों ने सामूहिक अवकाश लेकर प्रस्तावित अधिनियम के खिलाफ विरोध जताया। शिक्षक संघ के अध्यक्ष डॉ. संदीप कुमार, उपाध्यक्ष डॉ. इसरार उल हक, अंजली श्रीवास्तव, डॉ. निरमा मौर्या, डॉ. मंजु कुमारी, डॉ. अनुजा सिंह, डॉ. दशरथ राम, प्रवीण कुमार पाण्डेय, मनीष कुमार, डॉ. उपेंद्र कुमार, डॉ. राजदेव कुमार, डॉ. प्रीति राय समेत कई शिक्षक और कर्मचारी विरोध में शामिल रहे। शिक्षकों ने कहा कि विश्वविद्यालय की स्वायत्तता और अकादमिक स्वतंत्रता उच्च शिक्षा व्यवस्था की बुनियाद है। इसलिए नए कानून के प्रावधान तैयार करते समय शिक्षक समुदाय की राय को शामिल किया जाना चाहिए।

जेपीयू मुख्यालय में आयोजित धरना का संचालन डॉ. धर्मेंद्र सिंह और डॉ. दिनेश पाल ने किया। आंदोलन को आगे बढ़ाने के लिए विभिन्न शिक्षक संगठनों को साथ लेकर संयुक्त मोर्चा बनाने पर भी सहमति बनी।कार्यक्रम में कुलसचिव डॉ. नारायण दास, प्रो. सिद्धार्थ शंकर, डॉ. धनंजय यादव, डॉ. संतोष कुमार सिंह, डॉ. सोनाली सिंह, डॉ. शंकर दयाल सिंह, डॉ. प्रमोद सिंह सहित बड़ी संख्या में शिक्षक एवं शिक्षकेत्तर कर्मचारी मौजूद रहे।

शिक्षक संगठनों ने सरकार से प्रस्तावित बिहार राज्य विश्वविद्यालय अधिनियम 2026 को लेकर शिक्षकों की आशंकाओं पर तत्काल बातचीत करने की मांग की। संगठनों ने कहा कि यदि सरकार की ओर से सकारात्मक पहल नहीं की गई तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। हालांकि, शिक्षकों ने आंदोलन को लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से जारी रखने की बात कही।

Bihar University Act 2026 – FAQs

Q1. बिहार राज्य विश्वविद्यालय अधिनियम 2026 के विरोध में प्रदर्शन क्यों हुआ?
शिक्षक और कर्मचारी विश्वविद्यालयों की स्वायत्तता, अकादमिक स्वतंत्रता और प्रशासनिक व्यवस्था से जुड़ी अपनी चिंताओं को लेकर विरोध कर रहे हैं।

Q2. गोपालगंज में किन शिक्षण संस्थानों में विरोध हुआ?
गोपालगंज के कमला राय महाविद्यालय समेत जिले के विभिन्न कॉलेजों में शिक्षक और शिक्षकेत्तर कर्मचारियों ने सामूहिक अवकाश लेकर विरोध दर्ज कराया।

Q3. जेपीयू आंदोलन में किन जिलों के शिक्षक शामिल हुए?
धरना-प्रदर्शन में सारण, सीवान और गोपालगंज के विभिन्न महाविद्यालयों के शिक्षक एवं कर्मचारी शामिल हुए।

Q4. शिक्षकों की मुख्य मांग क्या है?
शिक्षक संगठनों की मुख्य मांग है कि प्रस्तावित कानून को लागू करने से पहले शिक्षक संगठनों, शिक्षाविदों, विद्यार्थियों और अन्य हितधारकों के साथ व्यापक विचार-विमर्श किया जाए।

Q5. क्या आंदोलन आगे भी जारी रहेगा?
शिक्षक संगठनों ने कहा है कि यदि उनकी मांगों पर सकारात्मक पहल नहीं हुई तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।

Tuntun Singh

मैं टीडीएस वायरलस का संस्थापक हूँ, जो एक गतिशील समाचार मंच है जो खेल, शिक्षा, मनोरंजन, गोपालगंज और अन्य क्षेत्रों की ताज़ा खबरें प्रदान करता है। मैंने टीडीएस वायरलस को विविध पाठकों के लिए एक विश्वसनीय समाचार और सूचना स्रोत के रूप में स्थापित किया है।

Join WhatsApp

Join Now