गोपालगंज: बिहार के गोपालगंज जिले के सरकारी विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों के लिए शिक्षा विभाग ने कड़ा निर्देश जारी किया है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि 25 जुलाई 2026 तक कक्षा 1 से 12वीं तक के सभी नामांकित छात्र-छात्राओं का शत-प्रतिशत विवरण E-शिक्षाकोष (e-Shikshakosh) पोर्टल पर अपलोड करना अनिवार्य है। यदि तय समय सीमा तक किसी विद्यालय का डाटा अधूरा पाया गया तो संबंधित प्रधानाध्यापक का वेतन रोका जाएगा और उनके खिलाफ विभागीय अनुशासनिक कार्रवाई शुरू की जाएगी।
25 जुलाई अंतिम समय सीमा, नहीं मिलेगी कोई राहत
शिक्षा विभाग की ओर से जारी निर्देश में कहा गया है कि सभी सरकारी विद्यालयों को हर हाल में 25 जुलाई तक विद्यार्थियों का पूरा विवरण पोर्टल पर दर्ज करना होगा। राज्य स्तर पर लगातार समीक्षा की जा रही है और जिन विद्यालयों की प्रगति संतोषजनक नहीं होगी, उन्हें सीधे जवाब देना पड़ेगा। विभाग ने स्पष्ट किया है कि समय सीमा के बाद किसी भी प्रकार की ढिलाई स्वीकार नहीं की जाएगी।
डीपीओ ने दी सख्त चेतावनी
प्राथमिक शिक्षा एवं सर्व शिक्षा अभियान के जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (डीपीओ) शिवम ने बताया कि राज्य मुख्यालय की समीक्षा में कई विद्यालयों में छात्र विवरण की प्रविष्टि अधूरी पाई गई है। इसे गंभीर लापरवाही मानते हुए सभी प्रधानाध्यापकों को अंतिम अवसर दिया गया है। यदि 25 जुलाई तक कार्य पूरा नहीं हुआ तो संबंधित प्रधानाध्यापक का वेतन रोकने के साथ विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
छात्र योजनाओं का लाभ डाटा पर निर्भर
शिक्षा विभाग ने कहा कि E-शिक्षाकोष पोर्टल पर दर्ज जानकारी के आधार पर ही विद्यार्थियों को डीबीटी (Direct Benefit Transfer), छात्रवृत्ति, पोशाक, साइकिल, पाठ्यपुस्तक और अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ दिया जाता है। यदि किसी छात्र का विवरण पोर्टल पर अपलोड नहीं होगा और वह किसी योजना से वंचित रह जाता है, तो इसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित विद्यालय और प्रधानाध्यापक की होगी।
राज्य मुख्यालय से हो रही नियमित मॉनिटरिंग
विभाग ने बताया कि E-शिक्षाकोष पोर्टल की प्रगति की नियमित निगरानी राज्य मुख्यालय से की जा रही है। प्रत्येक जिले और विद्यालय की स्थिति पर नजर रखी जा रही है। जिन विद्यालयों में अपलोड की गति धीमी होगी, उनसे स्पष्टीकरण मांगा जाएगा और आवश्यकता पड़ने पर कार्रवाई भी की जाएगी।
बीईओ और आईसीटी समन्वयकों की बढ़ी जिम्मेदारी
शिक्षा विभाग ने सभी प्रखंड शिक्षा पदाधिकारियों (BEO) और प्रखंड ICT समन्वयकों को भी निर्देश दिया है कि वे विद्यालयवार प्रगति की लगातार समीक्षा करें। लंबित छात्र विवरण को समय पर अपलोड कराने की जिम्मेदारी अब उनके ऊपर भी होगी। यदि किसी स्तर पर लापरवाही सामने आती है तो संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही भी तय की जाएगी।
25 जुलाई के बाद शुरू होगी कार्रवाई
विभाग ने स्पष्ट कर दिया है कि 25 जुलाई 2026 अंतिम समय सीमा है। इसके बाद जिन विद्यालयों में शत-प्रतिशत छात्र विवरण अपलोड नहीं मिलेगा, वहां संबंधित प्रधानाध्यापकों का वेतन रोका जाएगा और विभागीय अनुशासनिक कार्रवाई शुरू कर दी जाएगी। इस आदेश के बाद गोपालगंज जिले के सरकारी विद्यालयों में E-शिक्षाकोष पोर्टल पर छात्र विवरण अपडेट करने का कार्य तेजी से चल रहा है।
निष्कर्ष: शिक्षा विभाग का यह कदम छात्रों को समय पर सरकारी योजनाओं का लाभ सुनिश्चित करने और विद्यालयों के डिजिटल रिकॉर्ड को पूरी तरह अपडेट करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सभी प्रधानाध्यापकों को निर्धारित समय सीमा के भीतर कार्य पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं।







