जेपी विश्वविद्यालय में पीएचडी कोर्स वर्क परीक्षा का परिणाम जारी, 90% छात्र-छात्राएं हुए उत्तीर्ण
टीडीएस वायरलस, Education Update Result – बिहार/छपरा: Jayaprakash University (जेपी विश्वविद्यालय) ने पीएचडी कोर्स वर्क सत्र 2023 की परीक्षा का परिणाम जारी कर दिया है। इस परीक्षा में शामिल छात्रों में से लगभग 90 प्रतिशत छात्र-छात्राएं सफल हुए हैं।
परीक्षा में कुल 210 परीक्षार्थियों ने हिस्सा लिया, जिनमें से 190 छात्र-छात्राएं पास हुए, जबकि 16 छात्र अनुपस्थित रहे और चार छात्र-छात्राएं अनुत्तीर्ण हुए हैं।
JP विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार यह परीक्षा 10 मार्च को आयोजित की गई थी और 13 मार्च को परिणाम विश्वविद्यालय की आधिकारिक वेबसाइट पर प्रकाशित कर दिया गया।
JPU University Chhapra Result – 210 छात्रों ने दी परीक्षा जेपी विश्वविद्यालय के परीक्षा विभाग से मिली जानकारी के अनुसार पीएचडी कोर्स वर्क परीक्षा में विश्वविद्यालय से संबद्ध 17 पीजी विभागों के कुल 210 छात्र-छात्राएं नामांकित थे।
परीक्षा के दिन 16 छात्र-छात्राएं अनुपस्थित रहे। परीक्षा में शामिल कुल 190 छात्रों में से लगभग 90 प्रतिशत सफल घोषित किए गए हैं, जो विश्वविद्यालय के लिए एक सकारात्मक परिणाम माना जा रहा है।
JPU University Chhapra Result – दो सौ अंकों की दो पेपर में हुई थी परीक्षा पीएचडी कोर्स वर्क परीक्षा 200 अंकों की थी और इसमें दो पेपर शामिल थे।
- पहला पेपर रिसर्च मेथडोलॉजी से संबंधित था, जो 100 अंकों का था।
- दूसरा पेपर कंप्यूटर और रिसर्च से जुड़े विषयों से संबंधित था।
इस परीक्षा में मेडिसिन, भौतिकी, गणित, समाजशास्त्र, हिंदी, अंग्रेजी, संस्कृत, उर्दू, इतिहास, अर्थशास्त्र, वाणिज्य, राजनीति विज्ञान सहित कई विषयों के शोधार्थियों ने भाग लिया।
जल्द मिलेगा अंक पत्र और प्रमाण पत्र – JPU University Chhapra Result
परीक्षा नियंत्रक ने बताया कि परिणाम जारी होने के बाद उत्तीर्ण छात्रों को जल्द ही अंक पत्र और प्रमाण पत्र जारी किए जाएंगे। इसके बाद सभी शोधार्थी अपने-अपने शोध कार्य (रिसर्च वर्क) को आगे बढ़ा सकेंगे।
विश्वविद्यालय प्रशासन का कहना है कि पीएचडी (PhD) की प्रक्रिया को पारदर्शी और व्यवस्थित बनाने के लिए सभी चरणों को समय पर पूरा किया जा रहा है।
JPU University Chhapra Result – सॉफ्टवेयर से होगी थिसिस की जांच पीएचडी के अंतिम चरण में शोधार्थियों की थिसिस की जांच विशेष सॉफ्टवेयर के माध्यम से की जाएगी। इससे यह सुनिश्चित किया जाएगा कि शोध कार्य में किसी प्रकार की नकल या प्लेजरिज्म न हो।
विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार शोधार्थियों के लिए सेमिनार और सिंपोजियम का आयोजन भी किया जाएगा, जिससे उन्हें शोध कार्य की बेहतर समझ मिल सके।





