गोपालगंज/बिहार न्यूज़: बिहार में पिछले कुछ दिनों से लगातार हो रही बेमौसम बारिश और चक्रवाती तूफान ‘अर्णव’ ने किसानों की कमर तोड़ दी है। राज्य के कई जिलों में खेतों में खड़ी पकी धान की फसल तेज हवाओं और बारिश के कारण जमीन पर गिर गई है, जिससे किसानों के सामने आर्थिक संकट गहरा गया है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने सीतामढ़ी और मधुबनी के लिए रेड अलर्ट जारी किया है, जबकि अन्य कई जिलों में ऑरेंज और येलो अलर्ट के तहत भारी बारिश की चेतावनी दी गई है।
किन जिलों में कितना नुकसान?
गोपालगंज: फुलवरिया प्रखंड में 100 बीघे से अधिक क्षेत्र में धान की फसल प्रभावित हुई है। खेतों में जलजमाव के कारण कटी हुई फसल भी भीग गई है और आलू-सरसों की बुवाई पर भी संकट मंडरा रहा है।
कैमूर: प्रारंभिक आकलन के अनुसार जिले में धान, दलहन और तिलहन को मिलाकर 672 से 679 करोड़ रुपये के आर्थिक नुकसान का अनुमान है। लगभग 4.40 लाख एकड़ में धान की खेती प्रभावित होने की आशंका जताई गई है।
सारण: जिले में 85 से 90 प्रतिशत धान की फसल अभी खेतों में खड़ी है, जो तेज हवा से गिर गई है। पटना में अधिकतम तापमान सामान्य से 6.9 डिग्री गिरकर 24.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
बारिश का असर केवल धान तक सीमित नहीं है। खेतों में अत्यधिक नमी के कारण आलू की बुवाई और फसल विकास प्रभावित हो रहा है। साथ ही, जिन किसानों ने सरसों समेत अन्य तिलहन फसलों की बुवाई की योजना बनाई थी, उन्हें मौसम साफ होने का इंतजार करना पड़ रहा है। मौसम विभाग के अनुसार, 1 नवंबर से मौसम साफ होने की संभावना है, लेकिन तब तक फसलों को और नुकसान पहुंच सकता है।
किसानों का कहना है कि बीज, खाद, कीटनाशक और मजदूरी पर भारी खर्च के बाद अब फसल बर्बाद होने से उनकी लागत तक निकलना मुश्किल हो गया है। धान का न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) सामान्य धान के लिए 2441 रुपये और ग्रेड-ए धान के लिए 2461 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित है, लेकिन फसल की गुणवत्ता प्रभावित होने से किसानों को उचित दाम मिलने की उम्मीद कम हो गई है.
बिहार सरकार ने प्रभावित किसानों को जल्द मुआवजा देने का भरोसा दिलाया है। कृषि मंत्री रामकृपाल यादव ने कहा है कि एक विशेष कमेटी नुकसान का आकलन कर रही है और रिपोर्ट आते ही मुआवजे की राशि सीधे किसानों के बैंक खातों में भेजी जाएगी। इसके अलावा, बिहार में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) भी लागू की जा रही है, जिससे भविष्य में प्राकृतिक आपदाओं से होने वाले नुकसान पर किसानों को सुरक्षा मिल सकेगी।
Q1. अर्णव तूफान से बिहार में सबसे ज्यादा नुकसान किस जिले में हुआ है?
प्रारंभिक रिपोर्टों के अनुसार, कैमूर जिले में सबसे अधिक 672-679 करोड़ रुपये के फसल नुकसान का अनुमान है। वहीं, सारण में 85-90% धान की फसल खेतों में गिर गई है।
Q2. क्या बिहार सरकार किसानों को मुआवजा देगी?
हां, कृषि मंत्री रामकृपाल यादव ने भरोसा दिलाया है कि नुकसान का आकलन करने के बाद जल्द ही मुआवजा किसानों के खातों में भेजा जाएगा। साथ ही PMFBY के तहत भी किसान दावा कर सकते हैं।
Q3. मौसम कब तक साफ होने की उम्मीद है?
IMD के अनुसार, 1 नवंबर से बिहार में बारिश की गतिविधि में कमी आने और मौसम धीरे-धीरे साफ होने की संभावना है।
Q4. क्या आलू और सरसों की बुवाई भी प्रभावित हुई है?
जी हां, खेतों में जलजमाव के कारण आलू की बुवाई और सरसों समेत तिलहन फसलों की बुवाई में देरी हो रही है, जिससे रबी सीजन के उत्पादन पर भी असर पड़ सकता है।







