छपरा/सारण न्यूज़। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) छपरा के तत्वावधान में गुरुवार को छपरा प्रेक्षागृह में ‘शौर्य संगम युवती सम्मेलन’ का भव्य आयोजन किया गया। इस सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य युवतियों में आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता और राष्ट्रभावना का विकास करना तथा महिला सशक्तीकरण को प्रोत्साहित करना रहा। साथ ही भारतीय संस्कृति, परंपराओं और लोककलाओं के प्रति जागरूकता बढ़ाने पर विशेष बल दिया गया।
कार्यक्रम में जयप्रकाश विश्वविद्यालय, छपरा के मनोविज्ञान विभाग की विभागाध्यक्ष एवं ABVP की राष्ट्रीय कार्यकारी परिषद की सदस्य डॉ. पूनम सिंह, पटना उच्च न्यायालय की अधिवक्ता अर्चना जी, भारत विकास परिषद की अध्यक्ष श्रीमती वर्षा पांडेय, राजेंद्र महाविद्यालय की सहायक प्राध्यापिका एवं ABVP छपरा नगर उपाध्यक्ष डॉ. नीतू सिंह, ABVP की जिला छात्रा प्रमुख सुश्री सलोनी कुमारी तथा राष्ट्रीय सेविका समिति, दानापुर की कार्यवाहिका श्रीमती संगीता सिन्हा की गरिमामयी उपस्थिति रही।
सम्मेलन के दौरान वक्ताओं ने युवतियों को अपनी प्रतिभा और क्षमताओं को पहचानने, सामाजिक कार्यों में सक्रिय भागीदारी निभाने तथा राष्ट्र निर्माण में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका सुनिश्चित करने के लिए प्रेरित किया। विशेषज्ञों ने कहा कि जब युवतियों को शिक्षा, समान अवसर और नेतृत्व के लिए उचित मंच मिलता है, तो वे परिवार, समाज और देश की प्रगति में अहम योगदान दे सकती हैं। साथ ही भारतीय संस्कृति, पारंपरिक मूल्यों और सामाजिक दायित्वों के प्रति जागरूकता पर भी जोर दिया गया. कार्यक्रम के दौरान अनेक कार्यकर्ताओं और छात्राओं ने बढ़-चढ़कर सहभागिता की। सांस्कृतिक कार्यक्रमों के अंतर्गत विभिन्न नृत्यों की मनमोहक प्रस्तुतियाँ दी गईं। विशेष रूप से छठ पूजा पर आधारित लोकनृत्य और अन्य पारंपरिक नृत्यों के माध्यम से बिहार की समृद्ध लोकसंस्कृति, आस्था और परंपराओं की सुंदर झलक प्रस्तुत की गई। छात्राओं की उत्साहपूर्ण प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम को जीवंत और आकर्षक बना दिया।
1. ‘शौर्य संगम युवती सम्मेलन’ का आयोजन कहाँ और कब हुआ?
यह सम्मेलन 29 अक्टूबर 2026 को छपरा प्रेक्षागृह में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) छपरा द्वारा आयोजित किया गया।
2. इस सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य क्या था?
सम्मेलन का उद्देश्य युवतियों में आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता और राष्ट्रभावना का विकास करना तथा महिला सशक्तीकरण को बढ़ावा देना था।
3. सम्मेलन में किन प्रमुख हस्तियों ने भाग लिया?
डॉ. पूनम सिंह (जयप्रकाश विश्वविद्यालय), अधिवक्ता अर्चना जी (पटना उच्च न्यायालय), श्रीमती वर्षा पांडेय (भारत विकास परिषद), डॉ. नीतू सिंह, सुश्री सलोनी कुमारी और श्रीमती संगीता सिन्हा सहित कई गणमान्य महिलाएं उपस्थित रहीं。
4. सांस्कृतिक कार्यक्रम में क्या विशेष आकर्षण रहा?
छठ पूजा पर आधारित लोकनृत्य और अन्य पारंपरिक नृत्यों ने बिहार की समृद्ध लोकसंस्कृति और परंपराओं को प्रस्तुत किया।
5. यह सम्मेलन किस संदेश के साथ संपन्न हुआ?
सम्मेलन ने युवतियों को सशक्त, आत्मनिर्भर और राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित किया तथा भारतीय संस्कृति और मूल्यों के प्रति जागरूकता का संदेश दिया।











