टीडीएस वायरलस न्यूज़, न्यू दिल्ली: नए साल की खुशियों के बीच सोशल मीडिया और व्हाट्सएप पर एक बार फिर फर्जी फ्री रिचार्ज ऑफर की बाढ़ आ गई है।
Airtel, Jio, VI और BSNL सभी यूजर्स को 3 महीने का फ्री रिचार्ज, 84 दिन का फ्री रिचार्ज अभी करें, ऑफर खत्म होने से पहले लिंक पर क्लिक करें जैसे मैसेज तेज़ी से वायरल हो रहे हैं।

इन मैसेज में दावा किया जा रहा है कि किसी वेबसाइट के जरिए देश के सभी मोबाइल यूजर्स को तीन महीने का फ्री रिचार्ज दिया जा रहा है। कुछ लोग तो यह तक लिख रहे हैं कि मैंने भी अपना फ्री रिचार्ज कर लिया है, ताकि लोग भरोसा कर लें।
लेकिन हकीकत बिल्कुल अलग है। यह पूरा मामला फेक और फ्रॉड है। देश की कोई भी टेलीकॉम कंपनी चाहे Airtel हो, Jio हो, VI हो या BSNL ऐसा कोई ऑफर नहीं चला रही है
जिसमें सभी यूजर्स को 84 दिन का फ्री रिचार्ज दिया जा रहा हो। यह मैसेज सिर्फ लोगों को बेवकूफ बनाने और ठगी का शिकार बनाने के लिए फैलाया जा रहा है।
कैसे होता है यह फर्जीवाड़ा? – इन मैसेज में एक लिंक दिया जाता है। जैसे ही कोई यूजर उस लिंक पर क्लिक करता है, उसे एक फर्जी वेबसाइट पर ले जाया जाता है।
वहां यूजर से मोबाइल नंबर, सिम कंपनी चुनने और कभी-कभी OTP या अन्य निजी जानकारी भरने को कहा जाता है। इसके बाद रिचार्ज प्रोसेसिंग या ऑफर एक्टिवेट हो रहा है जैसा दिखाया जाता है और यूजर को आगे लिंक शेयर करने को कहा जाता है।
असल में न तो कोई रिचार्ज होता है और न ही कोई ऑफर मिलता है। उल्टा, यूजर की पर्सनल जानकारी गलत हाथों में चली जाती है, जिससे बैंक फ्रॉड, UPI स्कैम या सिम से जुड़ी धोखाधड़ी का खतरा बढ़ जाता है।
टेलीकॉम कंपनियां पहले भी कई बार साफ कर चुकी हैं कि वे कभी भी थर्ड पार्टी लिंक के जरिए फ्री रिचार्ज नहीं देतीं। Airtel, Jio, VI और BSNL अपने ऑफिशियल ऐप, वेबसाइट या अधिकृत चैनल के अलावा किसी भी लिंक से रिचार्ज या ऑफर नहीं देतीं।
अगर कभी कोई ऑफर होता भी है, तो उसकी जानकारी कंपनी की आधिकारिक वेबसाइट, ऐप या सोशल मीडिया अकाउंट पर दी जाती है।
नए साल, त्योहार या किसी खास मौके पर ऐसे मैसेज ज्यादा वायरल होते हैं क्योंकि लोग खुशी-खुशी बिना जांचे लिंक पर क्लिक कर देते हैं।
फ्री शब्द देखते ही सावधानी कम हो जाती है। कई बार मैसेज किसी जान-पहचान वाले के नंबर से आता है, जिससे भरोसा और बढ़ जाता है। यही गलती भारी पड़ जाती है।
क्या हो सकता है नुकसान?
- मोबाइल नंबर और निजी डेटा लीक
- UPI या बैंक अकाउंट से पैसे उड़ने का खतरा
- सिम क्लोनिंग या अनचाही सर्विस एक्टिवेट होना
- सोशल मीडिया अकाउंट हैक होना
कैसे रहें सुरक्षित?
- किसी भी फ्री रिचार्ज लिंक पर क्लिक न करें।
- अनजान या संदिग्ध वेबसाइट पर मोबाइल नंबर, OTP या निजी जानकारी न डालें।
- सिर्फ टेलीकॉम कंपनी के ऑफिशियल ऐप या वेबसाइट पर ही भरोसा करें।
- ऐसे फर्जी मैसेज को आगे शेयर न करें, बल्कि तुरंत डिलीट करें।
- अगर शक हो तो कंपनी के कस्टमर केयर से पुष्टि करें।
साइबर एक्सपर्ट और प्रशासन लगातार लोगों से अपील कर रहे हैं कि फ्री रिचार्ज के झांसे में न आएं।
यह एक पुराना लेकिन खतरनाक ऑनलाइन स्कैम है, जो हर साल नए नाम और नए लिंक के साथ सामने आता है। जागरूकता ही इससे बचाव का सबसे बड़ा हथियार है।
नए साल की शुरुआत में अगर कोई कहे कि 84 दिन का फ्री रिचार्ज अभी करें, तो समझ जाइए, यह ऑफर नहीं, ऑनलाइन ठगी है। सावधान रहें, सतर्क रहें और दूसरों को भी जागरूक करें, ताकि कोई भी इस फर्जीवाड़े का शिकार न बने।











