टीडीएस वायरलस संवाददाता, गोपालगंज/न्यूज़: गोपालगंज मे स्नातक सत्र 2026-30 के तहत सीबीसीएस (CBCS) प्रणाली में चल रहे नामांकन के दौरान विद्यार्थियों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े, इसके लिए अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) ने गोपालगंज के कमला राय महाविद्यालय में ‘May I Help You’ काउंटर की शुरुआत की है। इस पहल का उद्देश्य एडमिशन प्रक्रिया को सरल, पारदर्शी और छात्र हितैषी बनाना है।
कॉलेज परिसर में लगाए गए इस हेल्प डेस्क पर परिषद के कार्यकर्ता विद्यार्थियों को नामांकन से जुड़ी हर प्रकार की जानकारी उपलब्ध करा रहे हैं। यहां आवश्यक दस्तावेजों की सूची, आवेदन पत्र भरने में सहायता, स्टेपलर, गोंद, पेन, कागज समेत अन्य जरूरी सामग्री भी नि:शुल्क उपलब्ध कराई गई है ताकि छात्रों को इधर-उधर भटकना न पड़े।

राष्ट्रीय छात्र शक्ति पत्रिका संयोजक अनीश कुमार ने बताया कि परिषद का उद्देश्य हर विद्यार्थी का नामांकन बिना किसी परेशानी के पूरा कराना है। उन्होंने कहा कि कई छात्र पहली बार कॉलेज में प्रवेश लेते हैं, ऐसे में उन्हें प्रक्रिया की पूरी जानकारी नहीं होती। ऐसे छात्रों के लिए यह हेल्प डेस्क काफी उपयोगी साबित हो रही है।
जिला संयोजक हरिओम राय ने कहा कि ABVP प्रत्येक वर्ष नामांकन के समय ‘May I Help You’ काउंटर लगाती है ताकि किसी भी विद्यार्थी को फॉर्म भरने, दस्तावेज जमा करने या अन्य औपचारिकताओं में कठिनाई का सामना न करना पड़े। परिषद लगातार छात्र हित में कार्य करती रही है और आगे भी करती रहेगी।

इस दौरान प्रांत सोशल मीडिया सह संयोजक रोहित जायसवाल ने विश्वविद्यालय प्रशासन और सभी महाविद्यालयों के प्राचार्यों से अपील की कि प्रत्येक कॉलेज में छात्र सहायता काउंटर की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, जिससे विद्यार्थियों का समय बचे और नामांकन प्रक्रिया सुचारु रूप से पूरी हो सके।
कार्यक्रम में मंजीत राय, अनूप दुबे, आकाश गोयल, निशांत कुमार, आशुतोष कुमार, रितिक सिंह सहित कई कार्यकर्ता मौजूद रहे और उन्होंने छात्रों की सहायता की।
नामांकन के लिए कॉलेज पहुंचने वाले विद्यार्थियों ने भी इस पहल की सराहना की। उनका कहना है कि हेल्प डेस्क के कारण उन्हें दस्तावेजों की जानकारी, फॉर्म भरने और अन्य आवश्यक कार्यों में काफी आसानी हुई। इससे समय की बचत हुई और अनावश्यक परेशानी से राहत मिली।

शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यदि सभी कॉलेजों में इस तरह के छात्र सहायता केंद्र स्थापित किए जाएं तो एडमिशन प्रक्रिया अधिक व्यवस्थित और पारदर्शी बन सकती है। इससे नए छात्रों का आत्मविश्वास भी बढ़ेगा और उन्हें बेहतर शैक्षणिक वातावरण मिलेगा।








