टीडीएस वायरलस संवाददाता, गोपालगंज/न्यूज़: गोपालगंज जिले की बंद पड़ी सासामुसा चीनी मिल को लेकर जन सुराज पार्टी ने बड़ा आंदोलन शुरू कर दिया है। पार्टी ने आरोप लगाया है कि मिल परिसर में कथित रूप से अवैध कटाई कर कीमती मशीनों और कल-पुर्जों को कबाड़ के भाव बेचा जा रहा है। इसी मुद्दे पर मंगलवार को कुचायकोट प्रखंड मुख्यालय में विशाल धरना-प्रदर्शन आयोजित किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में किसान, मजदूर और पार्टी कार्यकर्ता शामिल हुए।
धरना-प्रदर्शन का नेतृत्व जन सुराज पार्टी की महिला जिलाध्यक्ष रीना देवी ने किया, जबकि कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रदेश उपाध्यक्ष योगेंद्र शर्मा ने की। प्रदर्शन के दौरान वक्ताओं ने राज्य सरकार, स्थानीय प्रशासन और मिल प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाए तथा किसानों और मजदूरों के बकाया भुगतान की मांग को प्रमुखता से उठाया।
सभा को संबोधित करते हुए प्रदेश निगरानी समिति के अध्यक्ष कृष्णा गुप्ता, जिला युवा अध्यक्ष डॉ. राजा हुसैन, प्रखंड युवा अध्यक्ष रॉकी सिंह और सरपंच मनोज दुबे सहित कई नेताओं ने कहा कि सासामुसा चीनी मिल पर क्षेत्र के गन्ना किसानों का करीब 65 करोड़ रुपये का भुगतान लंबे समय से लंबित है। इसके अलावा मिल के कर्मचारियों, मजदूरों और अन्य संबंधित एजेंसियों का लगभग 12 करोड़ रुपये भी बकाया है।
नेताओं का आरोप है कि प्रशासन की कथित मिलीभगत से मिल के कीमती उपकरणों और मशीनों की अवैध कटाई की जा रही है। उनका कहना है कि यदि यह सिलसिला नहीं रुका तो किसानों और मजदूरों को उनका बकाया मिलना और भी कठिन हो जाएगा। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।
प्रदर्शन के बाद जन सुराज पार्टी के प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल के नाम स्थानीय प्रशासन को सात सूत्री ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में मिल परिसर में अवैध कटाई करने वालों के खिलाफ तत्काल प्राथमिकी दर्ज कर गिरफ्तारी, सासामुसा चीनी मिल को दोबारा चालू करने, किसानों, मजदूरों और अन्य एजेंसियों के कुल 77 करोड़ रुपये के बकाया भुगतान की व्यवस्था करने की मांग की गई।
इसके अलावा ज्ञापन में सासामुसा रेलवे स्टेशन पर एक्सप्रेस ट्रेनों का ठहराव, गैस सिलेंडर की बढ़ती कीमतों पर नियंत्रण, किसानों के केसीसी ऋण माफ करने तथा स्थानीय बाजार में सार्वजनिक शौचालय और जल निकासी की बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित करने की भी मांग शामिल रही।
धरना सभा में मौजूद नेताओं ने कहा कि सासामुसा चीनी मिल कभी इस क्षेत्र की आर्थिक रीढ़ हुआ करती थी। मिल बंद होने के बाद हजारों किसान और मजदूर प्रभावित हुए हैं। यदि सरकार मिल को दोबारा शुरू करती है तो इससे रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।
जन सुराज पार्टी ने चेतावनी दी कि यदि सरकार और प्रशासन ने जल्द ही इन मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई नहीं की, तो आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा। पार्टी ने कहा कि किसानों, मजदूरों और स्थानीय लोगों के हितों की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रहेगा।








