Jaisalmer ABVP Protest News: जैसलमेर में ABVP का अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल, SHO को सस्पेंड करने की मांग तेज
टीडीएस वायरलस संवाददाता, राजस्थान के जैसलमेर में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) का आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है। बुधवार को प्रदर्शन तीसरे दिन में प्रवेश कर गया। छात्र नेताओं ने पुलिस प्रशासन पर दुर्व्यवहार का आरोप लगाते हुए सिटी कोतवाली पुलिस स्टेशन के बाहर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू कर दी है। प्रदर्शनकारी छात्रों की मुख्य मांग थाना प्रभारी (SHO) और एक हेड कांस्टेबल के खिलाफ कार्रवाई तथा निलंबन की है।
इस पूरे मामले ने अब राजनीतिक रंग भी ले लिया है। कई भाजपा विधायक प्रदर्शन स्थल पर पहुंचे और छात्रों का समर्थन किया, जबकि पुलिस प्रशासन ने आरोपों को खारिज करते हुए निष्पक्ष जांच का भरोसा दिया है।
क्या है पूरा मामला?
ABVP के अनुसार, कारगिल विजय दिवस तिरंगा यात्रा निकालने से पहले पुलिस को सूचना देने की प्रक्रिया के दौरान छात्रों के साथ कथित तौर पर दुर्व्यवहार किया गया। छात्रों का आरोप है कि पुलिस अधिकारियों ने उनके साथ अभद्र व्यवहार किया, जिसके बाद संगठन ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया।
मंगलवार से शुरू हुए इस आंदोलन ने बुधवार को नया मोड़ ले लिया, जब छात्र नेताओं ने अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू कर दी।
कौन-कौन बैठे भूख हड़ताल पर?
पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष महेंद्र सिंह कर्रा ने सबसे पहले भूख हड़ताल शुरू की। बुधवार सुबह ABVP के विभाग संयोजक कर्णपाल सिंह कोटरा भी उनके साथ भूख हड़ताल में शामिल हो गए।
प्रदर्शनकारी छात्रों की प्रमुख मांगें हैं—
- SHO सूरजाराम जाखड़ को तत्काल निलंबित किया जाए।
- हेड कांस्टेबल दीपेंद्र सिंह शेखावत के खिलाफ कार्रवाई हो।
- छात्रों के साथ हुए कथित दुर्व्यवहार की निष्पक्ष जांच कराई जाए।
भाजपा विधायकों ने दिया समर्थन
प्रदर्शन को राजनीतिक समर्थन भी मिल रहा है। जैसलमेर विधायक छोटू सिंह भाटी और पोखरण विधायक प्रताप पुरी महाराज प्रदर्शन स्थल पर पहुंचे और छात्रों से मुलाकात की।
वहीं, शिव विधायक रविंद्र सिंह भाटी ने प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि वीर शहीद सम्मान यात्रा की अनुमति देने में अनावश्यक बाधाएं खड़ी की गईं और छात्रों को हिरासत में लेना उचित नहीं था।
पुलिस ने क्या कहा?
जैसलमेर के पुलिस अधीक्षक (SP) अभिषेक शिवहरे ने कहा कि 26 जुलाई को ABVP कार्यकर्ता केवल 11 मिनट तक ही पुलिस स्टेशन में मौजूद थे।उन्होंने बताया कि तिरंगा यात्रा के लिए आवश्यक अनुमति पहले ही प्रदान कर दी गई थी। साथ ही उन्होंने कहा कि अब तक पुलिस के खिलाफ कोई औपचारिक शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है। यदि शिकायत मिलती है तो उसकी निष्पक्ष जांच कराई जाएगी।

SHO ने आरोपों को बताया गलत
सिटी कोतवाली के SHO सूरजाराम जाखड़ ने छात्रों के आरोपों को खारिज किया है। उनका कहना है कि पुलिस केवल छात्रों को आवश्यक अनुमति के लिए उपखंड अधिकारी (SDM) कार्यालय जाने की सलाह दे रही थी। उन्होंने किसी भी प्रकार के दुर्व्यवहार से इनकार किया है।
क्या बढ़ सकता है विवाद?
यदि छात्र संगठन अपनी भूख हड़ताल जारी रखता है और प्रशासन की ओर से जल्द कोई समाधान नहीं निकलता है, तो यह मामला और अधिक राजनीतिक एवं प्रशासनिक विवाद का रूप ले सकता है। फिलहाल पुलिस और प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।
Jaisalmer ABVP Protest
जैसलमेर में ABVP का आंदोलन अब केवल छात्र प्रदर्शन तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि इसमें राजनीतिक दलों की सक्रिय भागीदारी भी देखने को मिल रही है। एक ओर छात्र पुलिस अधिकारियों के निलंबन की मांग पर अड़े हुए हैं, वहीं दूसरी ओर पुलिस प्रशासन अपने ऊपर लगे आरोपों को निराधार बता रहा है। आने वाले दिनों में प्रशासन की जांच और बातचीत से ही इस विवाद का समाधान निकलने की संभावना है।
FAQ
Q1. जैसलमेर में ABVP का प्रदर्शन क्यों हो रहा है?
उत्तर: ABVP का आरोप है कि कारगिल विजय दिवस तिरंगा यात्रा की सूचना देने के दौरान पुलिस ने छात्रों के साथ दुर्व्यवहार किया, जिसके विरोध में प्रदर्शन किया जा रहा है।
Q2. छात्र क्या मांग कर रहे हैं?
उत्तर: छात्र SHO सूरजाराम जाखड़ और हेड कांस्टेबल दीपेंद्र सिंह शेखावत के निलंबन तथा निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं।
Q3. क्या भूख हड़ताल शुरू हो गई है?
उत्तर: हां, पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष महेंद्र सिंह कर्रा और विभाग संयोजक कर्णपाल सिंह कोटरा अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठ गए हैं।
Q4. पुलिस का क्या कहना है?
उत्तर: पुलिस का कहना है कि किसी भी प्रकार का दुर्व्यवहार नहीं हुआ और यदि कोई औपचारिक शिकायत मिलेगी तो निष्पक्ष जांच कराई जाएगी।
Q5. क्या इस आंदोलन को राजनीतिक समर्थन मिला है?
उत्तर: हां, भाजपा के कई विधायक प्रदर्शन स्थल पर पहुंचे और छात्रों से मुलाकात कर उनका समर्थन किया।










