टीडीएस वायरलस न्यूज़, पटना-बिहार पटना विश्वविद्यालय में छात्रों की विभिन्न लंबित समस्याओं को लेकर छात्र आंदोलन एक बार फिर तेज हो गया है। मंगलवार को संयुक्त छात्र संघ के बैनर तले सैकड़ों छात्रों ने विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया।
Patna University News | छात्रों का आरोप है कि उन्होंने अपनी मांगों को लेकर पहले ही कुलपति को ज्ञापन सौंपते हुए 7 दिनों का अल्टीमेटम दिया था, लेकिन तय समय सीमा बीत जाने के बावजूद विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। इससे आक्रोशित छात्रों ने अब आंदोलन को और तेज करने का निर्णय लिया है।
धरना स्थल पर मौजूद छात्रों ने कहा कि पटना विश्वविद्यालय जैसे प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थान में शैक्षणिक अनियमितताएं, प्रशासनिक लापरवाही और छात्रों की अनदेखी लगातार बढ़ती जा रही है। छात्रों का कहना है कि अगर जल्द उनकी मांगों पर विचार नहीं किया गया तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।

Patna University News | पाँच सूत्री मांगों को लेकर आंदोलन, संयुक्त छात्र संघ द्वारा उठाई गई पाँच प्रमुख मांगें इस प्रकार हैं—
1. PAT में अनियमितता का आरोप
छात्रों ने पटना विश्वविद्यालय प्रवेश परीक्षा (PAT) में गंभीर अनियमितताओं का आरोप लगाया है। विशेष रूप से PAT Paper-2 को लेकर छात्रों का कहना है कि उत्तरपुस्तिकाओं के मूल्यांकन में भारी गड़बड़ी हुई है। उन्होंने मांग की है कि Paper-2 की उत्तरपुस्तिकाओं का पुनः मूल्यांकन कराया जाए, ताकि योग्य छात्रों के साथ न्याय हो सके।
2. लॉ कॉलेज में स्पॉट एडमिशन की अनदेखी
छात्रों का आरोप है कि विश्वविद्यालय से संबद्ध लॉ कॉलेजों में स्पॉट एडमिशन प्रक्रिया को नजरअंदाज किया गया। कई योग्य छात्र आज भी नामांकन से वंचित हैं। छात्र संघ ने मांग की है कि स्पॉट मेरिट लिस्ट अविलंब जारी की जाए, ताकि बचे हुए सीटों पर पारदर्शी तरीके से नामांकन हो सके।
3. पटना विश्वविद्यालय छात्रसंघ चुनाव की तिथि घोषित हो- धरने पर बैठे छात्रों ने विश्वविद्यालय प्रशासन से छात्रसंघ चुनाव की तिथि तत्काल घोषित करने की मांग की। उनका कहना है कि छात्रसंघ चुनाव लोकतांत्रिक प्रक्रिया का अहम हिस्सा है और इसके बिना छात्रों को अपने प्रतिनिधि चुनने का अधिकार नहीं मिल पा रहा है। लंबे समय से चुनाव टाले जाने से छात्रों में असंतोष बढ़ रहा है।
4. केंद्रीय पुस्तकालय (डिजिटल लाइब्रेरी) को खोला जाए
छात्रों ने आरोप लगाया कि पटना विश्वविद्यालय की केंद्रीय पुस्तकालय और डिजिटल लाइब्रेरी लंबे समय से बंद पड़ी है, जिससे पढ़ाई बुरी तरह प्रभावित हो रही है। इसके साथ ही NEP-2020 के तहत जरूरी नई किताबें और अध्ययन सामग्री अब तक उपलब्ध नहीं कराई गई हैं।
छात्रों ने मांग की कि पुस्तकालय को अविलंब खोला जाए और नई शिक्षा नीति के अनुसार पुस्तकें शीघ्र उपलब्ध कराई जाएं।
5. विश्वविद्यालय वेबसाइट से खिलवाड़ का मामला, छात्रों का कहना है कि विश्वविद्यालय की आधिकारिक वेबसाइट पर लगातार गड़बड़ियां देखने को मिल रही हैं। समय पर सूचनाएं अपडेट नहीं की जातीं,
लिंक काम नहीं करते और कई बार महत्वपूर्ण नोटिस गायब हो जाते हैं। इससे छात्रों को प्रवेश, परीक्षा और परिणाम से जुड़ी जानकारी समय पर नहीं मिल पाती।
Patna University News इस अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन में बड़ी संख्या में छात्र और पूर्व छात्रसंघ प्रत्याशी शामिल हैं। धरने पर बैठने वालों में पूर्व प्रत्याशी मनोरंजन राजा, काउंसर सुधांशु राठौर, आलोक, रिंकल यादव, नंदन पटेल, पूर्व प्रत्याशी अनु कुमारी, नंदनी सिंह, सौम्या श्रीवास्तव, आनंद शाश्वत, प्रिंस कुमार, नितीश, हरीश, प्रत्युष, अविनाश सहित कई अन्य छात्र मौजूद रहे।
Patna University News – छात्र नेताओं ने कहा कि यह आंदोलन किसी एक संगठन या व्यक्ति का नहीं, बल्कि पूरे छात्र समुदाय की आवाज है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक विश्वविद्यालय प्रशासन छात्रों की मांगों पर लिखित आश्वासन और ठोस कार्रवाई नहीं करता, तब तक धरना जारी रहेगा।
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छात्र आंदोलन के तेज होने से विश्वविद्यालय प्रशासन पर दबाव बढ़ता नजर आ रहा है। अगर समय रहते छात्रों की मांगों का समाधान नहीं किया गया तो आंदोलन और उग्र रूप ले सकता है। फिलहाल पूरे पटना विश्वविद्यालय (Patna University News) परिसर में आंदोलन को लेकर तनावपूर्ण लेकिन सक्रिय माहौल बना हुआ है।









