सोशल मीडिया पर फैल रही अफवाहों पर Payal Gaming Viral video की सफाई, कानूनी कार्रवाई का संकेत
टीडीएस वायरलस न्यूज़, एंटरटेनमेंट: देश की मशहूर लड़की गेमिंग कंटेंट क्रिएटर Payal Gaming (पायल धरे) को लेकर सोशल मीडिया पर फैल रही भ्रामक खबरों पर अब उन्होंने अपनी चुप्पी तोड़ दी है।
पायल ने साफ शब्दों में कहा है कि इंटरनेट पर उनके नाम से जो भी वीडियो और दावे किए जा रहे हैं, उनका उनसे कोई संबंध नहीं है।
Payal Gaming Viral video ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट के जरिए बयान जारी करते हुए कहा कि हाल के दिनों में कुछ लोग जानबूझकर उनका नाम और पहचान गलत तरीके से इस्तेमाल कर रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह पूरी तरह भ्रामक और झूठी जानकारी है।

Payal ने कहा कि इस तरह की अफवाहें न सिर्फ उनकी छवि को नुकसान पहुंचाती हैं, बल्कि मानसिक रूप से भी परेशान करने वाली होती हैं।
उन्होंने लोगों से अपील की कि वे बिना सच्चाई जाने किसी भी तरह की सामग्री को शेयर न करें।
पायल धरे (Payal Gaming Viral video) ने यह भी साफ किया कि वह अपने नाम और पहचान के गलत इस्तेमाल के खिलाफ कानूनी विकल्पों पर विचार कर रही हैं। उनका कहना है कि डिजिटल प्लेटफॉर्म पर किसी की छवि को नुकसान पहुंचाना कानूनन गलत है और इसके लिए जिम्मेदार लोगों को जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए।
Payal Viral video पूरे मामले के बाद Payal Gaming के प्रशंसक और समर्थक उनके पक्ष में सामने आए हैं। बड़ी संख्या में यूजर्स ने इसे फर्जी और भ्रामक प्रचार बताया है।
Payal Gaming Viral video | फैंस का कहना है कि किसी की लोकप्रियता का गलत फायदा उठाकर इस तरह की अफवाहें फैलाना बेहद गलत है।
Payal Gaming का असली नाम पायल धरे है। वह मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले से आती हैं और आज देश की सबसे लोकप्रिय महिला गेमिंग यूट्यूबर्स में शामिल हैं।
- यूट्यूब पर 45 लाख से अधिक सब्सक्राइबर
- भारत की टॉप महिला गेमिंग क्रिएटर्स में गिनी जाती हैं
- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Pm Modi) से मुलाकात करने वाली इकलौती महिला गेमर रह चुकी हैं
Payal Gaming Viral video | पायल का उद्देश्य है कि अधिक से अधिक लड़कियां डिजिटल और गेमिंग फील्ड (Digital or Gamming Field) में आगे आएं और इसे करियर के रूप में अपनाएं।

Payal Gaming Viral video से जुड़ी चर्चाएं अफवाहों पर आधारित हैं, जिनका उन्होंने खंडन कर दिया है। ऐसे मामलों में सोशल मीडिया (Social media) यूजर्स की जिम्मेदारी बनती है कि वे सत्यापन के बिना किसी भी खबर को आगे न बढ़ाएं।











