विश्व बाल श्रम निषेध दिवस 2026: प्रखंड कार्यालय में दिलाई गई शपथ, 14 वर्ष से कम बच्चों से मजदूरी न कराने का संकल्प
टीडीएस वायरलस संवाददाता, गोपालगंज/न्यूज़ – विश्व बाल श्रम निषेध दिवस के अवसर पर प्रखंड कार्यालय परिसर में बाल श्रम उन्मूलन को लेकर एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य लोगों को बाल श्रम के दुष्परिणामों, बच्चों के अधिकारों और संबंधित कानूनी प्रावधानों के प्रति जागरूक करना था। इस अवसर पर प्रखंड एवं अंचल कार्यालय के अधिकारियों और कर्मचारियों ने बाल श्रम के खिलाफ एकजुट होकर शपथ ली तथा समाज को इस कुप्रथा से मुक्त बनाने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम का नेतृत्व प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) आयुष राज आलोक ने किया। उन्होंने उपस्थित अधिकारियों, कर्मचारियों और कार्यालय परिसर में अपने कार्यों से पहुंचे आम नागरिकों को संबोधित करते हुए कहा कि बाल श्रम समाज के विकास में सबसे बड़ी बाधाओं में से एक है। बच्चों का स्थान स्कूलों और शिक्षण संस्थानों में है, न कि मजदूरी या अन्य श्रम कार्यों में।
14 वर्ष से कम उम्र के बच्चों से मजदूरी नहीं कराने का संकल्प
कार्यक्रम के दौरान सभी प्रतिभागियों ने शपथ ली कि वे 14 वर्ष से कम आयु के बच्चों से किसी भी प्रकार का श्रम नहीं कराएंगे और न ही ऐसा होने देंगे। साथ ही, बाल श्रम के खिलाफ लगातार जागरूकता अभियान चलाने तथा लोगों को इस विषय में शिक्षित करने का संकल्प भी लिया गया।
बीडीओ आयुष राज आलोक ने कहा कि बाल श्रम न केवल बच्चों के बचपन को छीन लेता है, बल्कि उनके शारीरिक, मानसिक और शैक्षणिक विकास को भी प्रभावित करता है। उन्होंने कहा कि बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना और उन्हें सुरक्षित वातावरण देना समाज और सरकार दोनों की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
लोगों को बताए गए कानूनी प्रावधान
जागरूकता कार्यक्रम के दौरान लोगों को बाल श्रम से जुड़े कानूनों और बच्चों के अधिकारों की भी जानकारी दी गई। अधिकारियों ने बताया कि भारत में 14 वर्ष से कम आयु के बच्चों से मजदूरी कराना कानूनन अपराध है। यदि किसी व्यक्ति को बाल श्रम से संबंधित कोई मामला दिखाई देता है, तो उसे संबंधित विभाग या प्रशासन को इसकी सूचना देनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि बाल श्रम उन्मूलन केवल सरकारी प्रयासों से संभव नहीं है। इसके लिए समाज के प्रत्येक वर्ग को आगे आकर अपनी जिम्मेदारी निभानी होगी। बच्चों को शिक्षा से जोड़ना, उनके अधिकारों की रक्षा करना और उन्हें सुरक्षित भविष्य प्रदान करना हम सभी का कर्तव्य है।
Gopalganj news – बीडीओ ने लोगों से अपील करते हुए कहा कि यदि कोई बच्चा स्कूल छोड़कर मजदूरी करता दिखाई दे तो उसे शिक्षा से जोड़ने का प्रयास करें। उन्होंने कहा कि जागरूक समाज ही बाल श्रम जैसी सामाजिक बुराइयों को समाप्त कर सकता है।
कार्यक्रम में पिंटू कुमार, अवधेश कुमार, सोनू मिश्र, हरकेश कुशवाहा, रमंजय सिंह सहित प्रखंड एवं अंचल कार्यालय के कई पदाधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे। सभी ने बाल श्रम मुक्त भारत के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का संकल्प दोहराया।
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विश्व बाल श्रम निषेध दिवस पर आयोजित यह कार्यक्रम समाज में सकारात्मक संदेश देने वाला साबित हुआ। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि बच्चों का भविष्य शिक्षा से जुड़ा है और बाल श्रम जैसी कुप्रथा को समाप्त करने के लिए जनभागीदारी बेहद आवश्यक है। प्रशासन द्वारा चलाए जा रहे ऐसे जागरूकता अभियान बच्चों के अधिकारों की रक्षा और बाल श्रम मुक्त समाज के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।









