गोपालगंज, टीडीएस वायरलस संवाददाता: बिहार के गोपालगंज जिले के थावे बाजार से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है। थावे बाजार निवासी और दुबई में मर्चेंट शिप पर कार्यरत सोनू कुमार गुप्ता (Sonu Kumar Gupta) की ईरान-अमेरिका संघर्ष के दौरान कथित हमले में मौत की सूचना मिलने से पूरे परिवार और इलाके में शोक की लहर दौड़ गई है। घटना की जानकारी मिलते ही परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है, जबकि स्थानीय लोग लगातार परिवार को ढांढस बंधाने उनके घर पहुंच रहे हैं।
परिजनों के अनुसार, मंगलवार सुबह उन्हें विदेश से सूचना मिली कि ईरान और अमेरिका के बीच जारी सैन्य तनाव के दौरान हुए एक कथित हमले में सोनू कुमार गुप्ता की जान चली गई। हालांकि, इस घटना की आधिकारिक पुष्टि और विस्तृत जानकारी का परिवार अभी भी इंतजार कर रहा है। फिलहाल संबंधित अधिकारियों की ओर से औपचारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
सोनू कुमार गुप्ता लंबे समय से दुबई में एक मर्चेंट शिप पर कार्यरत थे। परिवार की आर्थिक जिम्मेदारियों को निभाने के लिए वे विदेश में नौकरी कर रहे थे। अचानक आई इस दुखद सूचना ने पूरे परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है।
मृतक के पिता संजय गुप्ता (Sanjay Gupta) थावे बाजार में जूता-चप्पल की दुकान चलाते हैं। बेटे की मौत की खबर मिलने के बाद मंगलवार को उनकी दुकान बंद रही। जैसे ही घटना की जानकारी लोगों तक पहुंची, बड़ी संख्या में रिश्तेदार, मित्र, व्यापारी और स्थानीय लोग उनके घर पहुंचने लगे। पूरे थावे बाजार में शोक का माहौल देखा गया।
परिवार अब सोनू कुमार गुप्ता के पार्थिव शरीर के भारत लाए जाने का इंतजार कर रहा है। परिजनों का कहना है कि अभी तक शव को स्वदेश लाने की प्रक्रिया और आवश्यक औपचारिकताओं को लेकर कोई स्पष्ट आधिकारिक जानकारी नहीं मिली है। स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों ने केंद्र सरकार और भारतीय दूतावास से जल्द आवश्यक कार्रवाई कर पार्थिव शरीर को गोपालगंज लाने की मांग की है, ताकि उनका अंतिम संस्कार पूरे सम्मान के साथ किया जा सके।
घटना को लेकर परिवार ने जो जानकारी साझा की है, उसके आधार पर इलाके में शोक का माहौल है। हालांकि, मौत के कारण और हमले की परिस्थितियों को लेकर संबंधित सरकारी एजेंसियों या भारतीय दूतावास की आधिकारिक पुष्टि का अभी इंतजार किया जा रहा है। आधिकारिक जानकारी सामने आने के बाद ही पूरे मामले की स्पष्ट तस्वीर सामने आएगी।

इस दुखद घटना ने एक बार फिर विदेशों में कार्यरत भारतीय नागरिकों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। स्थानीय लोगों ने सरकार से मांग की है कि विदेश में काम कर रहे भारतीयों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के साथ-साथ पीड़ित परिवार को हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जाए।







