टीडीएस वायरलस न्यूज़: गोपालगंज के महेंद्र महिला कॉलेज में स्नातक सत्र 2023-27 के तृतीय सेमेस्टर के छात्रों के अंकपत्र में बड़ी गड़बड़ी सामने आने के बाद छात्राओं का गुस्सा फूट पड़ा। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) की कॉलेज इकाई ने इस मुद्दे को लेकर जोरदार आंदोलन किया और विश्वविद्यालय प्रशासन को कड़ा अल्टीमेटम दिया है।
क्या है पूरा मामला? जानकारी के अनुसार, स्नातक तृतीय सेमेस्टर की परीक्षा देने के बावजूद कई छात्राओं के अंकपत्र में “अनुपस्थित” (Absent) दर्शा दिया गया है। खास तौर पर गृह विज्ञान (Home Science) विषय की सभी परीक्षार्थियों के साथ यह समस्या सामने आई है। इससे छात्राओं के भविष्य पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

अभाविप (Abvp) ने संभाली कमान –इस गड़बड़ी के खिलाफ अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद की महेंद्र महिला कॉलेज इकाई अध्यक्ष हर्षिता कुमारी (Harshita Kumari) के नेतृत्व में छात्राओं ने कॉलेज परिसर में जोरदार प्रदर्शन किया। आंदोलन के दौरान परीक्षा नियंत्रक के खिलाफ नारेबाजी की गई और प्राचार्य के माध्यम से विश्वविद्यालय के परीक्षा नियंत्रक को ज्ञापन सौंपा गया।
गृह विज्ञान की सभी छात्राएं इस आंदोलन में शामिल हुईं और अपनी नाराजगी जताई। उनका कहना है कि उन्होंने परीक्षा दी है, फिर भी उन्हें अनुपस्थित दिखाना बेहद अन्यायपूर्ण है। आंदोलन के दौरान बड़ी संख्या में छात्राएं मौजूद रहीं, जिनमें रजिया खातून, काजल कुमारी, प्रीति कुमारी, निकी, रिपु, अलका, मनीषा सहित सैकड़ों छात्राएं शामिल थीं।

प्राचार्य की पहल से शांत हुआ मामला-प्रदर्शन के बाद कॉलेज के प्राचार्य ने तत्काल परीक्षा नियंत्रक से फोन पर बातचीत कर पूरी स्थिति से अवगत कराया। इसके बाद अस्थायी रूप से आंदोलन को शांत कराया गया। अभाविप की कॉलेज इकाई ने साफ चेतावनी दी है कि यदि बुधवार तक सभी अंकपत्रों में सुधार कर वितरण नहीं किया गया, तो संगठन उग्र आंदोलन करने को मजबूर होगा। अभाविप हर्षिता कुमारी, कॉलेज उपाध्यक्ष आदिति हर्ष और रोशनी कुमारी ने कहा:“विश्वविद्यालय बार-बार छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रहा है। पहले ही सत्र नियमित नहीं है, ऊपर से यह लापरवाही अब बर्दाश्त के बाहर है।”
इस तरह की प्रशासनिक लापरवाही से छात्रों के करियर पर सीधा असर पड़ता है। गलत अंकपत्र के कारण आगे की पढ़ाई, प्रतियोगी परीक्षाएं और नौकरी के अवसर प्रभावित हो सकते हैं।
छात्रों का इंतजार बुधवार की डेडलाइन पर टिकी है। यदि समय पर सुधार नहीं हुआ, तो महेंद्र महिला कॉलेज में बड़ा छात्र आंदोलन देखने को मिल सकता है।










