ब्रेकिंग न्यूज़ | टीडीएस वायरलस: गोपालगंज में क्रिसमस के दिन बजरंग दल द्वारा चलाए गए एक विशेष अभियान ने धार्मिक और सामाजिक हलकों में व्यापक चर्चा को जन्म दे दिया है।
संगठन के कार्यकर्ताओं ने शहर के एक चर्च के पास तुलसी के पौधे वितरित किए और हिंदू समाज से क्रिसमस का पर्व न मनाने की अपील की। इस दौरान सनातन संस्कृति, धार्मिक पहचान और भारतीय परंपराओं के संरक्षण को लेकर कई नारे और संदेश दिए गए।
बजरंग दल के अनुसार यह अभियान किसी समुदाय के विरोध में नहीं, बल्कि हिंदू समाज को अपनी संस्कृति और परंपराओं के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से चलाया गया।
कार्यकर्ताओं ने चर्च के आसपास से गुजरने वाले लोगों को रोककर उन्हें तुलसी का पौधा भेंट किया और तुलसी के धार्मिक व वैज्ञानिक महत्व की जानकारी दी।
कार्यकर्ताओं ने कहा कि हिंदू धर्म में तुलसी को ‘माता’ का दर्जा प्राप्त है। इसे न केवल धार्मिक दृष्टि से बल्कि आयुर्वेदिक और वैज्ञानिक रूप से भी अत्यंत महत्वपूर्ण माना गया है।
उनका कहना था कि तुलसी घर में सकारात्मक ऊर्जा, स्वास्थ्य और समृद्धि का प्रतीक है। इसी कारण 25 दिसंबर को ‘तुलसी पूजन दिवस’ के रूप में मनाने का आह्वान किया गया।
बजरंग दल के स्थानीय पदाधिकारियों ने बताया कि इस दिन घर-घर तुलसी पूजन, दीप प्रज्ज्वलन और पारंपरिक धार्मिक अनुष्ठान किए जाने चाहिए, ताकि नई पीढ़ी अपनी जड़ों से जुड़ी रहे।
अभियान के दौरान कार्यकर्ताओं ने कहा कि क्रिसमस भारतीय और सनातन संस्कृति का हिस्सा नहीं है, इसलिए हिंदू समाज को इसे नहीं मनाना चाहिए।
उन्होंने युवाओं और अभिभावकों से विशेष अपील करते हुए कहा कि बच्चों को सांता क्लॉज, क्रिसमस ट्री और अन्य विदेशी परंपराओं से दूर रखें।
कार्यकर्ताओं का तर्क था कि धीरे-धीरे विदेशी त्योहारों का बढ़ता प्रभाव भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों को कमजोर कर रहा है। ऐसे में समाज को सचेत रहकर अपनी परंपराओं का पालन करना चाहिए।
इस दौरान सड़कों पर पोस्टर लगाए गए और नारों के माध्यम से हिंदू समाज को अपनी धार्मिक पहचान के प्रति जागरूक रहने का संदेश दिया गया।
पोस्टरों में सनातन संस्कृति, तुलसी पूजन और भारतीय परंपराओं के महत्व को रेखांकित किया गया।
कार्यकर्ताओं ने दावा किया कि इस तरह के अभियानों से समाज में सांस्कृतिक गर्व की भावना मजबूत होती है और धर्मांतरण जैसी चुनौतियों पर भी अंकुश लगता है।
हालांकि इस अभियान के दौरान किसी तरह की अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली है। स्थानीय प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनी हुई है और सभी गतिविधियों पर सतर्क निगरानी रखी जा रही है।
बजरंग दल के इस अभियान को लेकर शहर में मिली-जुली प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।
कुछ लोग इसे अपनी संस्कृति के संरक्षण से जोड़कर देख रहे हैं, जबकि कुछ लोगों का मानना है कि सभी धर्मों के त्योहार आपसी भाईचारे के साथ मनाए जाने चाहिए।
फिलहाल, गोपालगंज में यह मुद्दा चर्चा का केंद्र बना हुआ है। 25 दिसंबर को ‘तुलसी पूजन दिवस’ के आह्वान के साथ बजरंग दल का यह अभियान आने वाले दिनों में सामाजिक और धार्मिक बहस को और तेज कर सकता है।







