Bihar Government news Sasamusha Sugar Mil
टीडीएस वायरलस न्यूज़, गोपालगंज। आठ वर्षों से बंद पड़ी सासामुसा चीनी मिल के दोबारा संचालन को लेकर जिले में एक बार फिर उम्मीद की किरण दिखाई दी है।
देश के अग्रणी औद्योगिक समूह निरानी शुगर लिमिटेड ने इस ऐतिहासिक मिल के पुनरुद्धार में रुचि दिखाई है। जानकारी के अनुसार, कंपनी के अध्यक्ष सह प्रबंध निदेशक (सीएमडी) द्वारा गुरुवार को मिल परिसर का स्थलीय निरीक्षण किए जाने की संभावना है। इस निरीक्षण के बाद मिल के पुनर्जीवन, निवेश और संचालन को लेकर अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
संभावित निरीक्षण को देखते हुए जिला प्रशासन भी सक्रिय हो गया है। बिहार सरकार के अपर मुख्य सचिव ने गोपालगंज के जिला पदाधिकारी को पत्र भेजकर बंद पड़ी चीनी मिलों को चालू करने और नई इकाइयों की स्थापना को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए हैं।
यह पहल राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी योजना “सात निश्चय-3 (2025-2030)” के तहत “समृद्ध उद्योग, सशक्त बिहार” की परिकल्पना को साकार करने की दिशा में उठाया गया अहम कदम माना जा रहा है।
मुख्य सचिव की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय समिति के गठन को भी स्वीकृति मिल चुकी है, जो पुरानी मिलों के पुनरुद्धार की प्रक्रिया की निगरानी करेगी।
मंगलवार को जिलाधिकारी के निर्देश पर सदर अनुमंडल पदाधिकारी अनिल कुमार, कुचायकोट प्रखंड विकास पदाधिकारी सुनील कुमार मिश्रा और अंचल पदाधिकारी मणि भूषण कुमार ने सासामुसा स्थित मिल परिसर का निरीक्षण किया।
अधिकारियों ने मिल के विभिन्न हिस्सों का जायजा लिया तथा संभावित हेलीपैड स्थल का चयन कर आवश्यक निर्देश जारी किए।
Bihar Government news | 1932 से जुड़ा है गौरवशाली इतिहास वर्ष 1932 में स्थापित सासामुसा चीनी मिल कभी गोपालगंज की आर्थिक धुरी मानी जाती थी। गंडक नदी के किनारे बसे गांवों से लेकर पंचदेवरी और कटेया प्रखंड तक बड़े पैमाने पर गन्ने की खेती होती थी।
हजारों किसान अपनी उपज इसी मिल को आपूर्ति करते थे। मिल के चलते स्थानीय स्तर पर रोजगार के व्यापक अवसर उपलब्ध थे और क्षेत्र की अर्थव्यवस्था सुदृढ़ बनी रहती थी।
लेकिन वर्ष 2015 के बाद मिल की आर्थिक स्थिति लगातार बिगड़ती चली गई। किसानों का भुगतान लंबित होने लगा और बकाया राशि बढ़ती गई।
वर्ष 2018 में मिल परिसर में हुए एक दर्दनाक हादसे में नौ मजदूरों की मौत के बाद मिल का संचालन पूरी तरह ठप हो गया। वर्ष 2019 में मात्र दस दिनों के लिए मिल चली, लेकिन उसके बाद से यह पूरी तरह बंद है।
46 करोड़ से अधिक का बकाया | Bihar Government news, वर्ष 2014 से 2019 तक विभिन्न पेराई सत्रों का किसानों का 46 करोड़ रुपये से अधिक बकाया अब भी लंबित है। किसानों को उम्मीद थी कि मिल परिसर में रखी चीनी की बिक्री से उनका बकाया भुगतान हो जाएगा,
लेकिन बिक्री से प्राप्त राशि बैंक खाते में समायोजित हो गई और किसानों को राहत नहीं मिल सकी। इस कारण किसानों में गहरी निराशा व्याप्त हो गई थी।
Bihar Government news | अब निरानी ग्रुप की संभावित पहल से किसानों को न केवल रोजगार की उम्मीद जगी है, बल्कि वर्षों से लंबित बकाये के भुगतान की भी आस बंधी है। यदि मिल का पुनः संचालन शुरू होता है, तो इससे हजारों परिवारों की आर्थिक स्थिति में सुधार आ सकता है।
Bihar Government news | मानना है कि सासामुसा चीनी मिल के दोबारा चालू होने से गोपालगंज जिले में औद्योगिक गतिविधियां तेज होंगी। गन्ना किसानों को अपनी उपज के लिए स्थानीय बाजार मिलेगा,
परिवहन लागत कम होगी और क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। इसके साथ ही सहायक उद्योगों जैसे ट्रांसपोर्ट, मशीनरी मरम्मत, पैकेजिंग और छोटे व्यापार को भी बढ़ावा मिलेगा।
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Bihar Government news | Gopalganj जिले के किसान और श्रमिक अब कंपनी के निरीक्षण और उसके बाद होने वाले अंतिम निर्णय का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। यदि सब कुछ सकारात्मक रहा, तो आठ वर्षों से बंद पड़ी यह मिल एक बार फिर से क्षेत्र की आर्थिक धुरी बन सकती है।










