टीडीएस वायरलस न्यूज़, लखनऊ/गोरखपुर: Deen Dayal Upadhyay Gorakhpur University के वाणिज्य विभाग द्वारा सोमवार को ‘भारत में GST: उपलब्धियां, चुनौतियां और आगे की राह’ विषय पर दो दिवसीय राष्ट्रीय सेमिनार का आयोजन किया गया।
यह कार्यक्रम Indian Council of Social Science Research (ICSSR) के सहयोग से आयोजित किया गया, जिसमें देशभर के शिक्षाविद, कर विशेषज्ञ, चार्टर्ड अकाउंटेंट, शोधार्थी और छात्र शामिल हुए।
यह सेमिनार विश्वविद्यालय परिसर स्थित श्री महायोगी गुरु गोरक्षनाथ रिसर्च पीठ में आयोजित किया गया। उद्घाटन सत्र की अध्यक्षता विश्वविद्यालय की कुलपति Poonam Tandon ने की।
कार्यक्रम का उद्देश्य भारत में लागू Goods and Services Tax (GST) के प्रभाव, उपलब्धियों और चुनौतियों पर व्यापक चर्चा करना था।
GST National Seminar 2026 | GST ने भारतीय अर्थव्यवस्था को दिया नया ढांचा कार्यक्रम के मुख्य अतिथि CP Agarwal ने अपने संबोधन में कहा कि GST भारत की कर प्रणाली में एक ऐतिहासिक सुधार है। उन्होंने बताया कि GST लागू होने के बाद देश में टैक्स सिस्टम अधिक पारदर्शी और व्यवस्थित हुआ है।
उन्होंने कहा कि पहले विभिन्न राज्यों में अलग-अलग टैक्स व्यवस्था होने के कारण व्यापारियों को कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ता था,
लेकिन GST ने पूरे देश को एकीकृत बाजार में बदल दिया है। इससे व्यापार करना आसान हुआ है और सरकार की राजस्व व्यवस्था भी मजबूत हुई है।
कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि Aditya Bharti ने GST के आर्थिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह प्रणाली देश की अर्थव्यवस्था को आधुनिक बनाने की दिशा में बड़ा कदम है। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि GST के क्रियान्वयन में अभी भी कई चुनौतियां मौजूद हैं, जिन पर लगातार काम करने की जरूरत है।

उन्होंने बताया कि छोटे व्यापारियों और मध्यम उद्योगों को GST की जटिल प्रक्रियाओं को समझने में अभी भी कठिनाई होती है। इसलिए सरकार और शैक्षणिक संस्थानों को मिलकर जागरूकता और प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाने चाहिए।
GST National Seminar 2026 | सेमिनार का उद्देश्य और महत्व वाणिज्य विभाग के अध्यक्ष प्रो. S V Pathak ने सेमिनार के उद्देश्य और महत्व पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि GST पर इस तरह के शैक्षणिक कार्यक्रम नीतिगत सुधारों को समझने और शोध को बढ़ावा देने के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं।
उन्होंने बताया कि इस सेमिनार में देश के विभिन्न विश्वविद्यालयों और संस्थानों से आए विशेषज्ञ अपने शोध पत्र प्रस्तुत करेंगे। इन शोध पत्रों के माध्यम से GST के प्रभाव, उसकी कार्यप्रणाली और सुधार की संभावनाओं पर गहन चर्चा की जाएगी।
GST National Seminar 2026 | देशभर के विशेषज्ञों की भागीदारी इस दो दिवसीय राष्ट्रीय सेमिनार में देश के कई विश्वविद्यालयों के शिक्षाविद, कर विशेषज्ञ, चार्टर्ड अकाउंटेंट और शोधार्थी शामिल हुए। प्रतिभागियों ने GST से जुड़े विभिन्न विषयों पर अपने विचार और शोध प्रस्तुत किए।
विशेषज्ञों ने चर्चा के दौरान बताया कि GST ने भारत की अर्थव्यवस्था को डिजिटल और पारदर्शी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। साथ ही यह भी कहा गया कि GST की सफलता के लिए तकनीकी ढांचे और प्रशासनिक क्षमता को लगातार मजबूत करना जरूरी है।
GST National Seminar 2026 | अंतरराष्ट्रीय जर्नल का भी हुआ विमोचन कार्यक्रम के दौरान वाणिज्य विभाग द्वारा प्रकाशित अंतरराष्ट्रीय पीयर-रिव्यूड जर्नल का भी विमोचन किया गया। इस जर्नल में अर्थशास्त्र, कराधान और व्यापार से जुड़े शोध लेख प्रकाशित किए जाते हैं।
जर्नल का उद्देश्य शोध कार्यों को बढ़ावा देना और देश-विदेश के विद्वानों को एक साझा मंच प्रदान करना है, जहां वे अपने विचार और शोध परिणाम साझा कर सकें।
कार्यक्रम के अंत में सह-संयोजक प्रो. Rajeev Prabhakar ने सभी अतिथियों, प्रतिभागियों और आयोजकों का धन्यवाद ज्ञापित किया। उन्होंने कहा कि इस सेमिनार से छात्रों और शोधार्थियों को GST की गहराई से समझ विकसित करने में मदद मिलेगी।
उन्होंने उम्मीद जताई कि इस तरह के अकादमिक कार्यक्रम भविष्य में भी आयोजित किए जाएंगे, जिससे शिक्षा और शोध के क्षेत्र को और मजबूत बनाया जा सके।
GST National Seminar 2026 | शिक्षा और अर्थव्यवस्था के बीच मजबूत कड़ी विशेषज्ञों का मानना है कि विश्वविद्यालयों में आयोजित ऐसे सेमिनार शिक्षा और नीति निर्माण के बीच एक मजबूत कड़ी का काम करते हैं।
GST National Seminar 2026-इससे छात्रों को न केवल नई जानकारी मिलती है बल्कि उन्हें व्यावहारिक आर्थिक नीतियों को समझने का अवसर भी मिलता है।
GST National Seminar 2026 Gorkhpur news
GST National Seminar 2026 – इस 2 दिवसीय राष्ट्रीय सेमिनार में प्रस्तुत किए गए शोध और विचार भविष्य में GST से जुड़े सुधारों और नीति निर्माण में उपयोगी साबित हो सकते हैं।








