टीडीएस वायरलस संवाददाता, गोपालगंज/बिहार: गोपालगंज जिले में इस वर्ष मौसम ने किसानों की मेहनत पर पूरी तरह पानी फेर दिया है। पिछले चार दिनों में आए भीषण आंधी-तूफान, तेज बारिश और ओलावृष्टि ने आम और लीची की फसल को भारी नुकसान पहुंचाया है। किसानों के अनुसार, इस बार इतनी तेज और लंबे समय तक ओलावृष्टि पहले कभी नहीं देखी गई, साल 1998 के बाद यह सबसे भयंकर मानी जा रही है।
लगातार तीन दिन आए तूफान और बारिश से जिले में करीब 90 प्रतिशत आम की फसल नष्ट हो चुकी है। बागानों में मुश्किल से 20% आम ही बचे हैं और अधिकांश पेड़ खाली नजर आ रहे हैं।
किसानों को इस बार अच्छे मंजर के कारण बेहतर उत्पादन और मुनाफे की उम्मीद थी, लेकिन मौसम ने सारी उम्मीदें तोड़ दीं।
आम के दाम बढ़ने की संभावना
- मालदह आम: ₹30-35/kg से बढ़कर ₹60-70/kg तक जा सकता है
- बीजू आम: ₹15-20/kg से बढ़कर ₹40/kg तक पहुंच सकता है
किसानों ने बताया कि पहले मधुआ कीट ने फसल को नुकसान पहुंचाया, फिर अप्रैल की तेज गर्मी से आम झड़ने लगे। किसी तरह सिंचाई कर फसल बचाई जा रही थी, लेकिन आंधी और ओलावृष्टि ने बची-खुची फसल भी खत्म कर दी।
- तेज हवाओं से 30% लीची तुरंत गिर गई
- 15-20% लीची के डंठल टूट गए, जो आगे गिर सकते हैं
- कुल मिलाकर लगभग 70% लीची फसल बर्बाद
किसानों का कहना है कि इस बार लीची की पैदावार काफी अच्छी होने वाली थी, लेकिन मौसम ने उम्मीदों पर पानी फेर दिया।
गोपालगंज जिले में बागवानी का आंकड़ा
- आम: 3500 हेक्टेयर
- लीची: 1020 हेक्टेयर
उत्पादन (2024-25):
- आम: 34.03 हजार टन
- लीची: 9.05 हजार टन
फसल की भारी तबाही से किसान मायूस हैं। वहीं एडवांस भुगतान कर चुके व्यापारी भी अब खरीदारी से पीछे हटने लगे हैं।






