फिल्म देखकर थावे मंदिर में 1.08 करोड़ की चोरी की साजिश, गूगल-यूट्यूब से रेकी, यूपी से मास्टरमाइंड गिरफ्तार
टीडीएस वायरलस न्यूज़, थावे मंदिर – गोपालगंज जिले के प्रसिद्ध थावे भवानी मंदिर में हुई 1.08 करोड़ रुपये की हाईप्रोफाइल चोरी का पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा कर दिया है।
बिहार पुलिस ने इस मामले में मुख्य साजिशकर्ता दीपक राय को उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले से गिरफ्तार किया है। आरोपी ने स्वीकार किया है कि उसने चोरी से पहले फिल्मों से आइडिया लिया,
गूगल और यूट्यूब पर मंदिर की पूरी जानकारी जुटाई और कई दिनों तक रेकी कर वारदात को अंजाम दिया। इस घटना ने एक बार फिर मंदिरों की सुरक्षा व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।
पुलिस के अनुसार, दीपक राय पेशेवर मंदिर चोर है। उसने थावे भवानी मंदिर को निशाना बनाने से पहले चोरी से जुड़ी कई फिल्में देखीं।
इसके बाद उसने गूगल और यूट्यूब पर मंदिर के स्ट्रक्चर, गर्भगृह, प्रवेश और निकास मार्ग, सुरक्षा व्यवस्था और मां दुर्गा के आभूषणों की जानकारी जुटाई।
आरोपी ने कई दिनों तक इंटरनेट पर मंदिर से जुड़ी सर्च की, जिससे उसे पता चला कि गर्भगृह में कितने बहुमूल्य आभूषण हैं और उन्हें कैसे हटाया जा सकता है।
पूरी प्लानिंग के बाद दीपक ने 17 दिसंबर की रात अपने एक साथी के साथ चोरी को अंजाम दिया। दोनों आरोपी मंदिर के पीछे बन रहे एक मकान से रस्सी के सहारे मंदिर परिसर में दाखिल हुए।
इसके बाद गर्भगृह में पहुंचकर मां दुर्गा की प्रतिमा से सोने-चांदी के हार, लॉकर में रखा करीब 51 लाख रुपये का सोने का मुकुट और अन्य बहुमूल्य आभूषण चुरा लिए।
इतना ही नहीं, करीब 50 किलो वजनी दानपेटी भी उठाकर फरार हो गए। चोरी गए सामान की कुल कीमत लगभग 1.08 करोड़ रुपये आंकी गई है।
गोपालगंज के पुलिस अधीक्षक अवधेश दीक्षित ने मंगलवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पूरे मामले का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि इस हाईप्रोफाइल केस के लिए 12 विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया गया था।
पुलिस ने बिहार, उत्तर प्रदेश और मध्यप्रदेश में लगातार 5 दिनों तक छापेमारी की। तकनीकी साक्ष्य, सीसीटीवी फुटेज और मोबाइल सर्विलांस के आधार पर पुलिस उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले के जमुनिया थाना क्षेत्र तक पहुंची।
पुलिस ने गाजीपुर से देवानंद राय के बेटे दीपक राय को हिरासत में लेकर पूछताछ की। सख्ती से पूछताछ के दौरान दीपक ने अपना जुर्म कबूल कर लिया।
आरोपी के पास से रॉड कटर, चोरी के समय पहने गए कपड़े, मोबाइल फोन, बाइक और बैग बरामद किए गए हैं। मोबाइल फोन की जांच में थावे मंदिर से जुड़ी पूरी सर्च हिस्ट्री मिली है, जिससे उसकी प्लानिंग की पुष्टि हुई।
पुलिस जांच में सामने आया कि दीपक राय का आपराधिक इतिहास रहा है। मार्च 2025 में उसने मध्यप्रदेश के महू जिले के शीतला माता मंदिर में चोरी की थी, जिसके बाद वह जेल गया था।
13 नवंबर 2025 को जेल से छूटने के बाद उसने दोबारा मंदिरों की रेकी शुरू कर दी। उसने थावे मंदिर के साथ-साथ पुणे के एक बड़े मंदिर की भी योजना बनाई थी। आरोपी 10 और 11 दिसंबर की रात खुद थावे मंदिर आकर रेकी कर चुका था।
दीपक ने पुलिस को बताया कि चोरी के बाद उसने सारे कीमती आभूषण अपने पास नहीं रखे। उसने उन्हें अपने दूसरे साथी को सौंप दिया ताकि पकड़े जाने पर उसके पास से कोई बरामदगी न हो सके।
इसी कारण अब तक आभूषण बरामद नहीं हो पाए हैं। पुलिस ने दूसरे आरोपी की पहचान कर ली है और उसकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है।
SP ने बताया कि दीपक राय LLB का छात्र है और बास्केटबॉल खिलाड़ी भी रह चुका है। उसके पिता रिटायर्ड आर्मी जवान हैं। आरोपी दो भाइयों में बड़ा है।
पुलिस के अनुसार, वह पहले बाइक चोरी करता था और बाद में मंदिर चोरी की घटनाओं में शामिल हो गया। वह खुद को प्रभावशाली बताकर युवाओं को नौकरी दिलाने का लालच देकर भी अपने साथ जोड़ता था।
इस मामले में पुलिस ने यह भी स्वीकार किया कि शुरुआती स्तर पर सुरक्षा में कुछ लापरवाही हुई थी। जिन पुलिसकर्मियों की भूमिका संदिग्ध या लापरवाह पाई गई, उन पर कार्रवाई की गई है।
फिलहाल पुलिस को उम्मीद है कि जल्द ही दूसरे आरोपी की गिरफ्तारी और चोरी गए आभूषणों की बरामदगी कर ली जाएगी।
थावे मंदिर जैसी आस्था की बड़ी जगह पर हुई इस चोरी ने पूरे राज्य में सनसनी फैला दी है। पुलिस की कार्रवाई के बाद जहां एक ओर लोगों में राहत है, वहीं मंदिरों की सुरक्षा को लेकर नई बहस भी शुरू हो गई है।







