टीडीएस वायरलस न्यूज़, बैकुंठपुर | गोपालगंज जिले के बैकुंठपुर प्रखंड स्थित ऐतिहासिक डुमरिया घाट पर बुधवार को नारायणी महोत्सव का भव्य शुभारंभ हुआ। नारायणी नदी के पावन तट पर आयोजित इस सांस्कृतिक महोत्सव ने पूरे जिले को उत्सवमय बना दिया।
महोत्सव का उद्घाटन आपदा प्रबंधन विभाग के मंत्री नारायण प्रसाद, बैकुंठपुर के विधायक मिथलेश तिवारी, गोपालगंज के विधायक सुभाष सिंह और जिला पदाधिकारी पवन कुमार सिन्हा ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इस अवसर पर जिला प्रशासन एवं कला, संस्कृति एवं युवा विभाग की संयुक्त भूमिका सराहनीय रही।
Narayani Festival 2026 – उद्घाटन समारोह के साथ ही नारायणी घाट लोक संस्कृति, परंपरा और मनोरंजन के संगम का साक्षी बना। कार्यक्रम की शुरुआत पारंपरिक लोकनृत्य और लोकगीतों से हुई,
जिसने दर्शकों को गोपालगंज जिले की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत से रूबरू कराया। कलाकारों की प्रस्तुतियों ने यह स्पष्ट कर दिया कि गोपालगंज की धरती आज भी अपनी लोक परंपराओं को जीवंत रखे हुए है।
Narayani Festival 2026-महोत्सव के मंच से जब लोक नृत्य और लोकगीतों की प्रस्तुति शुरू हुई, पारंपरिक वेशभूषा में सजे कलाकारों ने नारायणी अंचल की संस्कृति को जीवंत कर दिया।
अतिथियों ने अपने संबोधन में कहा कि नारायणी महोत्सव (Narayani Festival 2026) केवल मनोरंजन तक सीमित नहीं है, बल्कि यह Gopalganj जिले की सांस्कृतिक धरोहर को संरक्षित करने और आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाने का एक सशक्त माध्यम है।
Narayani Festival 2026 – कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने कहा कि ऐसे आयोजन स्थानीय कलाकारों के लिए वरदान साबित होते हैं। इससे उन्हें अपनी प्रतिभा दिखाने का बड़ा मंच मिलता है और नई पहचान बनती है।
साथ ही युवा पीढ़ी को अपनी जड़ों से जुड़ने का अवसर मिलता है। अतिथियों ने यह भी कहा कि नारायणी महोत्सव जिले के पर्यटन को बढ़ावा देने में अहम भूमिका निभा रहा है, जिससे स्थानीय रोजगार और अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिल रही है।
Narayani Festival 2026 – का सबसे आकर्षक क्षण तब आया जब भोजपुरी संगीत जगत के चर्चित गायक रितेश पांडेय मंच पर पहुंचे।
जैसे ही उन्होंने अपने लोकप्रिय गीतों की शुरुआत की, पूरा पंडाल तालियों और नारों से गूंज उठा। रितेश पांडेय की प्रस्तुति ने महोत्सव में चार चांद लगा दिए।
नारायणी नदी के तट पर आयोजित इस महोत्सव में हजारों की संख्या में लोग पहुंचे। दूर-दराज के गांवों से भी लोग कार्यक्रम देखने आए। आयोजन स्थल पर सुरक्षा, रोशनी, पार्किंग और बैठने की बेहतर व्यवस्था की गई थी,
जिससे लोगों को किसी प्रकार की असुविधा नहीं हुई। प्रशासन की ओर से भीड़ प्रबंधन को लेकर विशेष इंतजाम किए गए थे।
डीएम बोले – संस्कृति से जुड़ रहे युवा Gopalganj जिला पदाधिकारी पवन कुमार सिन्हा ने कहा कि नारायणी महोत्सव गोपालगंज की सांस्कृतिक पहचान को मजबूत करता है।
उन्होंने कहा कि इस तरह के आयोजन युवाओं को कला, संगीत और संस्कृति से जोड़ने का काम करते हैं। जिला प्रशासन का प्रयास है कि ऐसे सांस्कृतिक कार्यक्रमों के जरिए Gopalganj जिले की पहचान राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर और मजबूत हो।
आपदा प्रबंधन विभाग के मंत्री नारायण प्रसाद ने नारायणी महोत्सव की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे सांस्कृतिक आयोजन समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करते हैं।
उन्होंने कहा कि कला और संस्कृति लोगों को जोड़ने का माध्यम हैं, जिससे आपसी भाईचारा और सौहार्द बढ़ता है। सरकार भविष्य में भी ऐसे आयोजनों को प्रोत्साहित करती रहेगी।
Narayani Festival 2026 के शुभारंभ अवसर पर बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी, कलाकार और आम नागरिक मौजूद रहे। स्थानीय लोगों में आयोजन को लेकर खासा उत्साह देखने को मिला।
Narayani Festival 2026
डुमरिया घाट पर आयोजित नारायणी महोत्सव ने गोपालगंज की सांस्कृतिक पहचान को नई ऊंचाइयों पर पहुंचा दिया है। संस्कृति, संगीत और जनभागीदारी के इस संगम ने जिले को एक नई पहचान देने का काम किया है।







