टीडीएस वायरलस न्यूज़ | गोपालगंज (बिहार)- गोपालगंज जिले के कुचायकोट थाना क्षेत्र से एक बेहद दर्दनाक और झकझोर देने वाली घटना सामने आई है। छेड़खानी का विरोध करने पर हुई मारपीट में गंभीर रूप से घायल बीए की छात्रा की इलाज के दौरान मौत हो गई।
इस घटना से पूरे गाँव में आक्रोश फैल गया है। छात्रा की मौत की खबर मिलते ही परिजन और गाँव वाले भड़क उठे और कुचायकोट थाना के मुख्य गेट पर शव रखकर जमकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी और सख्त कार्रवाई की मांग की।
Ragni Kumari मृतका की पहचान कुचायकोट थाना क्षेत्र के खजुरी गांव निवासी शत्रुघ्न प्रसाद की 18 वर्षीय बेटी रागिनी कुमारी (Ragni Kumari) के रूप में हुई है।
परिजनों के अनुसार, 1 जनवरी को रागिनी खेत में साग तोड़ने गई थी। इसी दौरान गांव के ही युवक राजकुमार (Rajkumar) ने उसके साथ छेड़खानी की। जब रागिनी ने इसका विरोध किया तो आरोपी ने उसके साथ अभद्र व्यवहार किया और उसे धमकाया।
छेड़खानी कर रहे युवक से कैसे भी पीछा छोराकर भाग कर घर लौटी और अपने परिजनों को पूरी बात बताई। इसके बाद परिवार वाले आरोपी के घर शिकायत करने पहुंचे।
आरोप है कि वहां पहले से मौजूद राजकुमार और उसके परिजनों ने उल्टा रागिनी के परिवार के साथ मारपीट शुरू कर दी। देखते ही देखते दोनों पक्षों के बीच जमकर लाठी-डंडे चलने लगे। इस झगड़े में रागिनी, उसकी मां, भाई और पिता गंभीर रूप से घायल हो गए।
मारपीट के बाद सभी घायलों को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया। Ragni Kumari (रागिनी) और उसकी मां की हालत सबसे ज्यादा गंभीर थी। रागिनी को बेहतर इलाज के लिए रेफर किया गया, लेकिन उसकी हालत लगातार बिगड़ती चली गई।
आखिरकार इलाज के दौरान रागिनी (Ragni Kumari) ने दम तोड़ दिया। वहीं उसकी मां का इलाज गोरखपुर में चल रहा है, जहां उसकी स्थिति अभी भी चिंताजनक बनी हुई है। परिजनों ने बताया कि रागिनी बीए की छात्रा थी और पढ़ाई में काफी होनहार थी।
रागिनी की मौत की खबर जैसे ही गांव और आसपास के गाँव में फैली, लोगों में भारी आक्रोश फैल गया। गुस्साए परिजन और ग्रामीण शव को लेकर सीधे कुचायकोट थाना पहुंच गए और थाना के मुख्य गेट पर शव रखकर प्रदर्शन शुरू कर दिया।
गाँव (Village) वालो और परिवार वालो ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की और आरोप लगाया कि यदि समय रहते आरोपियों पर सख्त कार्रवाई की जाती तो रागिनी की जान बचाई जा सकती थी। सभी आरोपियों को तुरंत गिरफ्तार किया जाए और उनके खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाए।
कुचायकोट थाना पुलिस ने प्रदर्शन कर रहे लोगों को समझा-बुझाकर शांत कराया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए गोपालगंज सदर अस्पताल (Gopalganj Sadar Hospital) (मॉडल अस्पताल) भेज दिया है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, घटना को लेकर पहले ही दोनों पक्षों से आवेदन प्राप्त हुआ था, जिसके आधार पर दोनों पक्षों से एक-एक व्यक्ति को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा गया था।

पुलिस का कहना है कि Ragni Kumari छात्रा की मौत के बाद मामले की गंभीरता और बढ़ गई है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे।
Ragni Kumari
घटना के बाद खजुरी गांव में मातम पसरा हुआ है। रागिनी (Ragni Kumari) की मौत ने एक बार फिर महिलाओं की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। परिजन न्याय की गुहार लगा रहे हैं और प्रशासन से मांग कर रहे हैं कि उनकी बेटी को इंसाफ जरूर मिले।







