ABVP Violence Allegation
नई दिल्ली, टीडीएस वायरलस न्यूज़ 24 फरवरी: जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) परिसर में “इक्वैलिटी मार्च” के दौरान कथित झड़प के बाद छात्र राजनीति गरमा गई है।
छात्र संघ (JNUSU) ने आरोप लगाया है कि मार्च के दौरान एबीवीपी से जुड़े कार्यकर्ताओं ने शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर हमला किया। इसके विरोध में छात्र संघ ने परिसर में “ह्यूमन-चेन” बनाने का आह्वान किया है।
ABVP Violence Allegation – क्या है पूरा मामला? सोमवार देर शाम आयोजित “इक्वैलिटी मार्च” को लेकर वामपंथी छात्र संगठनों और एबीवीपी के बीच तनाव की स्थिति बन गई।
JNUSU का कहना है कि मार्च के दौरान “ईंट और रॉड” से हमला किया गया, जिसमें कई छात्र घायल हुए। छात्र संघ ने यह भी आरोप लगाया कि विश्वविद्यालय प्रशासन, विशेषकर कुलपति की भूमिका संदिग्ध रही और हमलावरों को खुली छूट मिली।
JNUSU के बयान में कहा गया कि मार्च की प्रमुख मांगों में (यूजीसी) के कुछ दिशा-निर्देशों का विरोध शामिल था। छात्र संघ का दावा है कि इन मुद्दों पर प्रशासन की असहमति के कारण एबीवीपी को “हमले की आजादी” मिली।
ABVP Violence Allegation | एबीवीपी का पलटवार दूसरी ओर एबीवीपी ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि हिंसा की शुरुआत वामपंथी समूहों की ओर से हुई। एबीवीपी के राज्य संयुक्त सचिव विकास पटेल ने दावा किया कि मार्च पहले से “पूर्व-नियोजित” था और इसे कुलपति आवास के घेराव के लिए इस्तेमाल किया जाना था।
उनका आरोप है कि मार्च को जानबूझकर स्कूल ऑफ लैंग्वेजेज की ओर मोड़ा गया, जहां पिछले कई दिनों से धरना चल रहा था।
एबीवीपी का यह भी कहना है कि कुछ छात्रों को कक्षाओं और पुस्तकालय में जाने से रोका गया तथा रीडिंग रूम बंद करने की कोशिश की गई।
संगठन के अनुसार, जब उन्होंने वहां मौजूद छात्रों की ओर से बातचीत करने की कोशिश की, तब स्थिति अचानक बिगड़ गई और झड़प शुरू हो गई। एबीवीपी ने दावा किया कि पुलिस और सुरक्षा कर्मियों के पहुंचने के बाद हालात काबू में आए।
ABVP Violence Allegation
घटना में शामिल होने का दावा करने वाले एक छात्र मनीष चौधरी ने आरोप लगाया कि मार्च का रूट पहले से तय था और पोस्टर के जरिए इसकी जानकारी दी गई थी।
उनका कहना है कि जुलूस को शैक्षणिक क्षेत्र की ओर मोड़कर माहौल बिगाड़ा गया। वहीं, वामपंथी छात्र संगठनों का कहना है कि वे शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगें रख रहे थे और उन पर अचानक हमला किया गया।
घटना के बाद विश्वविद्यालय परिसर में तनावपूर्ण शांति बनी हुई है। सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है और अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने छात्रों से शांति बनाए रखने की अपील की है और कहा है कि मामले की जांच की जा रही है।
‘ह्यूमन-चेन’ से विरोध का ऐलान – JNUSU ने आरोपित हिंसा के खिलाफ मंगलवार को परिसर में “ह्यूमन-चेन” बनाकर विरोध दर्ज कराने की घोषणा की है।
छात्र संघ का कहना है कि यह कदम परिसर में लोकतांत्रिक अधिकारों और शांतिपूर्ण विरोध की रक्षा के लिए उठाया जा रहा है। उन्होंने अन्य छात्र संगठनों और विद्यार्थियों से इसमें शामिल होने की अपील की है।
ABVP Violence Allegation new delhi
ABVP Violence Allegation | दोनों पक्षों के आरोप-प्रत्यारोप के बीच सच्चाई का पता लगाने के लिए प्रशासनिक जांच अहम हो गई है। छात्र राजनीति के इस टकराव ने एक बार फिर जेएनयू परिसर में वैचारिक संघर्ष और कैंपस की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।









