छपरा/सारण न्यूज़। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप), छपरा के ‘खेलो भारत’ आयाम के तत्वावधान में ज्ञान गंगा सेंट्रल स्कूल, छपरा में ‘युवा ओपन शतरंज टूर्नामेंट’ का सफल आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने पूरे उत्साह के साथ बढ़-चढ़कर भाग लिया। आयोजन का उद्देश्य विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ-साथ खेल के क्षेत्र में आगे बढ़ने का उचित मंच प्रदान करना और युवाओं में खेल भावना को प्रोत्साहित करना था।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में समाजसेवी उदय कुमार श्रीवास्तव एवं ज्ञान गंगा सेंट्रल स्कूल के प्राचार्य मनोज सर उपस्थित रहे। अतिथियों और परिषद के कार्यकर्ताओं ने प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि अभाविप विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए लगातार कार्य कर रहा है। खेल केवल प्रतिस्पर्धा नहीं, बल्कि अनुशासन, आत्मविश्वास, धैर्य और टीम भावना सिखाने का माध्यम है। शतरंज जैसे बौद्धिक खेल से छात्रों में मानसिक एकाग्रता, निर्णय लेने की क्षमता और रणनीतिक सोच का विकास होता है। ऐसे आयोजन युवाओं को सकारात्मक दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
प्रतियोगिता में विभिन्न स्कूलों से आए छात्र-छात्राओं ने अपने खेल कौशल का प्रदर्शन किया। दिनभर चले रोमांचक मुकाबलों के बाद पुरस्कार वितरण समारोह आयोजित हुआ। प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर प्रथम स्थान प्रेम कुमार, द्वितीय स्थान वैभव सिंह और तृतीय स्थान श्लोक ननंद कुमार ने प्राप्त किया। मुख्य अतिथियों द्वारा तीनों विजेता प्रतिभागियों को मोमेंटो (स्मृति चिन्ह) और प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया। खेल भावना को बढ़ावा देने के लिए सभी प्रतिभागी छात्र-छात्राओं को सहभागिता प्रमाण पत्र प्रदान किए गए।
विजेताओं ने कहा कि यह सम्मान उन्हें आगे और बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरित करेगा। उन्होंने अभाविप छपरा के प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह की प्रतियोगिताओं से स्थानीय प्रतिभाओं को अपनी क्षमता दिखाने का अवसर मिलता है। अभाविप कार्यकर्ताओं ने बताया कि ‘खेलो भारत’ आयाम के तहत आगे भी खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाएगा, जिससे स्थानीय युवा राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर बेहतर अवसर प्राप्त कर सकें।
शिक्षाविदों का मानना है कि स्कूल स्तर पर शतरंज टूर्नामेंट से बच्चों की पढ़ाई में एकाग्रता बढ़ती है और तनाव कम होता है। बिहार में खेल छात्रवृत्ति, खेल कोटा और बिहार खेल नीति जैसे विषयों पर जागरूकता बढ़ने से अभिभावक भी बच्चों को खेल के साथ शिक्षा पर ध्यान देने के लिए प्रेरित हो रहे हैं। शतरंज करियर और चेस कोचिंग के प्रति भी युवाओं में रुचि बढ़ रही है।

कार्यक्रम को सफल बनाने में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के अनेक कार्यकर्ताओं ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। आयोजन में स्कूली शिक्षक, अभिभावक और स्थानीय लोग भी उपस्थित रहे। स्थानीय स्तर पर इस आयोजन की सकारात्मक प्रतिक्रिया देखी जा रही है। अभाविप छपरा का यह प्रयास युवाओं में खेल के प्रति जागरूकता बढ़ाने और नई प्रतिभाओं को मंच देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
1. छपरा में युवा ओपन शतरंज टूर्नामेंट कहां हुआ?
ज्ञान गंगा सेंट्रल स्कूल, छपरा में।
2. इस शतरंज टूर्नामेंट का आयोजन किसने किया?
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप), छपरा के ‘खेलो भारत’ आयाम के तहत।
3. प्रतियोगिता के विजेता कौन बने?
प्रेम कुमार प्रथम, वैभव सिंह द्वितीय और श्लोक ननंद कुमार तृतीय स्थान पर रहे।
4. मुख्य अतिथि कौन उपस्थित थे?
समाजसेवी उदय कुमार श्रीवास्तव और स्कूल प्राचार्य मनोज सर।
5. शतरंज खेलने के क्या फायदे हैं?
मानसिक एकाग्रता, धैर्य, निर्णय क्षमता और रणनीतिक सोच विकसित होती है।
6. क्या सभी प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र मिले?
हां, सभी प्रतिभागी छात्र-छात्राओं को सहभागिता प्रमाण पत्र दिए गए।











