टीडीएस वायरलस न्यूज़, गोपालगंज/भोरे: गोपालगंज जिले के भोरे थाना परिसर में देर रात उस समय हड़कंप मच गया, जब थाने के अंदर ही एक प्रेमी जोड़े ने जहरीला पदार्थ खाकर आत्महत्या का प्रयास कर लिया।
यह घटना उस वक्त हुई जब दोनों पक्षों के बीच आपसी सुलह-समझौते को लेकर पुलिस की मौजूदगी में बातचीत चल रही थी। अचानक हुई इस घटना से थाना परिसर में अफरा-तफरी मच गई और पुलिस महकमे में सनसनी फैल गई।
घटना में शामिल प्रेमी जोड़े की पहचान कर्नाटक निवासी फातिमा शेख और भोरे थाना क्षेत्र के कल्याणपुर गांव निवासी निखिल (पिता – प्रमोद भगत) के रूप में हुई है।
दोनों की हालत बेहद नाजुक बताई जा रही है। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए दोनों को पहले भोरे के रेफरल अस्पताल में भर्ती कराया, जहां से प्राथमिक उपचार के बाद उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें गोरखपुर मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया है। डॉक्टरों के अनुसार दोनों की हालत चिंताजनक बनी हुई है।
मिली जानकारी के अनुसार, फातिमा शेख और निखिल के बीच पिछले करीब चार वर्षों से प्रेम संबंध था। दोनों की मुलाकात कर्नाटक में हुई थी, जहां निखिल नौकरी करता था। धीरे-धीरे यह रिश्ता गहराता चला गया।
फातिमा पहले से शादी-शुदा थीं और उनका एक बेटा भी है। निखिल के प्रेम में पड़कर फातिमा ने अपने पति को तलाक दे दिया और अपने भविष्य को निखिल के साथ जोड़ने का फैसला कर लिया।
हालांकि, कहानी में मोड़ तब आया जब निखिल को फातिमा के बच्चे के बारे में पूरी जानकारी मिली। इसके बाद निखिल ने धीरे-धीरे फातिमा से दूरी बनानी शुरू कर दी।
बताया जा रहा है कि इसी बीच निखिल ने कर्नाटक छोड़कर राजस्थान में नौकरी शुरू कर दी और फिर वहां से भी नौकरी छोड़कर अपने पैतृक गांव कल्याणपुर लौट आया। गांव आने के बाद उसने फातिमा से बातचीत पूरी तरह बंद कर दी।
निखिल से संपर्क टूटने के बाद फातिमा मानसिक रूप से टूट गईं। अपने प्रेमी से मिलने और उससे बात करने की उम्मीद में वह कर्नाटक से सीधे गोपालगंज जिले के भोरे थाना क्षेत्र के कल्याणपुर गांव पहुंच गईं।
कई प्रयासों के बावजूद जब निखिल ने उनसे मिलने या शादी करने से इनकार कर दिया, तो फातिमा ने आखिरकार भोरे थाना में शिकायत दर्ज कराई।
शिकायत के बाद पुलिस ने निखिल और उसके परिजनों को थाने बुलाया। थाना परिसर में दोनों पक्षों के बीच सुलह-समझौते को लेकर बातचीत चल रही थी। पुलिस मामले को शांतिपूर्ण ढंग से सुलझाने का प्रयास कर रही थी।
इसी दौरान अचानक हालात बेकाबू हो गए। बातचीत के बीच ही मौका पाकर फातिमा और निखिल ने अपने पास रखा हुआ जहरीला पदार्थ खा लिया।
कुछ ही पलों में दोनों जमीन पर गिर पड़े और तड़पने लगे। यह दृश्य देखकर थाना परिसर में मौजूद पुलिसकर्मियों और परिजनों के बीच अफरा-तफरी मच गई।
पुलिस ने बिना समय गंवाए एंबुलेंस की मदद से दोनों को भोरे रेफरल अस्पताल पहुंचाया। वहां प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने स्थिति गंभीर बताते हुए दोनों को तत्काल गोरखपुर रेफर कर दिया।
इस पूरे मामले पर हथुआ के एसडीपीओ आनंद मोहन गुप्ता ने बताया, लड़की लड़के के साथ रहना चाहती थी, जबकि लड़का इसके लिए तैयार नहीं था। दोनों अपनी-अपनी शिकायत लेकर थाने पहुंचे थे।
पुलिस बातचीत के जरिए मामले को सुलझाने की कोशिश कर रही थी, इसी दौरान दोनों ने अचानक जहरीला पदार्थ खा लिया। प्राथमिकता के आधार पर दोनों को इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया है।
घटना के बाद भोरे थाना क्षेत्र और कल्याणपुर गांव में तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं। लोग इस बात को लेकर स्तब्ध हैं कि पुलिस थाना जैसे सुरक्षित स्थान पर इस तरह की घटना कैसे हो गई।
वहीं, पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि जहरीला पदार्थ थाने के अंदर कैसे पहुंचा और इसके लिए जिम्मेदार कौन है।
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गहन जांच में जुटी हुई है। प्रेम संबंध, विवाह से इनकार और मानसिक दबाव के इस दर्दनाक मामले ने एक बार फिर समाज के सामने गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।







