बिहार में ऑर्केस्ट्रा पर बड़ा पुलिस एक्शन: गोपालगंज में 15 जगहों पर छापेमारी, 40 नाबालिग लड़कियां रेस्क्यू
टीडीएस वायरलस संवाददाता, गोपालगंज/न्यूज़ – बिहार में ऑर्केस्ट्रा की आड़ में चल रहे कथित मानव तस्करी और नाबालिगों के शोषण के खिलाफ पुलिस का बड़ा अभियान जारी है। गोपालगंज जिले के कुचायकोट थाना क्षेत्र में पुलिस ने देर रात 15 ऑर्केस्ट्रा ठिकानों पर एक साथ छापेमारी कर 40 नाबालिग लड़कियों को रेस्क्यू किया है। इस मामले में पुलिस ने 22 लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार इन बच्चियों से कथित तौर पर अश्लील डांस और अवैध गतिविधियां करवाई जा रही थीं।
पुलिस की यह कार्रवाई रात करीब 1 बजे शुरू हुई और सुबह 7 बजे तक चली। अभियान का नेतृत्व अपर पुलिस महानिदेशक (कमजोर वर्ग) अमित जैन और गोपालगंज के पुलिस अधीक्षक विनय तिवारी (Vinay Tiwari) ने किया। इस ऑपरेशन में कुचायकोट पुलिस, बिहार पुलिस मुख्यालय, एसोसिएशन फॉर वालंटरी एक्शन और नारायणी सेवा संस्थान की टीम शामिल रही।
पुलिस के मुताबिक रेस्क्यू की गई लड़कियां पश्चिम बंगाल, असम, दिल्ली, पंजाब, राजस्थान और छत्तीसगढ़ की रहने वाली हैं। शुरुआती जांच में इनकी उम्र 10 से 17 साल के बीच बताई गयी है। Police अधिकारियों का कहना है कि इन बच्चियों को बहला-फुसलाकर और बेहतर जिंदगी का सपना दिखाकर बिहार (Bihar) लाया गया था।
जांच एजेंसियों को शक है कि यह एक संगठित मानव तस्करी नेटवर्क (Network) का हिस्सा हो सकता है। शादी-ब्याह के सीजन में ऑर्केस्ट्रा ग्रुपों के जरिए नाबालिग बच्चियों को विभिन्न कार्यक्रमों में भेजा जाता था।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि राज्यभर में संदिग्ध ऑर्केस्ट्रा समूहों पर लगातार नजर रखी जा रही है और जरूरत पड़ने पर आगे भी कार्रवाई जारी रहेगी।
रेस्क्यू की गई सभी लड़कियों को फिलहाल सुरक्षित स्थानों पर भेजा गया है। उनकी काउंसलिंग कराई जा रही है और उम्र सत्यापन की प्रक्रिया जारी है। पुलिस का कहना है कि बच्चियों की पहचान और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए संवेदनशील जानकारी सार्वजनिक नहीं की जाएगी।
इसके साथ ही गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर पूरे नेटवर्क की जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि बच्चियों को बिहार तक लाने और अलग-अलग ऑर्केस्ट्रा समूहों तक पहुंचाने में कौन-कौन लोग शामिल थे।
इस अभियान में शामिल सामाजिक संस्था एसोसिएशन फॉर वालंटरी एक्शन के वरिष्ठ निदेशक मनीष शर्मा (Manish Sharma) ने कहा कि यह कार्रवाई राज्य (State) में चल रहे कथित मानव तस्करी नेटवर्क की गंभीरता को दिखाती है। उन्होंने कहा कि कई नाबालिग बच्चियों को झूठे सपने दिखाकर शोषण के वातावरण में धकेल दिया जाता है।
उन्होंने प्रशासन से मांग की कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के साथ-साथ पीड़ित बच्चियों के पुनर्वास, शिक्षा और मानसिक स्वास्थ्य सहायता की भी व्यवस्था की जाए।
पुलिस और सामाजिक संगठनों को दिए गए बयान में कुछ लड़कियों ने बताया कि उन्हें फिल्मों में काम दिलाने, पैसे कमाने और बेहतर भविष्य का सपना दिखाया गया था। कुछ बच्चियों ने दावा किया कि उन्हें उनके परिचित लोगों या कथित प्रेमियों द्वारा इस नेटवर्क तक पहुंचाया गया। हालांकि पुलिस ने कहा है कि सभी बयानों की जांच की जा रही है और जांच पूरी होने के बाद ही विस्तृत जानकारी सामने आएगी।
पुलिस ने आम लोगों से भी अपील की है कि अगर कहीं संदिग्ध गतिविधियां दिखाई दें तो तुरंत स्थानीय प्रशासन को सूचना दें। अधिकारियों का कहना है कि बच्चों की सुरक्षा और मानव तस्करी रोकना प्रशासन की प्राथमिकता है।









