टीडीएस वायरलस संवाददाता, Bihar/News: गोपालगंज जिले के मीरगंज थाना क्षेत्र में विवाहिता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला सामने आया है। विवाहिता का शव घर के अंदर फंदे से लटका मिला, जिसके बाद gaw में सनसनी फैल गई। मृतका के मायके वालों ने ससुराल पक्ष पर दहेज के लिए हत्या करने का गंभीर आरोप लगाया है। घटना के बाद से आरोपी परिवार के सभी सदस्य घर छोड़कर फरार बताए जा रहे हैं। पुलिस पूरे मामले की जांच में जुट गई है।
Dowry death Gopalganj News – मृतका की पहचान मीरगंज थाना (Mirganj Thana) क्षेत्र के कुसौधी पश्चिम टोला निवासी 32 वर्षीय रीना देवी (Rina Devi) के रूप में हुई है। वह मुकुल पांडेय उर्फ लक्ष्मीकांत पांडेय (Mukul Pandey) की पत्नी (Wife) थीं। घटना की सूचना मिलते ही मायके पक्ष के लोग मौके पर पहुंचे, जहां रीना का शव फंदे से लटका मिला। दृश्य को देखकर परिवार में चीख-पुकार मच गई।
मृतका के परिजनों ने आरोप लगाया है कि रीना देवी की शादी लगभग दो वर्ष (2 Year’s) पहले हुई थी। शादी के बाद से ही उसे दहेज के लिए लगातार प्रताड़ित किया जा रहा था। परिजनों का कहना है कि ससुराल वाले पांच लाख रुपये नकद और एक बुलेट मोटरसाइकिल (Bullet Motorcycle) की मांग कर रहे थे। मांग पूरी नहीं होने पर रीना के साथ अक्सर मारपीट की जाती थी।
Dowry death Gopalganj – मायके वालों का आरोप है कि दहेज की मांग को लेकर पहले रीना देवी की बेरहमी से पिटाई की गई और फिर उसकी हत्या कर शव को फंदे से लटका दिया गया, ताकि मामला आत्महत्या का लगे। परिजनों ने इसे सुनियोजित हत्या बताया हैl
घटना की जानकारी मिलते ही मीरगंज थाना पुलिस (Mirganj Thana Police) मौके पर पहुंची और पूरे मामले की जांच शुरू कर दी। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए गोपालगंज के मॉडल सदर अस्पताल (Model Sadar hospital) भेज दिया है।
Dowry death Gopalganj – मीरगंज थानाध्यक्ष ने बताया कि प्रथम दृष्टया मामला संदिग्ध प्रतीत हो रहा है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सकेगा। दोषियों को किसी भी हालत में बख्शा नहीं जाएगा।
Dowry death Gopalganj – घटना के बाद से ही मृतका का पति समेत ससुराल पक्ष के सभी सदस्य घर छोड़कर फरार हैं। पुलिस उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही है।
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गोपालगंज समेत बिहार के कई जिलों में दहेज उत्पीड़न और विवाहिता की संदिग्ध मौत के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। सरकार और प्रशासन द्वारा जागरूकता अभियान चलाए जाने के बावजूद दहेज प्रथा समाज के लिए अभिशाप बनी हुई है। इस घटना ने एक बार फिर दहेज के खिलाफ कड़े कानूनों के प्रभावी पालन की जरूरत को उजागर कर दिया है।







