टीडीएस वायरलस न्यूज़, बिहार/थावे: गोपालगंज जिले में शनिवार की सुबह उस वक्त हड़कंप मच गया, जब थावे भवानी मंदिर चोरी कांड के एक आरोपी के साथ पुलिस की मुठभेड़ हो गई। थावे थाना क्षेत्र में हुई इस एनकाउंटर में पुलिस की जवाबी फायरिंग में आरोपी के पैर में गोली लगी है।
घायल आरोपी को सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसका इलाज चल रहा है। मौके से पुलिस ने मां दुर्गा के मुकुट का कुछ हिस्सा भी बरामद किया है, जिसे आरोपी चोरी के बाद छिपाकर दोबारा लेने पहुंचा था।
पुलिस के अनुसार, शनिवार की सुबह एसआईटी (विशेष जांच टीम) को गुप्त सूचना मिली थी कि थावे मंदिर चोरी कांड में शामिल आरोपी मंदिर के पास छिपाए गए सामान को लेने आने वाला है।
जैसे ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और आरोपी को घेरने की कोशिश की, उसने पुलिस को देखते ही फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस ने भी आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई की, जिसमें आरोपी के पैर में गोली लग गई।
घायल आरोपी की पहचान मोतिहारी जिले के राजेपुर थाना क्षेत्र के गोविंदगंज वार्ड नंबर 12 निवासी इजमामुल आलम (21) के रूप में हुई है।
फिलहाल वह भोजपुर जिले के शाहपुर थाना क्षेत्र के रानी सागर गांव (Rani Sagar Gaw) में रह रहा था। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, थावे मंदिर में चोरी की घटना को अंजाम देने के बाद आरोपी बक्सर भाग गया था और वहां अपनी गर्लफ्रेंड के घर में छिपा हुआ था।
Police ने एनकाउंटर स्थल से मां दुर्गा के मुकुट का कुछ हिस्सा बरामद किया है। बताया गया कि चोरी के बाद आरोपी ने यह मुकुट मंदिर से करीब डेढ़ किलोमीटर दूर छिपा दिया था और शनिवार को उसे वापस लेने के इरादे से मौके पर पहुंचा था। इसी दौरान पुलिस ने उसे धर दबोचा।
मुठभेड़ की सूचना मिलते ही गोपालगंज के एसपी अवधेश दीक्षित घटनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने पुलिस टीम से पूरी जानकारी ली और अस्पताल में भर्ती घायल आरोपी से भी पूछताछ की।
SP ने बताया कि यह मुठभेड़ चोरी के आरोपी को पकड़ने की कार्रवाई के दौरान हुई है और पुलिस ने कानूनी प्रक्रिया के तहत जवाबी फायरिंग की।
1.08 करोड़ की हाई-प्रोफाइल चोरी – गौरतलब है कि 17 दिसंबर को गोपालगंज के प्रसिद्ध थावे भवानी मंदिर में करीब 1.08 करोड़ रुपये के आभूषणों की चोरी हुई थी।
चोरों ने मंदिर के गर्भगृह में घुसकर मां दुर्गा की प्रतिमा से सोने-चांदी के हार, 251 ग्राम सोने का मुकुट, चांदी का छत्र और अन्य कीमती जेवरात चोरी कर लिए थे।
इसके अलावा करीब 50 किलो वजनी दानपेटी भी उठा ले गए थे। अकेले मुकुट की कीमत करीब 51 लाख रुपये आंकी गई थी।
इस हाई-प्रोफाइल चोरी का मास्टरमाइंड दीपक राय, उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले का रहने वाला है, जिसे पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है।

पुलिस जांच में सामने आया कि दीपक पेशेवर मंदिर चोर है और इससे पहले वाराणसी, मऊ सहित कई बड़े मंदिरों में चोरी की घटनाओं को अंजाम दे चुका है।
वह मार्च 2025 में मऊ के शीतला भवानी मंदिर चोरी कांड में जेल गया था और नवंबर 2025 में रिहा होने के बाद दोबारा सक्रिय हो गया।
एसपी अवधेश दीक्षित ने खुलासा किया कि दीपक राय ने थावे मंदिर में चोरी से पहले गूगल और यूट्यूब का जमकर इस्तेमाल किया।
उसने मंदिर की वेबसाइट, यूट्यूब वीडियो, ड्रोन फुटेज, रील्स और गूगल मैप के जरिए मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था, कैमरा एंगल और रास्तों की पूरी जानकारी जुटाई।
9 से 13 दिसंबर के बीच उसने 10 से 12 वीडियो देखकर चोरी की पूरी ब्लूप्रिंट तैयार की थी।
जांच में यह भी सामने आया कि चोरी से ठीक 6 दिन पहले, 10-11 दिसंबर की रात दीपक राय मंदिर परिसर में रेकी करते हुए पकड़ा गया था। शक के आधार पर पुलिस ने उसे करीब 5 घंटे थाने में बैठाकर पूछताछ की।
उसने पुलिस को गुमराह करते हुए कहा कि वह अपनी प्रेमिका से मिलने आया है। पिता के हस्तक्षेप के बाद पुलिस ने उसे छोड़ दिया, जो बाद में बड़ी चूक साबित हुई।
पुलिस ने दीपक राय के मोबाइल से बरामद सर्च हिस्ट्री, मंदिर के लॉकर और दीवार से मिले फिंगरप्रिंट, सीसीटीवी फुटेज और रस्सी के निशान के आधार पर उसकी संलिप्तता पूरी तरह साबित की। तकनीकी जांच में सभी सबूत दीपक से मैच कर गए।

इस मामले में पुलिस की लापरवाही भी सामने आई है। DIG नीलेश कुमार ने टीओपी प्रभारी धीरज कुमार को निलंबित कर दिया है,
जबकि 4 सैप जवानों को बर्खास्त किया गया है। साथ ही आरोपियों की पहचान कराने वालों के लिए 1 लाख रुपये का इनाम भी घोषित किया गया था।
पुलिस ने दूसरे आरोपी की पहचान कर ली है और उसकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। पुलिस को उम्मीद है कि जल्द ही चोरी किए गए बाकी आभूषण भी बरामद कर लिए जाएंगे।
थावे मंदिर चोरी कांड में हुई यह मुठभेड़ पुलिस के लिए बड़ी कामयाबी मानी जा रही है, जिससे इस हाई-प्रोफाइल मामले के खुलासे की कड़ी और मजबूत हो गई है।







