टीडीएस वायरलस संवाददाता, गोपालगंज/बिहार – कमला राय कॉलेज में छात्र हितों को लेकर चल रहा अनिश्चितकालीन धरना अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच गया है। लगातार चौथे दिन जारी इस आंदोलन के बाद छात्रों को बड़ी सफलता मिली है। विश्वविद्यालय प्रशासन के साथ हुई बातचीत में छात्रों की दो प्रमुख मांगों को स्वीकार कर लिया गया है। इस खबर के सामने आते ही छात्रों में खुशी की लहर दौड़ गई।
धरना के दौरान छात्र नेताओं द्वारा लगातार विश्वविद्यालय प्रशासन पर दबाव बनाया जा रहा था। इसी क्रम में कुलपति महोदय से टेलीफोनिक वार्ता हुई, जिसमें गोपालगंज जिले में आगामी सत्र से PG की पढ़ाई सभी विषयों में शुरू कराने को लेकर सहमति बनी। इसके अलावा 2024-28 द्वितीय सेमेस्टर का रिजल्ट 17 मई को जारी करने का भी आश्वासन दिया गया है।
PG की पढ़ाई शुरू होने से हजारों छात्रों को मिलेगा फायदा
गोपालगंज जिले के छात्रों के लिए यह फैसला बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अब तक PG की पढ़ाई के लिए छात्रों को दूसरे जिलों का रुख करना पड़ता था, जिससे आर्थिक और मानसिक दोनों तरह की परेशानियां झेलनी पड़ती थीं। खासकर गरीब और ग्रामीण पृष्ठभूमि के छात्र-छात्राओं को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था।
छात्र नेताओं का कहना है कि यदि सभी विषयों में PG की पढ़ाई शुरू होती है तो जिले के हजारों छात्रों को इसका सीधा लाभ मिलेगा। छात्र लंबे समय से इस मांग को उठा रहे थे, लेकिन अब आंदोलन के दबाव के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने इस दिशा में सकारात्मक कदम उठाया है।
17 मई को जारी होगा सेकेंड सेमेस्टर का रिजल्ट
धरना कर रहे छात्रों की दूसरी बड़ी मांग 2024-28 द्वितीय सेमेस्टर रिजल्ट को लेकर थी। छात्रों का आरोप था कि रिजल्ट में लगातार देरी होने से उनका शैक्षणिक सत्र प्रभावित हो रहा है। अब विश्वविद्यालय प्रशासन ने 17 मई को रिजल्ट जारी करने का भरोसा दिया है।
इस घोषणा के बाद छात्रों ने इसे अपनी एक बड़ी जीत बताया। छात्र नेताओं का कहना है कि यदि तय समय पर रिजल्ट जारी नहीं किया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
छात्र नेता जयराम प्रियादर्शी ने क्या कहा
धरना का नेतृत्व कर रहे छात्र नेता जयराम प्रियादर्शी ने कहा कि यह जीत छात्रों की एकता और संघर्ष का परिणाम है। उन्होंने कहा कि वर्षों से छात्रों की समस्याओं को नजरअंदाज किया जा रहा था, लेकिन अब छात्र अपने अधिकारों के लिए मजबूती से लड़ रहे हैं।

उन्होंने कहा कि यह आंदोलन केवल एक कॉलेज या एक मुद्दे तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे जिले के छात्रों के भविष्य से जुड़ा हुआ है। छात्र हितों के लिए यह लड़ाई आगे भी जारी रहेगी।
छात्र जदयू ने भी दिया आंदोलन को समर्थन
धरना स्थल पर छात्र जदयू के नेताओं ने पहुंचकर आंदोलन को समर्थन दिया। म• अफजल की अध्यक्षता में पहुंचे प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि छात्रों की मांगें पूरी तरह जायज हैं और विश्वविद्यालय प्रशासन को प्राथमिकता के आधार पर समाधान करना चाहिए।
छात्र जदयू नेताओं ने कहा कि जब तक सभी लंबित मांगों का समाधान नहीं हो जाता, तब तक उनका समर्थन आंदोलन के साथ बना रहेगा। इस समर्थन के बाद आंदोलन को और मजबूती मिली है।
इन मांगों को लेकर भी जारी रहेगा आंदोलन
छात्र परिषद् ने साफ किया है कि दो बड़ी मांगों पर सफलता मिलने के बावजूद आंदोलन खत्म नहीं होगा। अभी भी कई महत्वपूर्ण मांगें लंबित हैं, जिनमें —
- लंबित मार्कशीट वितरण
- सत्र नियमित करना
- रिजल्ट में पारदर्शिता लाना
- डिग्री और प्रोविजनल प्रमाण पत्र कॉलेज स्तर पर उपलब्ध कराना
- छात्रों की प्रशासनिक समस्याओं का समाधान
जैसी मांगें शामिल हैं। छात्र नेताओं का कहना है कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।
धरना स्थल पर बड़ी संख्या में छात्र रहे मौजूद
धरना स्थल पर बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद रहे। प्रमुख रूप से मो अफजल, अवध कुमार, राजा कुमार अनीश, सचिन कुमार, विशाल कुमार, अंकित कुमार, रजनीश कुमार, निर्मला कुमारी, अनुष्का कुमारी, नंदनी कुमारी, राजनंदनी कुमारी, सोना कुमारी, प्रियदर्शी पाण्डेय, शाहीन रोज और अफसाना खातून सहित दर्जनों छात्र-छात्राओं ने आंदोलन में भाग लिया।

क्यों महत्वपूर्ण है यह आंदोलन?
गोपालगंज में शिक्षा व्यवस्था और विश्वविद्यालय से जुड़ी समस्याओं को लेकर लंबे समय से छात्रों में नाराजगी रही है। ऐसे में कमला राय कॉलेज का यह आंदोलन अब जिले के बड़े छात्र आंदोलनों में गिना जाने लगा है। छात्रों का कहना है कि यदि प्रशासन ने समय रहते समस्याओं का समाधान नहीं किया तो आने वाले दिनों में आंदोलन और बड़ा रूप ले सकता है।






