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कुलपति का सांकेतिक श्राद्ध कर RSA ने सौंपा 10 सूत्री मांगपत्र, छात्रों ने उठाए गंभीर सवाल

On: July 16, 2026 6:32 AM
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JPU छपरा में  RSA(आरएसए )का अनोखा प्रदर्शन: कुलपति का सांकेतिक श्राद्ध, 10 सूत्री मांगें

छपरा न्यूज़: जयप्रकाश विश्वविद्यालय (jpu) में बुधवार को उस समय अनोखा विरोध प्रदर्शन देखने को मिला, जब शोध विद्यार्थी संगठन (rsa) ने विश्वविद्यालय की शैक्षणिक और प्रशासनिक व्यवस्थाओं के विरोध में कुलपति प्रो. प्रमेन्द्र वाजपेई का सांकेतिक श्राद्ध किया। प्रदर्शन के दौरान संगठन ने 10 सूत्री मांगपत्र भी विश्वविद्यालय प्रशासन को सौंपते हुए जल्द कार्रवाई की मांग की।

विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित एक दिवसीय धरना कार्यक्रम के दौरान शोधार्थियों ने पारंपरिक रीति-रिवाजों के अनुसार सांकेतिक पिंडदान और ब्राह्मण भोज का आयोजन किया। आरएसए नेताओं ने कहा कि यह विरोध किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ नहीं, बल्कि विश्वविद्यालय की बदहाल शैक्षणिक व्यवस्था और प्रशासनिक निष्क्रियता के खिलाफ है।

RSA संगठन के प्रतिनिधियों ने बताया कि वर्ष 2024 में भी इसी तरह का सांकेतिक दाह संस्कार कार्यक्रम आयोजित किया गया था, लेकिन उसके बाद भी विश्वविद्यालय की व्यवस्था में कोई सुधार नहीं हुआ। उनका आरोप है कि परीक्षाएं समय पर नहीं हो रही हैं, परिणामों के प्रकाशन में लगातार देरी हो रही है और शोधार्थियों के कई महत्वपूर्ण कार्य महीनों से लंबित पड़े हैं।

आरएसए (rsa) ने आरोप लगाया कि पीजीआरसी (पोस्ट ग्रेजुएट रिसर्च कमेटी) की बैठकें समय पर नहीं होने के कारण शोधार्थियों का अकादमिक कार्य प्रभावित हो रहा है। इसके अलावा छात्रावास आवंटन में देरी, प्रशासनिक फैसलों में पारदर्शिता की कमी तथा छात्रों की समस्याओं के समाधान में लापरवाही पर भी संगठन ने नाराजगी जताई।

मांगपत्र में डिजिलॉकर पर समय से पहले अंकपत्र अपलोड होने की उच्चस्तरीय जांच कराने और दोषियों पर कार्रवाई करने की मांग भी शामिल है। संगठन ने कहा कि परिणाम प्रकाशित किए बिना अगले सेमेस्टर की परीक्षा अधिसूचना जारी करने की परंपरा को तत्काल समाप्त किया जाए।

इसके अलावा संगठन ने सभी लंबित पीजीआरसी बैठकों का आयोजन, पूर्व में दिए गए मांगपत्रों पर हुई कार्रवाई की सार्वजनिक जानकारी, ओबीसी छात्रावास का शीघ्र आवंटन, संबद्ध कॉलेजों में छात्राओं से लिए जा रहे नामांकन शुल्क की जांच, स्नातक सत्र 2026-30 की रिक्त सीटों पर ‘पहले आओ, पहले पाओ’ के आधार पर पुनः नामांकन तथा छात्राओं के लिए कॉमन रूम की व्यवस्था करने की मांग की।

RSA (आरएसए) ने परीक्षा और परिणाम प्रणाली का तकनीकी ऑडिट कराने तथा सभी लंबित परीक्षा परिणाम जल्द जारी करने की भी मांग उठाई। संगठन का कहना है कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।

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वहीं, विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से प्रतिनिधियों को समस्याओं के समाधान के लिए आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया गया। छात्रों का कहना है कि अब वे केवल आश्वासन नहीं, बल्कि जमीनी स्तर पर ठोस कार्रवाई चाहते हैं।

(नोट: यह खबर दैनिक भास्कर में प्रकाशित जानकारी के आधार पर तैयार की गई है।)

Tuntun Singh

मैं टीडीएस वायरलस का संस्थापक हूँ, जो एक गतिशील समाचार मंच है जो खेल, शिक्षा, मनोरंजन, गोपालगंज और अन्य क्षेत्रों की ताज़ा खबरें प्रदान करता है। मैंने टीडीएस वायरलस को विविध पाठकों के लिए एक विश्वसनीय समाचार और सूचना स्रोत के रूप में स्थापित किया है। Tuntun Singh

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