टीडीएस वायरलस न्यूज़ | गोपालगंज/बिहार: गोपालगंज जिले के मिंज स्टेडियम में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के उत्तर बिहार प्रांत के 67वें प्रांत अधिवेशन का भव्य शुभारंभ हो गया है। तीन दिवसीय यह ऐतिहासिक अधिवेशन 3 जनवरी से 5 जनवरी तक चलेगा,
जिसमें उत्तर बिहार के सभी जिलों से हजारों की संख्या में छात्र-छात्राएं, प्रतिनिधि, पदाधिकारी और पूर्व कार्यकर्ता भाग ले रहे हैं। 21 वर्षों के लंबे अंतराल के बाद गोपालगंज को एक बार फिर प्रांत अधिवेशन की मेजबानी का अवसर मिला है, जिससे जिले में उत्साह और उल्लास का माहौल देखने को मिल रहा है।

अधिवेशन के पहले दिन देर शाम अभाविप के पूर्व कार्यकर्ताओं और गणमान्य अतिथियों की मौजूदगी में एक भव्य प्रदर्शनी का उद्घाटन किया गया।
इस प्रदर्शनी में अभाविप के इतिहास, छात्र आंदोलन, शिक्षा सुधार से जुड़े संघर्ष, राष्ट्र निर्माण में छात्र शक्ति की भूमिका और संगठन की वैचारिक यात्रा को आकर्षक ढंग से प्रस्तुत किया गया है। प्रदर्शनी को देखने के लिए छात्रों और स्थानीय लोगों की भारी भीड़ उमड़ी।
इस तीन दिवसीय अधिवेशन का विधिवत उद्घाटन शनिवार को बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी करेंगे। उद्घाटन समारोह को लेकर प्रशासन और संगठन की ओर से व्यापक तैयारियां की गई हैं।
उद्घाटन सत्र में अभाविप के राष्ट्रीय महामंत्री डॉ. वीरेंद्र सिंह सोलंकी और जयप्रकाश विश्वविद्यालय, छपरा के कुलपति प्रो. पर्वेंद्र कुमार बाजपेई विशेष रूप से उपस्थित रहेंगे। इनके अलावा शिक्षा, समाज और संगठन से जुड़े कई वरिष्ठ पदाधिकारी और विचारक भी कार्यक्रम में शिरकत करेंगे।
अधिवेशन के उद्देश्यों की जानकारी देते हुए प्रांत मंत्री पुरुषोत्तम कुमार ने बताया कि यह अधिवेशन केवल संगठनात्मक गतिविधियों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें बिहार की शैक्षणिक व्यवस्था में सकारात्मक बदलाव, छात्र हितों से जुड़े ज्वलंत मुद्दे, नई शिक्षा नीति, विश्वविद्यालयों की समस्याएं, छात्रसंघ चुनाव, रोजगार और अनुसंधान जैसे विषयों पर गंभीर मंथन किया जाएगा।
इसके साथ ही महापुरुष बिरसा मुंडा द्वारा आदिवासी समाज के उत्थान और राष्ट्र के लिए किए गए योगदान पर विशेष चर्चा की जाएगी, ताकि युवाओं को उनके विचारों से प्रेरणा मिल सके।

नवनिर्वाचित प्रांत अध्यक्ष विवेकानंद तिवारी ने बताया कि अधिवेशन में भाग लेने वाले उत्तर बिहार के विभिन्न जिलों से आए प्रतिनिधियों और कार्यकर्ताओं के लिए आवास, भोजन, स्वास्थ्य, परिवहन और सुरक्षा सहित सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं।
उन्होंने कहा कि संगठन की ओर से यह प्रयास किया गया है कि सभी प्रतिभागियों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो और वे पूरे मनोयोग से अधिवेशन की गतिविधियों में भाग ले सकें।
अधिवेशन के संयोजक मुकुल शर्मा ने बताया कि अभाविप का यह कार्यक्रम पूर्णतः स्वयंसेवी भावना पर आधारित है। संगठन के सभी कार्यकर्ता स्वेच्छा से अपने-अपने दायित्वों का निर्वहन कर रहे हैं। किसी भी स्तर पर बाहरी एजेंसी पर निर्भरता नहीं रखी गई है। यही अभाविप की कार्यसंस्कृति और संगठन की ताकत को दर्शाता है।
वहीं, नगर मंत्री सूरज कुमार चंदन ने कहा कि गोपालगंज को 21 वर्षों बाद प्रांत अधिवेशन की मेजबानी का अवसर मिला है, जो जिले के लिए गर्व की बात है।
इसे ऐतिहासिक बनाने के लिए जिले और प्रांत के सभी कार्यकर्ता दिन-रात मेहनत कर रहे हैं। पूरे शहर में अधिवेशन को लेकर उत्सव जैसा माहौल है और मिंज स्टेडियम को आकर्षक रूप से सजाया गया है।
अधिवेशन के मुख्य कार्यक्रमों की रूपरेखा भी जारी कर दी गई है।
3 जनवरी को विधिवत उद्घाटन, ध्वजारोहण, मंत्री प्रतिवेदन, निर्वाचन प्रक्रिया, विभिन्न सत्र और प्रमुख वक्ताओं के भाषण होंगे।
4 जनवरी को सुबह योग एवं व्यायाम सत्र, इसके बाद प्रस्ताव सत्र, भव्य शोभायात्रा, खुला अधिवेशन और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिसमें उत्तर बिहार की सांस्कृतिक झलक देखने को मिलेगी।
5 जनवरी को विभागीय बैठकें, व्यवस्था परिचय, आगामी कार्ययोजना और कार्यक्रमों की घोषणा के साथ समापन समारोह आयोजित किया जाएगा।
कुल मिलाकर, गोपालगंज में आयोजित यह एबीवीपी का 67वां प्रांत अधिवेशन छात्र राजनीति, शिक्षा सुधार और राष्ट्र निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होने जा रहा है।
पूरे उत्तर बिहार की निगाहें इस अधिवेशन पर टिकी हैं, जहां से भविष्य की छात्र आंदोलनों और शैक्षणिक दिशा की रूपरेखा तय होने की उम्मीद है।







