टीडीएस वायरलस एजुकेशन न्यूज़ – बिहार के छपरा चर्चित जय प्रकाश विश्वविद्यालय (जेपीयू) में उस समय माहौल गरमा गया जब अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) और आरएसए छात्र संगठन के बैनर तले सैकड़ों छात्रों ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। स्नातक सेमेस्टर–III (सत्र 2023–27) के हाल ही में जारी परिणाम में कथित गड़बड़ी को लेकर छात्रों का गुस्सा फूट पड़ा। प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने कुलपति का घेराव किया, पुतला दहन किया और 14 सूत्री मांग-पत्र सौंपकर तत्काल कार्रवाई की मांग की।
‘हल्ला बोल’ कार्यक्रम से मचा हड़कंप-प्रदर्शन उस समय और उग्र हो गया जब अभाविप समेत अन्य छात्र संगठनों ने एक साथ “हल्ला बोल” कार्यक्रम शुरू कर दिया। बड़ी संख्या में छात्र प्रशासनिक भवन के सामने जुट गए और नारेबाजी करने लगे। इसी दौरान पुतला दहन किया गया, जिससे परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। स्थिति को नियंत्रण में लाने के लिए विश्वविद्यालय प्रशासन को हस्तक्षेप करना पड़ा।
JPU Chhapra | प्रदर्शनकारी छात्रों ने विरोध का अनोखा तरीका अपनाते हुए कुलपति को लोकनायक जयप्रकाश नारायण की प्रतिमा के नीचे बैठाकर छात्र हितों की रक्षा की शपथ दिलाई। इस दौरान छात्रों और प्रशासन के बीच कई बार तीखी नोंकझोंक और धक्का-मुक्की भी हुई। छात्रों ने कुलपति को प्रतिमा पर श्रद्धांजलि देने से रोक दिया और वहीं बैठकर वार्ता करने के लिए मजबूर कर दिया।
JPU Chhapra | छात्र नेताओं का आरोप है कि सेमेस्टर–III के परिणाम में बड़े पैमाने पर गड़बड़ियां हुई हैं। कई छात्रों के अंकपत्रों में ESE (एंड सेमेस्टर एग्जामिनेशन) और CIA (कंटीन्यूअस इंटरनल असेसमेंट) के अंक एक जैसे या समान पैटर्न में दिए गए हैं। छात्रों का कहना है कि यह मूल्यांकन प्रक्रिया की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े करता है। उनका यह भी आरोप है कि हजारों छात्रों के रिजल्ट में त्रुटियां हैं, जिससे उनके भविष्य पर असर पड़ सकता है। इसी को लेकर छात्रों में भारी नाराजगी देखी गई।
JPU Chhapra | 14 सूत्री मांग-पत्र में क्या-क्या शामिल-छात्र संगठनों द्वारा सौंपे गए मांग-पत्र में कई महत्वपूर्ण मांगें शामिल हैं, जिनमें प्रमुख रूप से:
सेमेस्टर–III के परिणाम की उच्चस्तरीय जांच
सभी विषयों की उत्तर पुस्तिकाओं का पुनर्मूल्यांकन
CIA अंक निर्धारण प्रक्रिया को सार्वजनिक करना
त्रुटिपूर्ण परिणाम को वापस लेकर संशोधित परिणाम जारी करना
दोषी अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई
इसके अलावा छात्रों ने विश्वविद्यालय में नए विषयों की पढ़ाई शुरू करने, लंबित परीक्षाओं को जल्द आयोजित कराने, निर्माण कार्यों की जांच कराने और छात्रों की समस्याओं के समाधान के लिए हेल्प डेस्क स्थापित करने की मांग भी उठाई। लगातार बढ़ते दबाव के बीच कुलपति को छात्र प्रतिनिधियों के साथ वार्ता करनी पड़ी। वार्ता के दौरान कुलपति ने सभी मांगों पर सकारात्मक पहल करने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि परिणाम में आई गड़बड़ियों की जांच कराई जाएगी और जरूरत पड़ने पर सुधारात्मक कदम उठाए जाएंगे।
JPU Chhapra | कुलपति के इस आश्वासन के बाद छात्रों ने फिलहाल अपना आंदोलन स्थगित कर दिया। हालांकि छात्र नेताओं ने साफ कर दिया है कि यदि समय रहते मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई, तो आंदोलन और उग्र रूप ले सकता है। इस पूरे घटनाक्रम ने विश्वविद्यालय की परीक्षा और मूल्यांकन प्रणाली पर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अगर छात्रों के आरोप सही साबित होते हैं, तो यह न केवल प्रशासनिक लापरवाही बल्कि छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ भी माना जाएगा।
JPU Chhapra University News
JPU Chhapra News – जेपीयू में हुआ यह विरोध प्रदर्शन सिर्फ एक विश्वविद्यालय का मुद्दा नहीं, बल्कि पूरे शिक्षा तंत्र के लिए एक चेतावनी है। छात्रों की मांगें साफ तौर पर पारदर्शिता, निष्पक्षता और जवाबदेही की ओर इशारा करती हैं। अब देखने वाली बात यह होगी कि प्रशासन अपने वादों पर कितना खरा उतरता है और छात्रों की समस्याओं का समाधान कब तक करता है।







