टीडीएस वायरलस न्यूज़ बिहार/छपरा: बिहार के विश्वविद्यालयों में सहायक प्रोफेसर नियुक्ति हेतु प्रस्तावित “Statutes for Appointment as Assistant Professor in the Universities of Bihar, 2025 (Draft)” के विरोध में जयप्रकाश विश्वविद्यालय, छपरा परिसर में आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है।
इसी कड़ी में आज बिहार राज्य अतिथि शिक्षक संघ, जयप्रकाश विश्वविद्यालय छपरा के बैनर तले विश्वविद्यालय परिसर में जोरदार धरना प्रदर्शन किया गया।
JPU University protests Chhapra | गौरतलब है कि इससे पूर्व इसी मुद्दे को लेकर छात्र-छात्राओं, शोधार्थियों एवं अभ्यर्थियों द्वारा छात्र नेता आशीष यादव उर्फ गुलशन यादव के नेतृत्व में ड्राफ्ट कमेटी के अध्यक्ष एवं जयप्रकाश विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. प्रमेन्द्र बाजपेई का पुतला दहन कर विरोध दर्ज कराया गया था।
JPU University protests Chhapra – आयोजित धरना की अध्यक्षता अतिथि शिक्षक संघ के अध्यक्ष डॉ. हरिमोहन कुमार पिंटू ने की। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि प्रस्तावित ड्राफ्ट पूरी तरह अपारदर्शी एवं विवादित है,
जो बिहार के हजारों NET, PhD एवं शोधरत अभ्यर्थियों के भविष्य के साथ अन्याय करता है। उन्होंने आरोप लगाया कि ड्राफ्ट निर्माण में न तो शिक्षकों, न ही विषय विशेषज्ञों एवं न ही अभ्यर्थियों से कोई सार्थक परामर्श लिया गया।
धरना के दौरान वक्ताओं ने पुतला दहन कार्यक्रम में उठाए गए मुद्दों को दोहराते हुए कहा कि यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है कि जिस व्यक्ति के कार्यकाल में विश्वविद्यालय की शैक्षणिक एवं प्रशासनिक व्यवस्था स्वयं सवालों के घेरे में रही है,
उसे पूरे बिहार के विश्वविद्यालयों के लिए नियुक्ति नियमावली तैयार करने की जिम्मेदारी दी गई है।
वक्ताओं ने यह भी आरोप लगाया कि प्रस्तावित ड्राफ्ट में चयन प्रक्रिया को मुख्यतः लिखित परीक्षा आधारित बनाने का प्रयास किया गया है, जबकि विश्वविद्यालयों में शिक्षक नियुक्ति के लिए शोध कार्य, शिक्षण अनुभव, अकादमिक उपलब्धियां एवं API Score को उचित महत्व मिलना चाहिए।
JPU University protests Chhapra – धरना को संबोधित करते हुए शिक्षक नेता समरेंद्र बहादुर सिंह ने कहा कि यह ड्राफ्ट UGC Regulations 2018 की मूल भावना के विपरीत प्रतीत होता है। उन्होंने मांग की कि नियुक्ति प्रक्रिया को पूरी तरह UGC मानकों के अनुरूप बनाया जाए।
JPU University protests Chhapra | अन्य वक्ताओं – युवा जदयू के नेता रणवीर सिंह, छात्र नेता आशीष यादव (उर्फ गुलशन यादव), परमजीत सिंह कुशवाहा, परमेंद्र कुमार सिंह, विशाल सिंह,
नवलेश सिंह, जितेंद्र सिंह, सूर्यदेव राम सहित कई अन्य ने एक स्वर में कहा कि इस ड्राफ्ट में बिहार के युवाओं के हितों की अनदेखी की गई है। उन्होंने डोमिसाइल नीति को शामिल करने, API Score लागू करने तथा आयु सीमा में संशोधन की भी मांग की।
धरना में उपस्थित वक्ताओं ने यह भी सवाल उठाया कि यदि इस प्रकार का ड्राफ्ट लागू किया जाता है, तो विश्वविद्यालयों में PhD, D.Sc., D.Litt. जैसे उच्च शोध कार्यक्रमों का महत्व क्या रह जाएगा।
JPU University protests Chhapra – प्रदर्शनकारियों ने अपनी प्रमुख मांगें रखते हुए कहा:
- प्रस्तावित ड्राफ्ट को तत्काल वापस लिया जाए
- नियुक्ति प्रक्रिया को UGC Regulations 2018 के अनुरूप बनाया जाए
- API Score एवं शोध कार्य को उचित महत्व दिया जाए
- बिहार के युवाओं के हित में डोमिसाइल नीति लागू की जाए
- आयु सीमा (45 वर्ष) पर पुनर्विचार किया जाए
JPU University protests Chhapra – धरना के दौरान बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं, शोधार्थी एवं अभ्यर्थी उपस्थित रहे। सभी ने एक स्वर में कहा कि बिहार के युवाओं के भविष्य के साथ किसी भी प्रकार का अन्याय बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

JPU University protests Chhapra news – प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र ही इस विवादित ड्राफ्ट में आवश्यक संशोधन नहीं किए गए, तो आंदोलन को राज्यव्यापी रूप दिया जाएगा।









