टीडीएस वायरलस न्यूज़ बिहार/सारण: जयप्रकाश विश्वविद्यालय (जेपीयू) में दर्शनशास्त्र के क्षेत्र का एक बड़ा शैक्षणिक आयोजन होने जा रहा है। भारतीय दर्शन परिषद का 70वां राष्ट्रीय अधिवेशन 23 से 25 मार्च 2026 तक आयोजित किया जाएगा।
तीन दिवसीय इस अधिवेशन की तैयारियां विश्वविद्यालय प्रशासन और दर्शनशास्त्र विभाग द्वारा तेज कर दी गई हैं। इस आयोजन में देशभर से प्रख्यात दर्शनशास्त्री, विद्वान, शोधार्थी और छात्र-छात्राएं भाग लेंगे।
JP University News | विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार, यह अधिवेशन न केवल जेपीयू (JPU) बल्कि पूरे Chhapra (सारण) क्षेत्र के लिए शैक्षणिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। इसके माध्यम से छात्रों और शोधार्थियों को राष्ट्रीय स्तर के विद्वानों से सीधे संवाद करने, उनके विचार सुनने और अपने शोध साझा करने का अवसर मिलेगा।
JP University News – कई विषयों पर होंगे शैक्षणिक सत्र
अधिवेशन के दौरान विभिन्न शैक्षणिक सत्र और व्याख्यानमालाएं आयोजित की जाएंगी। पहले सत्र में विभागीय पत्र वाचन होगा, जिसमें तर्कशास्त्र, ज्ञानमीमांसा, नीति दर्शन, धर्म मीमांसा, तत्व मीमांसा, समाज दर्शन, योग और मानव चेतना जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विशेषज्ञ अपने शोधपत्र प्रस्तुत करेंगे।
दूसरे और तीसरे सत्र में भी विविध विषयों पर गहन चर्चा और व्याख्यान आयोजित होंगे। पूरे अधिवेशन में 30 से अधिक वक्ता अपने विचार रखेंगे, जिससे प्रतिभागियों को दर्शनशास्त्र के विभिन्न आयामों की गहरी समझ विकसित करने का अवसर मिलेगा।
स्वामी अद्वैतानंद जी पर विशेष व्याख्यान – JP University News
राष्ट्रीय (National) अधिवेशन का एक खास आकर्षण परमहंस दयाल स्वामी अद्वैतानंद जी महाराज के दर्शन पर आयोजित विशेष सत्र होगा। इस सत्र में उनके जीवन, विचारधारा और अद्वैत दर्शन के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की जाएगी।
स्वामी अद्वैतानंद जी महाराज की जन्मस्थली छपरा (Chhapra) में है, जबकि उनकी समाधि पाकिस्तान (Pakistan) के टेरी में स्थित है। उनके देशभर में बड़ी संख्या में अनुयायी हैं और छपरा सहित आसपास के क्षेत्रों में उनके कई आश्रम स्थापित हैं। यह सत्र स्थानीय और राष्ट्रीय स्तर पर विशेष रुचि का केंद्र रहेगा।
JP University News – Chhapra के ऐतिहासिक स्थलों पर भी होगी चर्चा
अधिवेशन के दौरान सारण (Chhapra) जिले के समाज दर्शन और सांस्कृतिक विरासत से जुड़े विषयों पर भी विशेष चर्चा की जाएगी। विद्वान मां अंबिका भवानी आमी, गौतम स्थान, मांझी का चेर राजा किला, सोनपुर मेला, चिरांद, रामकृष्ण मिशन आश्रम और ब्रह्म विद्यालय आश्रम रौजा जैसे प्रमुख ऐतिहासिक और धार्मिक स्थलों के सामाजिक और दार्शनिक महत्व पर अपने विचार प्रस्तुत करेंगे।
इससे स्थानीय इतिहास, संस्कृति और दर्शन के बीच संबंध को समझने का एक नया दृष्टिकोण विकसित होगा, जो छात्रों और शोधार्थियों के लिए अत्यंत उपयोगी साबित होगा।
JP University News – आयोजन के लिए बनीं कई समितियां
कार्यक्रम के सफल संचालन के लिए विश्वविद्यालय में विभिन्न समितियों और उपसमितियों का गठन किया गया है। कुलपति प्रो. परमेन्द्र कुमार बाजपेई को कार्यक्रम का मुख्य संरक्षक बनाया गया है, जबकि रजिस्ट्रार प्रो. नारायण दास संरक्षक की भूमिका निभा रहे हैं।
आयोजन सचिव के रूप में दर्शनशास्त्र विभाग के अध्यक्ष प्रो. सुशील कुमार श्रीवास्तव और वरीय प्राध्यापक प्रो. हरिश्चंद्र को जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसके अलावा स्वच्छता, अनुशासन, सांस्कृतिक कार्यक्रम, मीडिया, आईटी सेल, स्मारिका और भोजन समिति सहित कई अन्य टीमें भी बनाई गई हैं, जो आयोजन को सफल बनाने में जुटी हैं।
JP University News – छात्र-छात्राओं के लिए सुनहरा अवसर
विश्वविद्यालय प्रशासन ने बताया कि छात्र-छात्राएं रजिस्ट्रेशन के माध्यम से इस अधिवेशन में भाग ले सकते हैं। कार्यक्रम से जुड़ी सभी आवश्यक जानकारी विश्वविद्यालय की आधिकारिक वेबसाइट और दर्शनशास्त्र विभाग में उपलब्ध कराई जा रही है।
JP University News | यह अधिवेशन छात्रों के लिए एक सुनहरा अवसर है, जहां वे देश के प्रतिष्ठित विद्वानों के साथ संवाद कर सकते हैं, अपने विचार प्रस्तुत कर सकते हैं और दर्शनशास्त्र के क्षेत्र में नए आयामों को समझ सकते हैं।
JP University News | जेपीयू में आयोजित होने वाला यह राष्ट्रीय अधिवेशन सारण जिले के शैक्षणिक और बौद्धिक माहौल को नई दिशा देगा। इससे न केवल विश्वविद्यालय की प्रतिष्ठा बढ़ेगी, बल्कि क्षेत्र के छात्रों को राष्ट्रीय स्तर की शैक्षणिक गतिविधियों से जुड़ने का मौका मिलेगा।









