टीडीएस वायरलस संवाददाता, कटेया/भोरे, गोपालगंज न्यूज़: गोपालगंज जिले के कटेया और भोरे क्षेत्र में बुधवार को श्रम विभाग की टीम ने बाल मजदूरी के खिलाफ बड़ा अभियान चलाया। इस दौरान मिष्ठान भंडार, कपड़ा दुकान, होटल, रेस्टोरेंट, मोटरसाइकिल और कार गैरेज समेत कई प्रतिष्ठानों पर छापेमारी की गई। अभियान के दौरान भोरे (Bhore) से दो बाल श्रमिकों को मुक्त कराया गया, जबकि कटेया बाजार (Kateya Bazar) में जांच के दौरान कोई बाल श्रमिक नहीं मिला।
श्रम विभाग की इस कार्रवाई से Kateya/Bhore बाजार क्षेत्र में कई घंटों तक हड़कंप मचा रहा। दुकानदारों और प्रतिष्ठान संचालकों में अफरा-तफरी का माहौल देखने को मिला। विभागीय अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि बाल मजदूरी किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी और नियमों का उल्लंघन करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
यह संयुक्त छापेमारी हथुआ (Hathuwa) से पहुंचे श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी मनोज कुमार (Manoj Kumar) फुलवरिया की श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी शोभा कुमारी (Shobha Kumari) और भोरे की प्रीति कुमारी (Priti Kumari) के नेतृत्व में की गई। टीम ने कटेया, भोरे और आसपास के कई बाजारों में अलग-अलग प्रतिष्ठानों की जांच की।
अधिकारियों ने होटल, मिठाई दुकान, कपड़ा दुकान, रेस्टोरेंट और गैरेज में काम कर रहे बच्चों एवं किशोरों की उम्र से संबंधित दस्तावेजों की जांच की। कई जगहों पर कर्मचारियों से पूछताछ भी की गई। इसी दौरान भोरे (Bhore) क्षेत्र से दो बाल श्रमिकों को मुक्त कराया गया। विभागीय टीम ने दोनों बच्चों को बाल श्रम से बाहर निकालते हुए आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है।
श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी मनोज कुमार ने बताया कि विभाग को लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि कई दुकानों और प्रतिष्ठानों में छोटे बच्चों से मजदूरी कराई जा रही है। विभागीय आदेश के आलोक में विशेष अभियान चलाकर जांच की गई। उन्होंने कहा कि बाल श्रम कानून के तहत 14 वर्ष से कम उम्र के बच्चों से काम कराना अपराध है।
उन्होंने यह भी बताया कि किशोर मजदूरों को भी खतरनाक प्रतिष्ठानों में काम पर रखना नियमों के खिलाफ है। ऐसे मामलों में दुकान संचालकों और प्रतिष्ठान मालिकों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। छापेमारी अभियान के दौरान कई दुकानदार अपनी दुकानों का शटर गिराकर वहां से निकल गए। बाजार में श्रम विभाग की गाड़ियों और अधिकारियों को देखकर लोगों की भीड़ जुट गई। स्थानीय लोगों ने विभाग की इस कार्रवाई को सराहनीय बताया और कहा कि इससे बाल मजदूरी पर रोक लगाने में मदद मिलेगी।
विभागीय अधिकारियों ने कहा कि आने वाले दिनों में भी गोपालगंज जिले के विभिन्न क्षेत्रों में इसी तरह का जांच अभियान जारी रहेगा। उन्होंने दुकानदारों और प्रतिष्ठान संचालकों से अपील की कि वे किसी भी बच्चे से मजदूरी न कराएं और श्रम कानूनों का पालन करें।







